24 अगस्त 2026
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JPSC-JSSC भर्ती सुधार यात्रा: देवेंद्र महतो ने शिबू सोरेन के पैतृक गांव नेमरा से अभियान शुरू किया

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JPSC-JSSC भर्ती सुधार यात्रा: देवेंद्र महतो ने शिबू सोरेन के पैतृक गांव नेमरा से अभियान शुरू किया

सारांश

झारखंड में JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता की मांग को लेकर जेएलकेएम नेता देवेंद्र महतो ने शिबू सोरेन के पैतृक गांव नेमरा से 24 जिलों की यात्रा शुरू की। ग्रामीणों के विरोध के बीच शुरू हुई यह यात्रा राज्य के युवाओं को एकजुट करने का प्रयास है।

मुख्य बातें

देवेंद्र नाथ महतो ने 24 अगस्त को रामगढ़ जिले के नेमरा गांव से 'जेपीएससी-जेएसएसी भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा' की शुरुआत की।
यात्रा झारखंड के सभी 24 जिलों में जाएगी; युवाओं और छात्रों के साथ बैठकें व सभाएं होंगी।
यात्रा का उद्देश्य JPSC और JSSC परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करना और पेपर लीक, धांधली जैसी शिकायतें खत्म कराना है।
नेमरा के स्थानीय ग्रामीणों ने तीर-धनुष और लाठियों के साथ महतो के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।
महतो ने कहा — सरकार की लिखित गारंटी मिलने तक युवाओं का अभियान जारी रहेगा।

झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) के नेता देवेंद्र नाथ महतो ने 24 अगस्त 2026 को रामगढ़ जिले के नेमरा गांव से 'जेपीएससी-जेएसएसी भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा' का आगाज़ किया। यह गांव मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और दिवंगत पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन का पैतृक गांव है। इस यात्रा का उद्देश्य झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित कराना और पेपर लीक, धांधली तथा पैरवी जैसी शिकायतों को समाप्त करना है।

यात्रा की शुरुआत और पारंपरिक अनुष्ठान

यात्रा के शुभारंभ से पहले देवेंद्र महतो और उनके समर्थकों ने नेमरा के लुकैया टांड में स्थापित शिबू सोरेन की प्रतिमा के समक्ष पारंपरिक रीति-रिवाज के साथ पूजा-अर्चना की। मांदर की थाप के बीच राष्ट्रगान गाया गया और सखुआ का पौधा लगाया गया — जो झारखंड की आदिवासी संस्कृति में विशेष महत्व रखता है। इसके बाद महतो और उनके साथी एक बस पर सवार होकर यात्रा पर निकले।

यात्रा का लक्ष्य और कार्यक्रम

महतो ने मीडिया से बातचीत में कहा, 'हम झारखंड के पुरोधा दिशोम गुरु शिबू सोरेन सहित राज्य के शहीदों और महापुरुषों को नमन करते हुए भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और न्याय सुनिश्चित करने की मांग के साथ यह यात्रा शुरू कर रहे हैं।' यह यात्रा प्रदेश के सभी 24 जिलों में जाएगी, जहाँ युवाओं और छात्रों के साथ बैठकें और सभाएं आयोजित की जाएंगी। नेमरा से शुरू होकर यात्रा सोमवार को रामगढ़ होते हुए हजारीबाग के लिए रवाना हुई।

ग्रामीणों का विरोध प्रदर्शन

यात्रा की शुरुआत से पहले नेमरा गांव में स्थानीय ग्रामीणों ने देवेंद्र महतो के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीण पारंपरिक हथियार — तीर-धनुष, कुल्हाड़ी और लाठियां — लेकर सड़क पर उतरे। ग्रामीणों का आरोप था कि महतो राजनीतिक लाभ के लिए गांव का माहौल खराब करने आ रहे हैं। यह विरोध उल्लेखनीय है क्योंकि यात्रा उसी गांव से शुरू की गई जो सत्तारूढ़ दल के सर्वोच्च नेताओं का पैतृक स्थल है।

युवाओं की मांग और आगे की राह

महतो ने स्पष्ट किया कि जब तक राज्य सरकार प्रतियोगी परीक्षाओं की शुचिता को लेकर लिखित गारंटी नहीं देती, तब तक युवाओं का यह अभियान जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि इस अभियान के ज़रिए गांवों और शहरों को जोड़ा जाएगा और राज्य के सभी 24 जिलों के छात्रों को एकजुट किया जाएगा। यह ऐसे समय में आया है जब झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं को लेकर युवाओं में व्यापक असंतोष है और JPSC व JSSC की विश्वसनीयता पर सवाल उठते रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

या केवल चुनावी जमीन तैयार करने का माध्यम बनकर रह जाएगी — जैसा कि ग्रामीणों के आरोप भी संकेत करते हैं। झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताएं कोई नई बात नहीं हैं, और इससे पहले भी कई आंदोलन उठे जो सरकारी आश्वासनों की भेंट चढ़ गए। बिना किसी ठोस जवाबदेही तंत्र की मांग के, यह यात्रा भी उसी लंबी कतार में शामिल होने का जोखिम उठाती है।
RashtraPress
24 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जेपीएससी-जेएसएसी भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा क्या है?
यह जेएलकेएम नेता देवेंद्र नाथ महतो द्वारा 24 अगस्त को रामगढ़ जिले के नेमरा गांव से शुरू की गई एक जन-जागरण यात्रा है, जिसका उद्देश्य JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करना और पेपर लीक व धांधली जैसी शिकायतों को खत्म कराना है। यात्रा झारखंड के सभी 24 जिलों में जाएगी।
देवेंद्र महतो ने नेमरा गांव को ही यात्रा का शुरुआती बिंदु क्यों चुना?
नेमरा गांव मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और दिवंगत पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन का पैतृक गांव है। महतो ने इस स्थान से यात्रा शुरू कर सत्तारूढ़ दल के नेतृत्व को सीधे संदेश देने का प्रयास किया है कि भर्ती सुधार की मांग उन्हीं के गढ़ से उठ रही है।
ग्रामीणों ने देवेंद्र महतो का विरोध क्यों किया?
नेमरा के स्थानीय ग्रामीणों ने तीर-धनुष, कुल्हाड़ी और लाठियां लेकर सड़क पर विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का आरोप था कि महतो राजनीतिक लाभ के लिए गांव का माहौल खराब करने आ रहे हैं।
इस यात्रा से झारखंड के युवाओं को क्या फायदा होगा?
यात्रा का लक्ष्य राज्य के सभी 24 जिलों के छात्रों और युवाओं को JPSC व JSSC सुधार की मांग पर एकजुट करना है। महतो ने कहा है कि जब तक सरकार प्रतियोगी परीक्षाओं की शुचिता को लेकर लिखित गारंटी नहीं देती, तब तक यह अभियान जारी रहेगा।
यात्रा का अगला पड़ाव कहाँ है?
नेमरा से शुरू होकर यात्रा सोमवार को रामगढ़ होते हुए हजारीबाग के लिए रवाना हुई। इसके बाद यह क्रमशः सभी 24 जिलों में जाएगी जहाँ स्थानीय युवाओं के साथ बैठकें और सभाएं आयोजित की जाएंगी।
राष्ट्र प्रेस
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