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तेलंगाना को शिक्षा-खेल हब बनाएंगे: CM रेवंत रेड्डी ने ₹26,600 करोड़ के बजट और 27.50 लाख छात्रों को किट का किया ऐलान

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तेलंगाना को शिक्षा-खेल हब बनाएंगे: CM रेवंत रेड्डी ने ₹26,600 करोड़ के बजट और 27.50 लाख छात्रों को किट का किया ऐलान

सारांश

तेलंगाना CM रेवंत रेड्डी ने हैदराबाद के एलबी स्टेडियम से 27.50 लाख छात्रों को यंग इंडिया किट वितरित की, ₹26,600 करोड़ के शिक्षा बजट का जिक्र किया और ₹50.73 करोड़ की खेल परियोजनाओं की नींव रखी — तेलंगाना को देश का शिक्षा और खेल केंद्र बनाने के संकल्प के साथ।

मुख्य बातें

CM रेवंत रेड्डी ने 19 जून को एलबी स्टेडियम, हैदराबाद में 27.50 लाख छात्रों को यंग इंडिया छात्र किट वितरित करने की शुरुआत की।
वित्त वर्ष 2026-27 में शिक्षा पर ₹26,600 करोड़ खर्च, जो राज्य बजट का 8.5% है।
खेल बुनियादी ढाँचे के लिए ₹50.73 करोड़ की परियोजनाएँ — मिनी स्टेडियम ( ₹36.65 करोड़ ) और खेल अकादमियाँ ( ₹14.08 करोड़ )।
यंग इंडिया स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी और यंग इंडिया इंटीग्रेटेड रेजिडेंशियल स्कूल की स्थापना ओलंपिक पदक के लक्ष्य के साथ।
ITI को ATC में बदला गया; जर्मन और जापानी भाषा शिक्षा से विदेशी रोज़गार का मार्ग।
पिछली BRS सरकार पर 10 वर्षों में शिक्षा भत्ते न बढ़ाने और स्कूल बंद करने का आरोप।

तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने 19 जून को हैदराबाद के एलबी स्टेडियम में आयोजित एक बड़े कार्यक्रम में घोषणा की कि राज्य सरकार तेलंगाना को देश का प्रमुख शिक्षा और खेल केंद्र बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। इस अवसर पर उन्होंने राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल के साथ मिलकर 27.50 लाख छात्रों को यंग इंडिया छात्र किट वितरित करने की शुरुआत की और विभिन्न जिलों में खेल परिसरों की आधारशिला रखी।

यंग इंडिया स्कूल और स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी: नई पहल

मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने बताया कि यंग इंडिया इंटीग्रेटेड रेजिडेंशियल स्कूल और यंग इंडिया स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी की स्थापना शिक्षा में क्रांतिकारी बदलाव लाने और भविष्य में ओलंपिक पदक जीतने के दीर्घकालिक लक्ष्य के तहत की जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों को पुनर्जीवित कर प्री-प्राइमरी शिक्षा व्यवस्था शुरू की गई है और इन्हें निजी स्कूलों के समकक्ष प्रतिस्पर्धी बनाया जा रहा है।

उन्होंने दावा किया कि सरकारी स्कूलों में सीटों की माँग इतनी बढ़ गई है कि 'नो एडमिशन' बोर्ड लगाने की नौबत आ रही है — जो कुछ वर्ष पहले तक अकल्पनीय था।

शिक्षा बजट और खेल बुनियादी ढाँचे में निवेश

मुख्यमंत्री ने बताया कि वित्त वर्ष 2026-27 में शिक्षा क्षेत्र पर ₹26,600 करोड़ खर्च किए जा रहे हैं, जो राज्य के कुल बजट का 8.5 प्रतिशत है। उन्होंने इस व्यय को भावी पीढ़ियों में निवेश बताया।

खेल बुनियादी ढाँचे के विकास के लिए ₹50.73 करोड़ की परियोजनाओं की शुरुआत की गई। इनमें जिलों में मिनी स्टेडियमों के निर्माण और खेल सुविधाओं के विकास के लिए ₹36.65 करोड़ की परियोजनाओं की आधारशिला रखी गई। इसके अतिरिक्त गाचीबौली और एलबी स्टेडियम में लड़के-लड़कियों के लिए विभिन्न खेल अकादमियों का उद्घाटन किया गया, जिन पर ₹14.08 करोड़ की लागत आई है।

कौशल विकास और भाषा शिक्षा पर जोर

मुख्यमंत्री ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के बढ़ते प्रभाव को रोज़गार के लिए बड़ी चुनौती बताया और कहा कि सरकार युवाओं के लिए व्यापक कौशल विकास कार्यक्रम चला रही है। युवाओं को विदेशों में रोज़गार दिलाने के उद्देश्य से अंग्रेज़ी के साथ-साथ जर्मन और जापानी भाषा की शिक्षा भी उपलब्ध कराई जा रही है।

