भारत के FTA नेटवर्क से कवर होगा 75% वैश्विक व्यापार, सेमीकंडक्टर क्षेत्र के लिए दो महीने में नए नियम: पीयूष गोयल
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने 24 अगस्त 2026 को टोक्यो में भारत-जापान उद्योग प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत के मुक्त व्यापार समझौते (FTA) नेटवर्क का विस्तार होने पर यह वैश्विक व्यापार के लगभग 75 प्रतिशत हिस्से को कवर करेगा। इसके साथ ही उन्होंने घोषणा की कि सेमीकंडक्टर और ऑटो कंपोनेंट विनिर्माण क्षेत्र के लिए दो महीनों के भीतर नए नियम और नियामकीय बदलाव लाए जाएंगे।
FTA नेटवर्क की मौजूदा स्थिति और विस्तार योजना
गोयल ने बताया कि भारत ने पिछले चार वर्षों में नौ मुक्त व्यापार समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं, जो लगभग 60 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्थाओं और 38 विकसित देशों को कवर करते हैं। इसके अतिरिक्त जापान, दक्षिण कोरिया और आसियान देशों के साथ पहले से मौजूद व्यापार समझौते करीब 10 ट्रिलियन डॉलर की अतिरिक्त अर्थव्यवस्थाओं तक पहुंच प्रदान करते हैं।
वर्तमान में भारत के व्यापार समझौते दुनिया की लगभग 70 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के लिए वरीयता प्राप्त बाजार पहुंच उपलब्ध करा रहे हैं। गोयल ने कहा कि भारत इस समय आठ से नौ देशों और देश समूहों के साथ नए FTA पर बातचीत कर रहा है, जिनकी संयुक्त GDP लगभग 15 ट्रिलियन डॉलर है। इन वार्ताओं के सफल होने के बाद FTA नेटवर्क का दायरा वैश्विक व्यापार के 75 प्रतिशत तक पहुंच जाएगा।
मंत्री के अहम बयान
टोक्यो में निक्केई एशिया के साथ आयोजित एक विशेष संवाद में गोयल ने कहा, 'हमारे मुक्त व्यापार समझौतों के जरिए वैश्विक व्यापार का लगभग 75 प्रतिशत हिस्सा कवर होगा। इससे भारत एक भरोसेमंद भागीदार के रूप में वैश्विक मूल्य शृंखलाओं का महत्वपूर्ण हिस्सा बन सकेगा।'
यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक आपूर्ति शृंखलाएं पुनर्गठित हो रही हैं और कई बहुराष्ट्रीय कंपनियां चीन पर निर्भरता कम करने के लिए वैकल्पिक विनिर्माण केंद्रों की तलाश में हैं।
सेमीकंडक्टर और ऑटो कंपोनेंट के लिए नए नियमों की घोषणा
गोयल ने बताया कि कई वैश्विक सेमीकंडक्टर और ऑटो कंपोनेंट निर्माता भारत में उत्पादन इकाइयां स्थापित करने की योजना बना रहे हैं और उन्होंने कुछ नीतिगत एवं नियामकीय मुद्दे सरकार के सामने रखे हैं। उन्होंने उद्योग प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि अगले दो महीनों के भीतर भारत नियमों में आवश्यक संशोधन करेगा और नए प्रावधान लाएगा।
गोयल ने कहा, 'मैंने उद्योग प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया है कि अगले दो महीनों के भीतर भारत नियमों में आवश्यक संशोधन करेगा और नए प्रावधान लाएगा, ताकि उनकी मांगों का समाधान हो सके और भारत में विनिर्माण स्थापित करने में उन्हें किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े।'
वैश्विक मूल्य शृंखला में भारत की बढ़ती भूमिका
गौरतलब है कि भारत पिछले कुछ वर्षों में इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मास्यूटिकल्स और रक्षा उपकरण जैसे क्षेत्रों में वैश्विक आपूर्ति शृंखला में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। विस्तृत FTA नेटवर्क और सेमीकंडक्टर क्षेत्र के लिए अनुकूल नियामकीय माहौल बनाना इसी रणनीति का हिस्सा है।
आने वाले महीनों में नए नियमों के लागू होने और FTA वार्ताओं की प्रगति पर उद्योग जगत और निवेशकों की नजर बनी रहेगी।