15 अगस्त 2026
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रांची में JPSC-JSSC छात्र आंदोलन: तिरंगा यात्रा निकाली, अनशनकारी देवेंद्र और हबीबा को पुलिस ने अस्पताल में रोका

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रांची में JPSC-JSSC छात्र आंदोलन: तिरंगा यात्रा निकाली, अनशनकारी देवेंद्र और हबीबा को पुलिस ने अस्पताल में रोका

सारांश

स्वतंत्रता दिवस पर रांची के छात्रों ने तिरंगा यात्रा निकालकर JPSC-JSSC अनियमितताओं के खिलाफ 22 दिन से जारी आंदोलन को नई ऊर्जा दी। अस्पताल में भर्ती अनशनकारी देवेंद्र और हबीबा को पुलिस ने रोका — तीन दौर की वार्ता के बाद भी गतिरोध बरकरार है।

मुख्य बातें

15 अगस्त 2026 को रांची में जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से सत्याग्रही छात्रों ने तिरंगा यात्रा निकाली।
अनशनकारी छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ( 14 दिन से भूख हड़ताल) और उम्मे हबीबा ( 12 दिन से अनशन) को पुलिस ने रांची सदर अस्पताल से बाहर जाने से रोका।
देवेंद्र नाथ महतो ने फेसबुक लाइव पर आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने उनके साथ धक्का-मुक्की और साथियों के साथ मारपीट की।
छात्र JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जाँच और दोषियों पर कार्रवाई की माँग को लेकर 22 दिनों से आंदोलनरत हैं।
सरकार के साथ तीन दौर की वार्ता के बाद भी गतिरोध बना हुआ है।

स्वतंत्रता दिवस पर रांची में झारखंड के छात्र आंदोलन ने एक नया मोड़ लिया, जब 15 अगस्त 2026 को सत्याग्रही छात्रों ने जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से तिरंगा यात्रा निकाली। इस यात्रा में आंदोलन स्थल पर अनशन कर रहे दो छात्र व्हीलचेयर पर शामिल हुए। इसी दौरान रांची सदर अस्पताल में भर्ती अनशनकारी छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो और छात्रा उम्मे हबीबा को तिरंगा यात्रा में शामिल होने से पुलिस ने रोक दिया, जिससे दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक हो गई।

पुलिस से टकराव और आरोप

देवेंद्र नाथ महतो ने आरोप लगाया कि जब वे अस्पताल के कमरे से बाहर निकलने की कोशिश कर रहे थे, तो पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोका और उनके साथ धक्का-मुक्की की। उन्होंने फेसबुक लाइव के माध्यम से यह भी आरोप लगाया कि उनके साथ मौजूद अन्य साथियों के साथ भी पुलिस ने मारपीट की। पुलिस-प्रशासन ने अपनी ओर से स्पष्ट किया कि दोनों छात्रों के स्वास्थ्य को देखते हुए उन्हें बाहर जाने से रोका गया।

14 और 12 दिन से अनशन पर

देवेंद्र नाथ महतो पिछले 14 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं। तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें रांची सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहाँ उनका उपचार जारी है। उन्होंने कहा, 'इस तरह हमारी आवाज को दबाया नहीं जा सकता।' उम्मे हबीबा 12 दिनों से अनशन पर हैं। वे व्हीलचेयर पर हाथ में संविधान की पुस्तक लेकर कमरे से बाहर निकलीं, लेकिन सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें भी अस्पताल से बाहर जाने की अनुमति नहीं दी।

तिरंगा यात्रा और छात्रों की माँगें

इस बीच, जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में डटे छात्रों ने निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार तिरंगा यात्रा निकाली। बड़ी संख्या में छात्र राष्ट्रीय ध्वज हाथों में लेकर यात्रा में शामिल हुए और अपनी माँगों के समर्थन में नारे लगाए। यह आंदोलन जेपीएससी (JPSC) और जेएसएससी (JSSC) की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जाँच और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की माँग को लेकर पिछले 22 दिनों से जारी है।

गतिरोध बरकरार

गौरतलब है कि सरकार और छात्रों के बीच तीन दौर की वार्ता के बावजूद अभी तक कोई समाधान नहीं निकला है। यह ऐसे समय में आया है जब स्वतंत्रता दिवस पर तिरंगा यात्रा के ज़रिये छात्रों ने अपने आंदोलन को राष्ट्रीय प्रतीक से जोड़ने की कोशिश की। देवेंद्र नाथ महतो JPSC और JSSC की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्र आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। आगे की वार्ता और प्रशासन की प्रतिक्रिया पर सबकी नज़रें टिकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

और झारखंड में यह पहली बार नहीं है कि भर्ती परीक्षाओं को लेकर सड़क पर उतरना पड़ा है। अनशनकारी छात्रों को अस्पताल में रोकना प्रशासन की नज़र में 'स्वास्थ्य सुरक्षा' हो सकती है, लेकिन जनता की नज़र में यह आवाज़ दबाने का प्रयास दिखता है — और यही धारणा आंदोलन को और धार देती है।
RashtraPress
15 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रांची में छात्र आंदोलन किस मुद्दे पर हो रहा है?
छात्र JPSC (झारखंड लोक सेवा आयोग) और JSSC (झारखंड कर्मचारी चयन आयोग) की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की स्वतंत्र जाँच और दोषियों पर कार्रवाई की माँग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। यह आंदोलन 15 अगस्त 2026 तक 22 दिनों से जारी है।
देवेंद्र नाथ महतो कौन हैं और उन्हें क्यों रोका गया?
देवेंद्र नाथ महतो JPSC-JSSC छात्र आंदोलन के प्रमुख नेता हैं, जो 14 दिनों से भूख हड़ताल पर थे और स्वास्थ्य बिगड़ने पर रांची सदर अस्पताल में भर्ती हुए। पुलिस-प्रशासन ने उनके स्वास्थ्य का हवाला देते हुए उन्हें तिरंगा यात्रा में शामिल होने से रोका।
उम्मे हबीबा कितने दिनों से अनशन पर हैं?
उम्मे हबीबा 12 दिनों से अनशन पर हैं। वे व्हीलचेयर पर हाथ में संविधान की पुस्तक लेकर कमरे से बाहर निकलीं, लेकिन सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें भी अस्पताल से बाहर जाने की अनुमति नहीं दी।
सरकार और छात्रों के बीच वार्ता का क्या हुआ?
अब तक तीन दौर की वार्ता हो चुकी है, लेकिन गतिरोध अभी तक दूर नहीं हुआ है। छात्र नेताओं का कहना है कि सरकार की ओर से कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला है।
तिरंगा यात्रा कहाँ से निकाली गई?
तिरंगा यात्रा 15 अगस्त 2026 को जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम, रांची से निकाली गई। बड़ी संख्या में छात्र राष्ट्रीय ध्वज हाथों में लेकर शामिल हुए और अपनी माँगों के समर्थन में नारे लगाए।
राष्ट्र प्रेस
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