उन्होंने बताया कि औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI) को एडवांस्ड टेक्नोलॉजी सेंटर (ATC) में रूपांतरित किया गया है और युवाओं की प्रतिभा को निखारने के लिए एक स्किल यूनिवर्सिटी भी स्थापित की गई है।

पिछली BRS सरकार पर निशाना, विपक्ष को जवाब

रेवंत रेड्डी ने राज्य में शिक्षा व्यवस्था की गिरावट के लिए पिछली भारत राष्ट्र समिति (BRS) सरकार को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि पिछले 10 वर्षों में शिक्षा से जुड़े भत्तों और सुविधाओं में कोई वृद्धि नहीं हुई और कई सरकारी स्कूल बंद कर दिए गए थे, जिन्हें अब दोबारा खोला गया है।

कैबिनेट में अलग शिक्षा मंत्री न होने पर विपक्ष की आलोचना का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने यह विभाग इसलिए अपने पास रखा है ताकि शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार सुनिश्चित किया जा सके और गरीब वर्गों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।

आगे की राह

कार्यक्रम में राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने छात्रों को नशामुक्ति की शपथ भी दिलाई। मुख्यमंत्री ने सामाजिक कल्याण संस्थानों के छात्रों से आह्वान किया कि वे डॉक्टर, IAS, IPS अधिकारी और राजनीतिक नेता बनकर तेलंगाना के पुनर्निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएँ। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में शिक्षा सुधार एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बना हुआ है और आगामी समय में इन घोषणाओं के क्रियान्वयन पर सबकी नज़रें टिकी रहेंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

600 करोड़ का शिक्षा बजट और यंग इंडिया जैसी महत्वाकांक्षी योजनाएँ तेलंगाना में एक नई राजनीतिक दिशा का संकेत देती हैं, लेकिन असली कसौटी क्रियान्वयन है। BRS पर 10 वर्षों की निष्क्रियता का आरोप लगाना राजनीतिक दृष्टि से सुविधाजनक है, परंतु कांग्रेस सरकार के डेढ़ वर्ष में इन सुधारों की ज़मीनी पहुँच अभी सत्यापन की माँग करती है। ओलंपिक पदक का लक्ष्य प्रेरक है, किंतु खेल अकादमियों की सफलता दीर्घकालिक कोचिंग निवेश और चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर निर्भर करेगी — जिसका ब्यौरा अभी सामने नहीं आया है।
RashtraPress
4 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तेलंगाना को शिक्षा और खेल हब बनाने की योजना क्या है?
CM रेवंत रेड्डी ने यंग इंडिया इंटीग्रेटेड रेजिडेंशियल स्कूल और यंग इंडिया स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी की स्थापना के साथ तेलंगाना को देश का प्रमुख शिक्षा और खेल केंद्र बनाने का संकल्प लिया है। वित्त वर्ष 2026-27 में इसके लिए ₹26,600 करोड़ का बजट आवंटित किया गया है।
यंग इंडिया छात्र किट क्या है और किसे मिलेगी?
यंग इंडिया छात्र किट राज्य सरकार की ओर से तेलंगाना के 27.50 लाख छात्रों को वितरित की जा रही है। इसका उद्घाटन 19 जून को एलबी स्टेडियम, हैदराबाद में राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल और CM रेवंत रेड्डी ने संयुक्त रूप से किया।
तेलंगाना में खेल बुनियादी ढाँचे पर कितना खर्च होगा?
राज्य सरकार ने खेल बुनियादी ढाँचे के लिए ₹50.73 करोड़ की परियोजनाएँ शुरू की हैं। इनमें जिलों में मिनी स्टेडियमों के लिए ₹36.65 करोड़ और गाचीबौली व एलबी स्टेडियम में खेल अकादमियों के लिए ₹14.08 करोड़ शामिल हैं।
तेलंगाना में ITI को ATC में क्यों बदला जा रहा है?
कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के कारण बढ़ती बेरोज़गारी से निपटने के लिए औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI) को एडवांस्ड टेक्नोलॉजी सेंटर (ATC) में रूपांतरित किया गया है। इसके साथ ही एक स्किल यूनिवर्सिटी भी स्थापित की गई है और विदेशी रोज़गार के लिए जर्मन व जापानी भाषा शिक्षा भी दी जा रही है।
CM रेवंत रेड्डी ने पिछली BRS सरकार पर क्या आरोप लगाए?
रेवंत रेड्डी ने कहा कि BRS सरकार के 10 वर्षों के कार्यकाल में शिक्षा भत्तों और सुविधाओं में कोई वृद्धि नहीं हुई और कई सरकारी स्कूल बंद कर दिए गए। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार बनते ही इन मदों में बढ़ोतरी की गई और बंद स्कूलों को फिर से खोला गया।
राष्ट्र प्रेस
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