रांची में छात्रों की आक्रोश यात्रा: 4 मंत्रियों के पुतले फूंके, 15 अगस्त को तिरंगा पदयात्रा का ऐलान
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में 21 दिनों से आंदोलनरत छात्रों ने शुक्रवार, 14 अगस्त की शाम रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से अल्बर्ट एक्का चौक तक आक्रोश यात्रा निकाली। इस दौरान प्रदर्शनकारी छात्रों ने राज्य सरकार के चार मंत्रियों के पुतले फूंके और सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की।
किन मंत्रियों के पुतले फूंके गए
छात्रों ने मंत्री सुदिव्य कुमार, दीपिका पांडेय सिंह, इरफान अंसारी और शिल्पी नेहा तिर्की के पुतले दहन किए। छात्रों का कहना था कि इन मंत्रियों ने आंदोलन को लेकर कथित तौर पर ऐसी टिप्पणियाँ कीं, जिनसे उनकी भावनाएँ आहत हुईं। प्रदर्शन के दौरान कुछ समय के लिए इलाके में अफरा-तफरी की स्थिति बनी रही।
छात्रों की प्रमुख मांगें
आंदोलन कर रहे छात्र मुख्य रूप से झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की सीजीएल परीक्षा और झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की 11वीं से 13वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा में कथित गड़बड़ियों को लेकर सवाल उठा रहे हैं। उनकी प्रमुख मांगों में इन परीक्षाओं को रद्द करना और कथित अनियमितताओं की सीबीआई जाँच शामिल है। छात्रों का आरोप है कि परीक्षाओं में बड़े पैमाने पर धाँधली हुई है।
छात्रों का कहना है कि सरकार ने कुछ मांगों पर सहमति जताई है, लेकिन प्रमुख मांगों पर अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। यह ऐसे समय में आया है जब झारखंड समेत देशभर में प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठ रहे हैं।
15 अगस्त को विशाल तिरंगा पदयात्रा
आंदोलनरत छात्रों ने स्वतंत्रता दिवस, 15 अगस्त को रांची में विशाल तिरंगा पदयात्रा निकालने की घोषणा की है। यह यात्रा जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम स्थित आंदोलन स्थल से शुरू होकर लालपुर और न्यूक्लियस मॉल होते हुए अल्बर्ट एक्का चौक तक जाएगी। छात्र नेताओं ने दावा किया है कि इस पदयात्रा में झारखंड के सभी 24 जिलों से छात्र शामिल होंगे।
यात्रा का आह्वान रिफॉर्म मंच की ओर से किया गया है। मंच ने विभिन्न छात्र संगठनों से इसमें भागीदारी की अपील की है और शुक्रवार शाम से ही छात्रों को आंदोलन स्थल पर पहुँचने के लिए कहा गया।
छात्रों का संदेश
छात्रों ने स्पष्ट किया कि तिरंगा पदयात्रा पूरी तरह शांतिपूर्ण होगी और इसके ज़रिए वे स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात सरकार तक पहुँचाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक दल के विरोध में नहीं, बल्कि पारदर्शी और निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया की माँग को लेकर है। छात्रों ने चेतावनी दी कि जब तक प्रमुख मांगों पर ठोस निर्णय नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा।