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तेलंगाना: छात्र फीस प्रतिपूर्ति की मांग पर BJP प्रदेश अध्यक्ष रामचंदर राव हिरासत में, 40 लाख छात्र प्रभावित

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तेलंगाना: छात्र फीस प्रतिपूर्ति की मांग पर BJP प्रदेश अध्यक्ष रामचंदर राव हिरासत में, 40 लाख छात्र प्रभावित

सारांश

तेलंगाना में ₹15,000 करोड़ की लंबित छात्र फीस प्रतिपूर्ति की मांग BJP के लिए सड़क पर उतरने का कारण बन गई। प्रदेश अध्यक्ष रामचंदर राव समेत कई वरिष्ठ नेता हिरासत में लिए गए। 40 लाख छात्रों की आवाज और बंद सचिवालय का दरवाज़ा — यह टकराव अभी खत्म नहीं हुआ।

मुख्य बातें

BJP प्रदेश अध्यक्ष रामचंदर राव को 3 सितंबर को तेलंगाना सचिवालय के बाहर प्रदर्शन के दौरान हैदराबाद पुलिस ने हिरासत में लिया।
BJP विधायक दल के नेता एलेटी महेश्वर रेड्डी और सांसद डी.के.
अरुणा भी हिरासत में लिए गए।
प्रदर्शन का कारण: राज्य में लंबित ₹15,000 करोड़ की छात्र फीस प्रतिपूर्ति राशि, जिससे कथित तौर पर 40 लाख छात्र प्रभावित हैं।
BJP ने 31 अगस्त को मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी से मुलाकात का समय माँगा था, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।
राव ने एक्स पर आरोप लगाया कि सरकार ने '40 लाख छात्रों की आवाज को गिरफ्तार' किया; आंदोलन जारी रखने का ऐलान।

हैदराबाद पुलिस ने गुरुवार, 3 सितंबर को तेलंगाना सचिवालय के बाहर प्रदर्शन कर रहे भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदेश अध्यक्ष रामचंदर राव और पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं को हिरासत में ले लिया। यह प्रदर्शन राज्य में लंबित छात्र फीस प्रतिपूर्ति की करीब ₹15,000 करोड़ की राशि जारी करने की मांग को लेकर किया जा रहा था, जिससे कथित तौर पर राज्य के लगभग 40 लाख छात्र प्रभावित हैं।

मुख्य घटनाक्रम

BJP नेताओं ने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी को ज्ञापन सौंपने के लिए सचिवालय में प्रवेश की अनुमति माँगी थी। जब पुलिस ने सचिवालय के मुख्य द्वार पर ही BJP नेताओं और भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) के कार्यकर्ताओं को रोक दिया, तो प्रदर्शनकारी पीछे हटने को तैयार नहीं हुए।

स्थिति तब तनावपूर्ण हो गई जब कुछ कार्यकर्ताओं ने बंद गेट पर चढ़ने की कोशिश की, जिसके बाद सुरक्षाकर्मियों और प्रदर्शनकारियों के बीच हल्की धक्का-मुक्की हुई। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए रामचंदर राव, BJP विधायक दल के नेता एलेटी महेश्वर रेड्डी और सांसद डी.के. अरुणा समेत कई नेताओं को हिरासत में ले लिया।

किसे कहाँ ले जाया गया

रामचंदर राव को चिक्कडपल्ली पुलिस स्टेशन ले जाया गया, जबकि सांसद डी.के. अरुणा को गांधी नगर पुलिस स्टेशन भेजा गया। अन्य नेताओं और कार्यकर्ताओं को भी अलग-अलग थानों में ले जाया गया।

BJP का पक्ष और आरोप

हिरासत में लिए जाने के बाद रामचंदर राव ने कहा कि जब तक लंबित फीस प्रतिपूर्ति की पूरी राशि जारी नहीं होती, BJP का आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार ने '40 लाख छात्रों की आवाज को गिरफ्तार कर लिया है' और छात्रों के अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प दोहराया।

राव ने यह भी बताया कि इस मुद्दे पर वे पहले भूख हड़ताल कर चुके हैं, मुख्यमंत्री को पत्र लिख चुके हैं और छात्रों से 8 लाख हस्ताक्षर भी एकत्र किए हैं। उनके अनुसार, उन्होंने 31 अगस्त को मुख्यमंत्री से मुलाकात के लिए समय माँगा था ताकि छात्रों की ओर से ज्ञापन सौंपा जा सके, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।

