24 अगस्त 2026
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तेलंगाना: ₹15,000 करोड़ शुल्क प्रतिपूर्ति बकाया पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष की 48 घंटे भूख हड़ताल, 40 लाख छात्र प्रभावित

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तेलंगाना: ₹15,000 करोड़ शुल्क प्रतिपूर्ति बकाया पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष की 48 घंटे भूख हड़ताल, 40 लाख छात्र प्रभावित

सारांश

तेलंगाना भाजपा अध्यक्ष रामचंद्र राव की 48 घंटे की भूख हड़ताल महज़ एक विरोध नहीं — यह ₹15,000 करोड़ के उस बकाए पर सीधा टकराव है जिसने 40 लाख छात्रों के प्रमाण पत्र और करियर को जाम कर दिया है। सरकार और विपक्ष दोनों एक-दूसरे पर ज़िम्मेदारी थोप रहे हैं, बीच में फँसे हैं छात्र।

मुख्य बातें

तेलंगाना भाजपा अध्यक्ष एन.
रामचंद्र राव ने 24 अगस्त को हैदराबाद में 48 घंटे की भूख हड़ताल शुरू की।
माँग है कि कांग्रेस सरकार लंबित ₹15,000 करोड़ की शुल्क प्रतिपूर्ति राशि तत्काल जारी करे।
भाजपा के अनुसार बकाया राशि न मिलने से 40 लाख छात्रों के प्रमाण पत्र रुके हैं और भविष्य अनिश्चित है।
मंत्री पोनम प्रभाकर ने आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया; पिछली बीआरएस सरकार की देनदारियों का हवाला दिया।
सरकार ने चालू सत्र से SC, ST, BC और अल्पसंख्यक छात्रों को बैंकों के ज़रिए अग्रिम फीस रिम्बर्समेंट देने की घोषणा की।

तेलंगाना भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एन. रामचंद्र राव ने सोमवार, 24 अगस्त को हैदराबाद में 48 घंटे की भूख हड़ताल शुरू की। उनकी माँग है कि राज्य की कांग्रेस सरकार लंबित शुल्क प्रतिपूर्ति (फीस रिम्बर्समेंट) की ₹15,000 करोड़ की बकाया राशि तत्काल जारी करे, जिसके न मिलने से कथित तौर पर 40 लाख छात्रों का भविष्य अधर में लटका हुआ है।

मुख्य घटनाक्रम

भाजपा नेता रामचंद्र राव का आरोप है कि शैक्षणिक संस्थानों ने फीस रिम्बर्समेंट की राशि लंबित रहने के कारण छात्रों के प्रमाण पत्र (सर्टिफिकेट) रोक रखे हैं। उनके अनुसार, इस कारण लाखों छात्र न तो उच्च शिक्षा हासिल कर पा रहे हैं और न ही रोज़गार के अवसर प्राप्त कर पा रहे हैं।

रामचंद्र राव ने कहा, 'यह सरकार छात्रों और युवाओं से किए गए लगभग हर बड़े वादे को पूरा करने में पूरी तरह विफल रही है। कांग्रेस सरकार की लापरवाही और गैर-जिम्मेदाराना रवैये के कारण तेलंगाना की शिक्षा व्यवस्था गहरे संकट में पहुँच गई है। लाखों छात्रों की पढ़ाई, रोज़गार और भविष्य अनिश्चित हो गया है।'

राहुल गांधी को सीधी चुनौती

भाजपा नेता ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को भी सीधी चुनौती दी। उन्होंने कहा, 'अगर राहुल गांधी में सच में हिम्मत है और अगर उन्हें छात्रों के भविष्य की उतनी ही चिंता है, जितनी वे हाल के दिनों में जताते रहे हैं, तो उन्हें तेलंगाना आकर अपनी कांग्रेस सरकार से लंबित फीस रिम्बर्समेंट राशि जारी करवानी चाहिए।'

रामचंद्र राव ने यह भी कहा कि तेलंगाना के युवा अब कांग्रेस सरकार के खिलाफ संघर्ष के लिए आगे आ चुके हैं और भाजपा तब तक आंदोलन जारी रखेगी जब तक हर छात्र को न्याय नहीं मिलता।

सरकार की प्रतिक्रिया

तेलंगाना के परिवहन एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री पोनम प्रभाकर ने भाजपा के आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि रामचंद्र राव केवल अपनी राजनीतिक प्रासंगिकता बनाए रखने के लिए फीस रिम्बर्समेंट का मुद्दा उठा रहे हैं।

मंत्री ने पलटवार करते हुए कहा, 'अगर आपमें हिम्मत है तो दिल्ली से फंड लेकर आइए। अगर आपकी मंशा साफ है तो मैं आपको चुनौती देता हूँ कि केंद्र सरकार की ओर से तेलंगाना को मिलने वाली राशि दिल्ली से लेकर आएं।' उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या भाजपा शासित किसी राज्य में फीस रिम्बर्समेंट जैसी योजना लागू है।

