दिल्ली छात्र प्रदर्शन पर BJP का पलटवार: तेलंगाना अध्यक्ष बोले — AAP और इंडिया गठबंधन ने भड़काया आंदोलन
सारांश
मुख्य बातें
तेलंगाना भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदेश अध्यक्ष एन. रामचंद्र राव ने 21 जुलाई को विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि नई दिल्ली में संसद के निकट हुआ छात्र विरोध प्रदर्शन राजनीतिक कारणों से प्रेरित था और इसे अति-वामपंथी गुटों, आम आदमी पार्टी (AAP) तथा इंडिया गठबंधन के सहयोगी दलों ने हवा दी। उनका कहना है कि इस प्रदर्शन में शामिल कई प्रदर्शनकारियों को स्वयं यह स्पष्ट नहीं था कि वे किन मुद्दों को लेकर सड़क पर उतरे हैं।
मुख्य आरोप: प्रदर्शन था 'राजनीति-प्रेरित'
एन. रामचंद्र राव ने कहा कि सोमवार को संसद के पास हुआ विरोध प्रदर्शन किसी ठोस और स्पष्ट मुद्दे पर आधारित नहीं था। उनके अनुसार, भीड़ तो जुटाई गई, लेकिन प्रदर्शनकारियों के बीच मुद्दों को लेकर कोई एकरूपता नहीं थी। उन्होंने आरोप लगाया कि यह आंदोलन उन दलों द्वारा प्रायोजित था जो वर्तमान में सत्ता से बाहर हैं और इसी हताशा में उन्होंने छात्रों को राजनीतिक मोहरा बनाया।
KTR और BRS पर निशाना
तेलंगाना BJP अध्यक्ष ने भारत राष्ट्र समिति (BRS) के नेता के. टी. रामाराव (KTR) को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि KTR शिक्षा व्यवस्था और बेरोज़गारी को इस प्रदर्शन का कारण बता रहे हैं, लेकिन उन्हें इन विषयों पर बोलने का नैतिक अधिकार नहीं है। रामचंद्र राव का आरोप है कि BRS सरकार के कार्यकाल में ग्रुप-1 और अन्य श्रेणी की भर्तियाँ नहीं हुईं और युवाओं को पर्याप्त रोज़गार के अवसर नहीं मिले — केवल पुलिस कांस्टेबलों की भर्ती को छोड़कर। उन्होंने कहा कि उस दौर में शिक्षा व्यवस्था की स्थिति भी खराब रही और अब वही लोग शिक्षा व रोज़गार के मुद्दे उठा रहे हैं।
UP मंत्री ओपी राजभर की प्रतिक्रिया
उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री ओ. पी. राजभर ने भी इस प्रदर्शन को लेकर विपक्ष पर हमला बोला। उन्होंने कहा, 'ये तो विपक्ष की तरफ से प्री-प्लानिंग प्रोटेस्ट था। जब वो नीट के छात्रों का प्रदर्शन था, तो वहां भारत विरोधी नारे क्यों लग रहे थे? प्रधानमंत्री के खिलाफ क्या-क्या बयान लोगों ने दिया और अगर वो नीट के छात्र थे, तो उस प्रदर्शन में आम आदमी पार्टी के संजय सिंह को जाने की क्या जरूरत थी। प्रदर्शन में डिंपल यादव को जाने की क्या जरूरत थी? आजाद समाज पार्टी, समाजवादी पार्टी, आम आदमी पार्टी के तमाम नेता छात्रों के बीच जाकर वहां देशविरोधी नारे लगा रहे हैं।'
सरकार का रुख: वास्तविक मुद्दों पर विचार होगा
हालांकि, एन. रामचंद्र राव ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि छात्रों से जुड़ा कोई वास्तविक मुद्दा है, तो सरकार उस पर अवश्य विचार करेगी और समाधान की दिशा में प्रयास करेगी। यह बयान ऐसे समय में आया है जब NEET परीक्षा विवाद को लेकर देशभर में छात्रों में असंतोष देखा जा रहा है और विपक्ष इसे केंद्र सरकार के विरुद्ध एक बड़े मुद्दे के रूप में उठाने की कोशिश कर रहा है।
राजनीतिक संदर्भ
गौरतलब है कि यह प्रदर्शन ऐसे दौर में हुआ जब संसद का मानसून सत्र चल रहा है और विपक्ष NEET पेपर लीक तथा बेरोज़गारी के मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति बना रहा है। BJP नेताओं का यह पलटवार स्पष्ट करता है कि सत्तारूढ़ दल इन आरोपों को राजनीतिक प्रेरित बताकर खारिज करने की रणनीति अपना रहा है। आने वाले दिनों में यह विवाद और गहरा हो सकता है क्योंकि दोनों पक्ष अपनी-अपनी स्थिति पर अडिग हैं।