आम जनता और छात्रों पर असर

BJP के दावे के अनुसार, फीस प्रतिपूर्ति की करीब ₹15,000 करोड़ की लंबित राशि न मिलने से राज्य के लगभग 40 लाख छात्र प्रभावित हैं। यह योजना आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्गों के छात्रों के लिए उच्च शिक्षा को सुलभ बनाने हेतु बनाई गई थी। गौरतलब है कि यह मुद्दा तेलंगाना में लंबे समय से राजनीतिक विवाद का केंद्र रहा है।

क्या होगा आगे

BJP नेताओं ने स्पष्ट कर दिया है कि राज्य सरकार द्वारा राशि जारी किए जाने तक उनका आंदोलन रुकने वाला नहीं है। यह ऐसे समय में आया है जब तेलंगाना में कांग्रेस सरकार और विपक्षी दलों के बीच कई मुद्दों पर तनातनी चल रही है। आने वाले दिनों में BJP की ओर से और बड़े प्रदर्शनों की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

संपादकीय दृष्टिकोण

000 करोड़ की लंबित राशि और 40 लाख प्रभावित छात्रों का आँकड़ा, यदि सही है, तो यह राज्य के बजटीय प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े करता है। आलोचकों का कहना है कि BJP का यह आंदोलन विपक्षी राजनीति से प्रेरित है, लेकिन मुख्यधारा की कवरेज यह नज़रअंदाज़ करती है कि छात्र फीस प्रतिपूर्ति की समस्या पिछली सरकारों के दौर में भी बनी रही थी। असली परीक्षा यह है कि क्या राज्य सरकार इस राशि को जारी करने का ठोस रोडमैप देती है, या यह मुद्दा अगले चुनाव तक राजनीतिक हथियार बना रहता है।
RashtraPress
3 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तेलंगाना में BJP प्रदेश अध्यक्ष रामचंदर राव को क्यों हिरासत में लिया गया?
रामचंदर राव को 3 सितंबर को हैदराबाद में तेलंगाना सचिवालय के बाहर छात्र फीस प्रतिपूर्ति की लंबित राशि जारी करने की मांग को लेकर प्रदर्शन करने पर हिरासत में लिया गया। पुलिस ने उन्हें और अन्य BJP नेताओं को सचिवालय में प्रवेश नहीं करने दिया, जिसके बाद धक्का-मुक्की की स्थिति बनी और हिरासत हुई।
तेलंगाना में लंबित छात्र फीस प्रतिपूर्ति का मामला क्या है?
BJP के दावे के अनुसार, तेलंगाना राज्य सरकार पर छात्र फीस प्रतिपूर्ति योजना के तहत करीब ₹15,000 करोड़ की राशि बकाया है, जिससे लगभग 40 लाख छात्र प्रभावित हैं। यह योजना आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्गों के छात्रों को उच्च शिक्षा में सहायता देने के लिए बनाई गई थी।
BJP ने इस मुद्दे पर पहले क्या कदम उठाए थे?
BJP प्रदेश अध्यक्ष रामचंदर राव के अनुसार, वे इस मुद्दे पर पहले भूख हड़ताल कर चुके हैं, मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी को पत्र लिख चुके हैं और छात्रों से 8 लाख हस्ताक्षर एकत्र कर चुके हैं। उन्होंने 31 अगस्त को मुख्यमंत्री से मुलाकात का समय भी माँगा था, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।
इस हिरासत के बाद BJP का क्या रुख है?
रामचंदर राव ने स्पष्ट कहा है कि जब तक लंबित फीस प्रतिपूर्ति की पूरी राशि जारी नहीं होती, BJP का आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने एक्स पर यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार ने '40 लाख छात्रों की आवाज को गिरफ्तार' किया है।
हिरासत में लिए गए अन्य प्रमुख BJP नेता कौन थे?
रामचंदर राव के अलावा BJP विधायक दल के नेता एलेटी महेश्वर रेड्डी और सांसद डी.के. अरुणा को भी हिरासत में लिया गया। राव को चिक्कडपल्ली पुलिस स्टेशन और अरुणा को गांधी नगर पुलिस स्टेशन ले जाया गया।
राष्ट्र प्रेस
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