2 अगस्त 2026
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जेपीएससी विवाद: रांची में छात्र सत्याग्रह नौवें दिन भी जारी, देवेंद्र नाथ महतो अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर

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जेपीएससी विवाद: रांची में छात्र सत्याग्रह नौवें दिन भी जारी, देवेंद्र नाथ महतो अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर

सारांश

रांची में जेपीएससी भर्ती विवाद पर छात्रों का सत्याग्रह नौ दिनों से जारी है और अब छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल से आंदोलन तेज हो गया है। 14वीं जेपीएससी परीक्षा रद्द करने और दोषियों पर कार्रवाई की माँग के साथ जाँच का दायरा जेएसएससी तक भी बढ़ा दिया गया है।

मुख्य बातें

रांची में जेपीएससी भर्ती गड़बड़ी के विरोध में छात्र सत्याग्रह 2 अगस्त 2026 को नौवें दिन भी जारी रहा।
छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने सरकार की निष्क्रियता के विरोध में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की।
प्रमुख माँगें: 14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा रद्द करना, जेपीएससी व जेएसएससी-सीजीएल परीक्षाओं की निष्पक्ष जाँच और दोषियों पर कार्रवाई।
जाँच एजेंसियों ने जाँच का दायरा जेएसएससी की कुछ भर्ती परीक्षाओं तक भी बढ़ाया; कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं।
महतो ने चेतावनी दी कि सरकार की ओर से सकारात्मक पहल न होने पर आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।

रांची में झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी के विरोध में चल रहा छात्र सत्याग्रह 2 अगस्त 2026 को नौवें दिन भी अनवरत जारी रहा। आंदोलन को नई धार देते हुए छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने सरकार पर ठोस कार्रवाई न करने का आरोप लगाते हुए अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी।

मुख्य मांगें

धरना स्थल पर एकत्र अभ्यर्थियों ने तीन प्रमुख मांगें दोहराईं — 14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा को रद्द किया जाए, विवादित परीक्षा एजेंसी द्वारा आयोजित जेपीएससी, जेएसएससी-सीजीएल और अन्य भर्ती परीक्षाओं की निष्पक्ष जाँच हो, तथा दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उनका आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण है और माँगें पूरी होने तक सत्याग्रह समाप्त नहीं होगा।

भूख हड़ताल और सरकार पर आरोप

भूख हड़ताल की घोषणा करते हुए देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि 14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम जारी हुए लगभग एक माह बीत चुका है, फिर भी राज्य सरकार की ओर से कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने शीघ्र सकारात्मक पहल नहीं की तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।

जाँच का दायरा बढ़ा

जाँच एजेंसियों ने जेपीएससी भर्ती प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी की जाँच के दौरान कुछ महत्वपूर्ण तथ्य जुटाए हैं। इन्हीं के आधार पर जाँच का दायरा अब जेएसएससी की कुछ भर्ती परीक्षाओं तक भी विस्तारित किया गया है। हालाँकि, जाँच एजेंसियों की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

आंदोलन की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि 14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम घोषित होने के बाद अभ्यर्थियों ने परीक्षा प्रक्रिया में अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए यह सत्याग्रह शुरू किया था। यह ऐसे समय में आया है जब झारखंड में सरकारी भर्ती प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर पहले से ही सवाल उठते रहे हैं।

आगे क्या होगा

अभ्यर्थियों का कहना है कि जब तक सरकार लिखित आश्वासन या ठोस कदम नहीं उठाती, सत्याग्रह और देवेंद्र नाथ महतो की भूख हड़ताल जारी रहेगी। आंदोलन के व्यापक होने की स्थिति में राज्य सरकार पर राजनीतिक दबाव और बढ़ सकता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रांची में जेपीएससी विवाद पर छात्र सत्याग्रह क्यों हो रहा है?
झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और जेएसएससी की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद अभ्यर्थियों ने यह सत्याग्रह शुरू किया। 14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम जारी होने के बाद से यह आंदोलन चल रहा है।
देवेंद्र नाथ महतो ने भूख हड़ताल क्यों शुरू की?
छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने आरोप लगाया कि परीक्षा परिणाम आए लगभग एक माह बाद भी राज्य सरकार ने कोई ठोस निर्णय नहीं लिया। इसी निराशा और आक्रोश के चलते उन्होंने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की।
छात्रों की प्रमुख माँगें क्या हैं?
आंदोलनकारी तीन मुख्य माँगें कर रहे हैं — 14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा रद्द की जाए, जेपीएससी और जेएसएससी-सीजीएल सहित अन्य भर्ती परीक्षाओं की निष्पक्ष जाँच हो, और दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए।
जेएसएससी की जाँच में क्या नया हुआ है?
जाँच एजेंसियों ने जेपीएससी भर्ती प्रक्रिया की जाँच के दौरान जुटाए गए तथ्यों के आधार पर जाँच का दायरा जेएसएससी की कुछ भर्ती परीक्षाओं तक भी बढ़ा दिया है। हालाँकि, जाँच एजेंसियों की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
आगे आंदोलन किस दिशा में जा सकता है?
छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने चेतावनी दी है कि सरकार की ओर से सकारात्मक पहल न होने पर आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। भूख हड़ताल जारी रहने की स्थिति में राज्य सरकार पर राजनीतिक और सामाजिक दबाव बढ़ सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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