झारखंड छात्र आंदोलन: वांगचुक के अनुरोध पर देवेंद्रनाथ महतो ने चौथे दिन पिया पानी, भूख हड़ताल जारी
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में आमरण अनशन पर बैठे छात्र नेता देवेंद्रनाथ महतो ने बुधवार, 5 अगस्त को अनशन के चौथे दिन जल ग्रहण किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कदम देश के प्रख्यात इनोवेटर सोनम वांगचुक के साथ वीडियो कॉल पर हुई बातचीत के बाद उनके विशेष आग्रह पर उठाया गया। हालाँकि, महतो ने दोटूक कहा कि आमरण अनशन और सत्याग्रह आंदोलन पूर्ववत जारी रहेगा।
वांगचुक का समर्थन और महतो का आग्रह
देवेंद्रनाथ महतो ने बताया कि सोनम वांगचुक ने वीडियो कॉल के दौरान आंदोलन के प्रति अपना समर्थन, मार्गदर्शन और हौसला व्यक्त किया। महतो ने वांगचुक से रांची आकर आंदोलनरत छात्रों का मनोबल बढ़ाने का भी अनुरोध किया है। यह ऐसे समय में आया है जब आंदोलन को राष्ट्रीय स्तर पर ध्यान मिलने लगा है और छात्रों की माँगें तेज़ होती जा रही हैं।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की प्रतिक्रिया
आंदोलन के बीच मंगलवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पहली बार इस मुद्दे पर सार्वजनिक प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार संवेदनशील है और छात्रों के साथ न्याय होगा। सोरेन ने यह भी कहा कि सरकार पूरे मामले को गंभीरता से देख रही है और जाँच एजेंसियों की रिपोर्ट आने के बाद संवैधानिक दायरे में उचित निर्णय लिया जाएगा। उनके शब्दों में, 'हम जिस समस्या के पीछे पड़ते हैं, उसे ठीक करके ही दम लेते हैं।'
छात्रों की प्रमुख माँगें
छात्र पिछले 12 दिनों से धरने पर बैठे हैं। उनकी प्रमुख माँगों में 14वीं JPSC संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा रद्द करना, JPSC और JSSC-CGL समेत विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की CBI जाँच, OMR शीट और मुख्य परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाएँ सार्वजनिक करना तथा भर्ती आयोगों में व्यापक सुधार शामिल हैं। आंदोलनकारियों के एक गुट ने चेतावनी दी है कि यदि 6 अगस्त तक माँगों पर ठोस निर्णय नहीं हुआ तो झारखंड विधानसभा का घेराव किया जाएगा।
सीआईडी की छापेमारी और जाँच
इस बीच, कथित परीक्षा अनियमितताओं की जाँच कर रही सीआईडी ने राज्य के विभिन्न जिलों में कई स्थानों पर छापेमारी की है। इस दौरान लैपटॉप, मोबाइल फोन, बैंक दस्तावेज़, OMR शीट की कार्बन कॉपी और अन्य महत्त्वपूर्ण सामग्री जब्त की गई है। जाँच अभी जारी है।
विपक्ष का हमला
विपक्ष भी इस मुद्दे पर सरकार पर लगातार दबाव बना रहा है। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी समेत भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कई नेताओं ने पूरे मामले की CBI जाँच, दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई और छात्रों की माँगों को तत्काल स्वीकार करने की माँग की है। गौरतलब है कि यह आंदोलन झारखंड में भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर वर्षों से चली आ रही असंतोष की भावना का विस्फोट है। आने वाले दिन यह तय करेंगे कि सरकार संवाद की राह चुनती है या टकराव की।