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अनशन के 10वें दिन देवेंद्र नाथ महतो का अस्पताल से संदेश: 'शरीर कमजोर हो सकता है, संकल्प नहीं'

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अनशन के 10वें दिन देवेंद्र नाथ महतो का अस्पताल से संदेश: 'शरीर कमजोर हो सकता है, संकल्प नहीं'

सारांश

भूख-हड़ताल के 10वें दिन अस्पताल के बिस्तर से देवेंद्र नाथ महतो का संदेश — 'शरीर कमजोर हो सकता है, संकल्प नहीं।' जेपीएससी-जेएसएससी भ्रष्टाचार के खिलाफ शुरू हुआ यह छात्र आंदोलन अब विधानसभा घेराव और कथित पुलिस लाठीचार्ज के बाद झारखंड की सियासत में एक बड़ा सवाल बन गया है।

मुख्य बातें

छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो जेपीएससी-जेएसएससी भर्ती अनियमितताओं के विरोध में अनशन के 10वें दिन रांची के सदर अस्पताल में भर्ती हैं।
अस्पताल से जारी हस्तलिखित संदेश में महतो ने भूख-हड़ताल जारी रखने का ऐलान किया।
जेपीएससी-जेएसएससी भ्रष्टाचार मुक्त भर्ती अभियान 5 जुलाई से लगातार जारी है।
10 अगस्त के विधानसभा घेराव के दौरान करीब 100 छात्रों पर कथित लाठीचार्ज का आरोप; महतो ने निष्पक्ष जांच की माँग की।
महतो ने आंदोलनकारी छात्रों से शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखने की अपील की।

छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने जेपीएससी-जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में अनिश्चितकालीन भूख-हड़ताल के 10वें दिन, 12 अगस्त 2026 को, रांची के सदर अस्पताल से संघर्षरत छात्रों और युवाओं के नाम एक हस्तलिखित संदेश जारी किया। अस्पताल में उपचाराधीन महतो ने स्पष्ट किया कि उनकी भूख-हड़ताल जारी है और आगे भी जारी रहेगी — इलाज के बावजूद उनका संकल्प अडिग है।

अस्पताल से संघर्ष का ऐलान

महतो ने अपने हस्तलिखित संदेश में कहा, 'शरीर कमजोर हो सकता है, लेकिन न्याय की मांग और संघर्ष का संकल्प कमजोर नहीं हो सकता।' उन्होंने बताया कि जेपीएससी-जेएसएससी भ्रष्टाचार मुक्त भर्ती अभियान 5 जुलाई से लगातार जारी है। यह आंदोलन झारखंड की सरकारी भर्ती परीक्षाओं में कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के विरुद्ध चलाया जा रहा है।

विधानसभा घेराव और पुलिस कार्रवाई का विवाद

महतो ने 10 अगस्त को हुए विधानसभा घेराव कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग करने वाले छात्रों, शिक्षकों, अभिभावकों, मीडिया कर्मियों और अन्य लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया। साथ ही उन्होंने घेराव के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई की निष्पक्ष जांच की मांग की।

महतो के अनुसार, विधानसभा घेराव के दौरान पुलिस उन्हें एम्बुलेंस से एक निर्धारित स्थान तक लेकर गई, जहाँ उनके साथ करीब 100 छात्र शांतिपूर्वक बैठे थे। उनका आरोप है कि अचानक बिना किसी पूर्व चेतावनी के पुलिस ने धक्का-मुक्की शुरू की और लाठीचार्ज किया, जिसके बाद उन्हें एम्बुलेंस से सदर अस्पताल भर्ती कराया गया। महतो ने सवाल उठाया कि यदि पुलिस को लाठीचार्ज करना ही था, तो उन्हें और अन्य छात्रों को उस स्थान तक क्यों पहुंचाया गया।

सरकार से जांच और जवाबदेही की मांग

महतो ने लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए आवाज उठाने के दौरान छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई को 'दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय' बताया। उन्होंने झारखंड राज्य सरकार से माँग की कि इस कार्रवाई की निष्पक्ष जांच कराई जाए और शांतिपूर्ण आंदोलन के दौरान बल प्रयोग के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई हो।

छात्रों से शांतिपूर्ण संघर्ष की अपील

महतो ने आंदोलन में शामिल छात्रों और युवाओं से स्पष्ट शब्दों में कहा कि लाठीचार्ज और बल प्रयोग से उनकी आवाज नहीं दबाई जा सकती। उन्होंने कहा कि छात्र हिंसा का रास्ता नहीं, बल्कि संविधान और लोकतंत्र के रास्ते पर अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ रहे हैं। उन्होंने सभी से शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखने की अपील की। यह आंदोलन अब झारखंड के युवाओं की नौकरशाही पारदर्शिता की व्यापक माँग का प्रतीक बनता जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यदि सत्यापित होता है, तो यह शांतिपूर्ण प्रदर्शन से निपटने की राज्य की रणनीति पर गंभीर सवाल खड़े करता है। राज्य सरकार की चुप्पी और निष्पक्ष जांच की अनुपस्थिति इस आंदोलन को और व्यापक जनसमर्थन दे सकती है। असली परीक्षा यह है कि क्या झारखंड सरकार भर्ती प्रक्रिया में सुधार के ठोस कदम उठाती है, या यह आंदोलन महज एक और अनसुनी आवाज बनकर रह जाता है।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

देवेंद्र नाथ महतो कौन हैं और वे किस मुद्दे पर अनशन कर रहे हैं?
देवेंद्र नाथ महतो एक छात्र नेता हैं जो झारखंड में जेपीएससी-जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के खिलाफ 5 जुलाई से 'जेपीएससी-जेएसएससी भ्रष्टाचार मुक्त भर्ती अभियान' चला रहे हैं। वे अनिश्चितकालीन भूख-हड़ताल पर हैं और अब रांची के सदर अस्पताल में उपचाराधीन हैं।
विधानसभा घेराव के दौरान क्या हुआ?
10 अगस्त को विधानसभा घेराव के दौरान पुलिस महतो को एम्बुलेंस से एक स्थान तक ले गई जहाँ करीब 100 छात्र शांतिपूर्वक बैठे थे। महतो के अनुसार, बिना किसी पूर्व चेतावनी के पुलिस ने धक्का-मुक्की और लाठीचार्ज किया, जिसके बाद उन्हें सदर अस्पताल भर्ती कराया गया।
महतो ने अस्पताल से क्या माँगें रखी हैं?
महतो ने झारखंड राज्य सरकार से विधानसभा घेराव के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई की निष्पक्ष जांच और बल प्रयोग के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की माँग की है। इसके अलावा उन्होंने जेपीएससी-जेएसएससी भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की भी माँग जारी रखी है।
क्या महतो की भूख-हड़ताल अस्पताल में भर्ती होने के बाद भी जारी है?
हाँ, महतो ने स्पष्ट किया है कि अस्पताल में इलाज के बावजूद उनकी भूख-हड़ताल जारी है और आगे भी जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि 'शरीर कमजोर हो सकता है, लेकिन संकल्प नहीं।'
इस आंदोलन में छात्रों से क्या अपील की गई है?
महतो ने आंदोलन में शामिल सभी छात्रों और युवाओं से शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि लाठीचार्ज और बल प्रयोग से छात्रों की आवाज नहीं दबाई जा सकती और यह लड़ाई संविधान और लोकतंत्र के रास्ते पर लड़ी जाएगी।
राष्ट्र प्रेस
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