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जेपीएससी-जेएसएससी विवाद: अनशनरत छात्र नेता देवेंद्र महतो की तबीयत बिगड़ी, 16वें दिन आंदोलन जारी

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जेपीएससी-जेएसएससी विवाद: अनशनरत छात्र नेता देवेंद्र महतो की तबीयत बिगड़ी, 16वें दिन आंदोलन जारी

सारांश

रांची में जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षा विवाद पर चल रहे सत्याग्रह के 16वें दिन अनशनरत छात्र नेता देवेंद्र महतो की तबीयत बिगड़ी। विधायक जयराम महतो ने एकजुटता में निर्जला उपवास किया। सरकार की चुप्पी के बीच आंदोलन और तेज़ होने के संकेत हैं।

मुख्य बातें

छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो की तबीयत 9 अगस्त, रविवार को जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम , रांची में अनशन के दौरान बिगड़ी।
देवेंद्र महतो ने 25 जुलाई से सत्याग्रह और 2 अगस्त से अनशन शुरू किया था; रविवार को 16वाँ दिन था।
झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के विधायक जयराम महतो ने समर्थन में रविवार को एक दिन का निर्जला उपवास रखा।
आंदोलन की शुरुआत 2 जुलाई को 14वीं जेपीएससी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा परिणाम में कथित गड़बड़ी के विरोध से हुई थी।
छात्र जेपीएससी और जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में स्वतंत्र जाँच और पारदर्शिता की माँग कर रहे हैं।

झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में अनशन पर बैठे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो की तबीयत 9 अगस्त, रविवार की सुबह अचानक बिगड़ गई। मौके पर तैनात मेडिकल टीम उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर लगातार नज़र बनाए हुए है।

अनशन की पृष्ठभूमि

देवेंद्र महतो ने 25 जुलाई से अनिश्चितकालीन दिवा-रात्रि सत्याग्रह की शुरुआत की थी। इसके बाद 2 अगस्त से उन्होंने आंदोलन स्थल पर अनशन आरंभ किया। रविवार को इस सत्याग्रह का 16वाँ दिन था। महतो ने कहा, 'शरीर थक सकता है, लेकिन न्याय के लिए हमारा संकल्प नहीं।' उन्होंने स्वीकार किया कि लगातार संघर्ष और थकान के कारण शरीर कमज़ोर पड़ रहा है, परंतु उन्होंने आंदोलन जारी रखने की प्रतिबद्धता दोहराई।

विधायक का समर्थन और राजनीतिक प्रतिक्रिया

झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के विधायक जयराम महतो ने देवेंद्र महतो की बिगड़ती सेहत को लेकर गहरी चिंता जताई और रविवार सुबह से एक दिन का निर्जला उपवास शुरू किया। उन्होंने झारखंड सरकार से आग्रह किया कि छात्रों की मांगों पर तत्काल ठोस कार्रवाई की जाए।

आंदोलन की शुरुआत कैसे हुई

यह आंदोलन 2 जुलाई को 14वीं झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम में कथित गड़बड़ी के विरोध में उठी आवाज़ से उपजा था। 5 जुलाई से छात्रों ने संगठित प्रदर्शन शुरू किए और 25 जुलाई को आंदोलन ने अनिश्चितकालीन सत्याग्रह का रूप ले लिया। गौरतलब है कि झारखंड में भर्ती परीक्षाओं को लेकर यह पहली बार नहीं है जब इस पैमाने पर छात्र आंदोलन हुआ हो।

छात्रों की प्रमुख मांगें

आंदोलनकारी छात्र जेपीएससी और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता की माँग कर रहे हैं। छात्र नेताओं के अनुसार, कथित अनियमितताओं की स्वतंत्र जाँच होनी चाहिए और परीक्षा व्यवस्था में आवश्यक सुधार लागू किए जाने चाहिए। छात्रों ने स्पष्ट किया है कि जब तक इन मांगों पर ठोस निर्णय नहीं होता, आंदोलन वापस नहीं लिया जाएगा।

आगे क्या होगा

देवेंद्र महतो की तबीयत बिगड़ने के बाद आंदोलन स्थल पर मौजूद छात्रों में चिंता का माहौल है, लेकिन आंदोलनकारियों ने स्वास्थ्य चुनौतियों के बावजूद संघर्ष जारी रखने की घोषणा की है। अब सभी की निगाहें झारखंड सरकार की प्रतिक्रिया पर टिकी हैं — यह देखना होगा कि सरकार इस बढ़ते दबाव के बीच वार्ता की पहल करती है या नहीं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो इसे महज़ छात्र विरोध से आगे ले जाता है। असली सवाल यह है कि क्या झारखंड सरकार स्वतंत्र जाँच की माँग को स्वीकार करेगी या किसी स्वास्थ्य आपात स्थिति का इंतज़ार करेगी — जो कि प्रशासनिक विफलता की सबसे बुरी मिसाल होगी।
RashtraPress
9 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

देवेंद्र महतो कौन हैं और वे अनशन पर क्यों बैठे हैं?
देवेंद्र नाथ महतो एक छात्र नेता हैं जो जेपीएससी और जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में 2 अगस्त से अनशन पर बैठे हैं। वे परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और स्वतंत्र जाँच की माँग कर रहे हैं।
जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षा विवाद क्या है?
यह विवाद 2 जुलाई को 14वीं जेपीएससी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम में कथित गड़बड़ी के आरोपों से शुरू हुआ। छात्रों का आरोप है कि जेपीएससी और जेएसएससी की भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताएँ हुई हैं और इसकी निष्पक्ष जाँच होनी चाहिए।
यह आंदोलन कब से चल रहा है और अब तक क्या हुआ?
5 जुलाई से संगठित प्रदर्शन शुरू हुए, 25 जुलाई से अनिश्चितकालीन सत्याग्रह आरंभ हुआ और 2 अगस्त से देवेंद्र महतो ने अनशन शुरू किया। 9 अगस्त को सत्याग्रह का 16वाँ दिन था जब उनकी तबीयत बिगड़ी।
विधायक जयराम महतो का इस आंदोलन में क्या रोल है?
झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के विधायक जयराम महतो ने आंदोलनकारियों के समर्थन में 9 अगस्त को एक दिन का निर्जला उपवास रखा। उन्होंने सरकार से छात्रों की मांगों पर तत्काल कार्रवाई करने की माँग की है।
छात्रों की प्रमुख मांगें क्या हैं?
छात्र जेपीएससी और जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की स्वतंत्र जाँच, परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता, तथा परीक्षा व्यवस्था में आवश्यक सुधार की माँग कर रहे हैं। उनका कहना है कि ठोस निर्णय तक आंदोलन जारी रहेगा।
राष्ट्र प्रेस
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