पिछली सरकार पर आरोप और नई व्यवस्था

मंत्री पोनम प्रभाकर ने स्पष्ट किया कि मौजूदा कांग्रेस सरकार, पिछली भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) सरकार द्वारा लंबित छोड़ी गई पुरानी देनदारियों का भुगतान कर रही है। उन्होंने बताया कि चालू शैक्षणिक सत्र से सरकार अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), पिछड़ा वर्ग (BC) और अल्पसंख्यक समुदाय के छात्रों को बैंकों के माध्यम से अग्रिम फीस रिम्बर्समेंट उपलब्ध कराएगी।

यह ऐसे समय में आया है जब तेलंगाना में शिक्षा क्षेत्र की वित्तीय स्थिति को लेकर विभिन्न दलों के बीच लंबे समय से तनातनी चल रही है। गौरतलब है कि कल्याण छात्रावासों के लिए भी ग्रीन चैनल के ज़रिए धनराशि जारी किए जाने की बात कही गई है।

आगे क्या होगा

भाजपा की 48 घंटे की भूख हड़ताल 26 अगस्त तक जारी रहने की संभावना है। रामचंद्र राव ने साफ कर दिया है कि जब तक सरकार बकाया ₹15,000 करोड़ की राशि जारी नहीं करती, पार्टी का आंदोलन थमेगा नहीं। राज्य सरकार और विपक्ष के बीच यह टकराव आने वाले दिनों में और तेज़ होने के संकेत हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन छात्रों के रुके प्रमाण पत्र और बंद करियर एक ठोस हकीकत हैं जिसे नकारना मुश्किल है। असली सवाल यह है कि ₹15,000 करोड़ की राशि आखिर किसकी ज़िम्मेदारी है — केंद्र, राज्य या पिछली सरकार — और इस जवाबदेही की अनुपस्थिति में सबसे बड़ा नुकसान उन छात्रों का हो रहा है जो न पढ़ पा रहे हैं, न नौकरी पा रहे हैं।
RashtraPress
24 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तेलंगाना में शुल्क प्रतिपूर्ति (फीस रिम्बर्समेंट) विवाद क्या है?
तेलंगाना सरकार पर SC, ST, BC और अल्पसंख्यक छात्रों की ₹15,000 करोड़ की शुल्क प्रतिपूर्ति राशि बकाया होने का आरोप है। भाजपा के अनुसार इस बकाए के कारण शैक्षणिक संस्थानों ने 40 लाख छात्रों के प्रमाण पत्र रोक रखे हैं, जिससे उनकी उच्च शिक्षा और रोज़गार के अवसर प्रभावित हो रहे हैं।
एन. रामचंद्र राव ने भूख हड़ताल क्यों शुरू की?
तेलंगाना भाजपा अध्यक्ष एन. रामचंद्र राव ने 24 अगस्त को 48 घंटे की भूख हड़ताल इसलिए शुरू की क्योंकि उनके अनुसार राज्य की कांग्रेस सरकार लंबित ₹15,000 करोड़ की फीस रिम्बर्समेंट राशि जारी करने में विफल रही है। उन्होंने इसे छात्रों के भविष्य के साथ धोखा बताया।
तेलंगाना सरकार ने फीस बकाए पर क्या कहा?
मंत्री पोनम प्रभाकर ने कहा कि मौजूदा सरकार पिछली बीआरएस सरकार की छोड़ी देनदारियाँ चुका रही है। उन्होंने घोषणा की कि चालू शैक्षणिक सत्र से SC, ST, BC और अल्पसंख्यक छात्रों को बैंकों के माध्यम से अग्रिम फीस रिम्बर्समेंट दी जाएगी।
इस विवाद से कितने छात्र प्रभावित हैं?
भाजपा के दावे के अनुसार तेलंगाना में लगभग 40 लाख छात्र इस बकाए से प्रभावित हैं। इन छात्रों के प्रमाण पत्र शैक्षणिक संस्थानों ने रोक रखे हैं, जिससे वे न उच्च शिक्षा ले पा रहे हैं और न नौकरी हासिल कर पा रहे हैं।
भाजपा ने राहुल गांधी को चुनौती क्यों दी?
रामचंद्र राव ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को तेलंगाना आकर अपनी कांग्रेस सरकार से लंबित फीस रिम्बर्समेंट राशि जारी करवाने की चुनौती दी। उनका कहना था कि अगर राहुल गांधी को छात्रों की वास्तविक चिंता है तो उन्हें इस मुद्दे पर सीधे हस्तक्षेप करना चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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