23 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

बांग्लादेश: अवामी लीग के पूर्व सांसद मीता छह दिन की रिमांड पर, आतंकवाद-रोधी मामला दर्ज

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
बांग्लादेश: अवामी लीग के पूर्व सांसद मीता छह दिन की रिमांड पर, आतंकवाद-रोधी मामला दर्ज

सारांश

बांग्लादेश में अवामी लीग के पूर्व सांसद महफूज़ुर रहमान मीता को छह दिन की रिमांड पर भेजा गया है। यह बीएनपी सरकार के तहत जारी उस व्यापक कार्रवाई का हिस्सा है जिसमें पिछले महीने अकेले 53 नेता-कार्यकर्ता गिरफ्तार हो चुके हैं। अवामी लीग इसे लोकतंत्र पर हमला बता रही है।

मुख्य बातें

अवामी लीग के पूर्व सांसद महफूज़ुर रहमान मीता को ढाका के गुलशन-2 से गिरफ्तार कर छह दिन की रिमांड पर भेजा गया।
उनके खिलाफ तेजगांव इंडस्ट्रियल एरिया पुलिस स्टेशन में आतंकवाद-रोधी कानून के तहत मामला दर्ज है।
मामला 18 जून को मोहाखाली बस टर्मिनल के पास हुए जुलूस से जुड़ा है, जिसमें 35-40 नेता-कार्यकर्ता शामिल थे।
पिछले महीने बांग्लादेश पुलिस ने अवामी लीग के 53 नेताओं और कार्यकर्ताओं को बसुंधरा इलाके से गिरफ्तार किया था।
अवामी लीग ने इस कार्रवाई को 'लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला' करार दिया है।

बांग्लादेश की एक अदालत ने अवामी लीग के पूर्व सांसद महफूज़ुर रहमान मीता को 23 सितंबर 2026 को छह दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। उनके खिलाफ ढाका के तेजगांव इंडस्ट्रियल एरिया पुलिस स्टेशन में आतंकवाद-रोधी कानून के तहत मामला दर्ज है। यह गिरफ्तारी बांग्लादेश में अवामी लीग नेताओं के विरुद्ध जारी कार्रवाई की कड़ी में नवीनतम घटना है।

गिरफ्तारी का घटनाक्रम

अभियोजन पक्ष के सब-इंस्पेक्टर आरिफ रजा के अनुसार, जांच अधिकारी ने ढाका की अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट जोशिता इस्लाम से मीता और उनके ड्राइवर सेलिम के लिए 10 दिन की रिमांड माँगी थी, जिसे अदालत ने छह दिन तक सीमित कर दिया।

गुलशन डिवीजन के डिटेक्टिव ब्रांच (डीबी) के डिप्टी कमिश्नर एएफएम अनवर हुसैन खान ने बताया कि मीता को मंगलवार को ढाका के गुलशन-2 इलाके स्थित उनके घर से गिरफ्तार किया गया। उसी दौरान उनके ड्राइवर सेलिम को भी हिरासत में ले लिया गया।

मामले की पृष्ठभूमि

यह मामला 18 जून को ढाका के मोहाखाली बस टर्मिनल के निकट हुए एक जुलूस से जुड़ा है। प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) के अनुसार, अवामी लीग और उसके छात्र संगठन 'छात्र लीग' के लगभग 35-40 नेता और कार्यकर्ता वहाँ एकत्र हुए थे।

एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि जुलूस के प्रतिभागियों ने सरकार-विरोधी नारे लगाए और कॉकटेल बम फोड़े, जिससे आम नागरिकों में दहशत का माहौल बन गया। इसी के बाद पुलिस ने आतंकवाद-रोधी कानून के तहत मामला दर्ज किया। तेजगांव जोनल टीम के जांच अधिकारी इंस्पेक्टर मोहम्मद मसूदुर रहमान ने दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया।

बढ़ती कार्रवाई का व्यापक संदर्भ

यह गिरफ्तारी ऐसे समय में हुई है जब अवामी लीग के नेताओं और कार्यकर्ताओं पर दबाव लगातार बढ़ रहा है। यह कार्रवाई मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली पूर्व अंतरिम सरकार के दौरान शुरू हुई थी और मौजूदा बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) प्रशासन के अधीन भी जारी है।

स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, पिछले महीने बांग्लादेश पुलिस ने अवामी लीग और उससे संबद्ध संगठनों के 53 नेताओं और कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया था। ढाका मेट्रोपॉलिटन पुलिस (डीएमपी) की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, इन्हें ढाका के बसुंधरा आवासीय इलाके की एक इमारत से पकड़ा गया था। भातारा पुलिस स्टेशन ने बताया कि ये लोग 15 अगस्त के शोक दिवस के उपलक्ष्य में एक बैठक और फ्लैश मार्च आयोजित करने के लिए एकत्र हुए थे।

अवामी लीग की प्रतिक्रिया

अवामी लीग ने इन कार्रवाइयों की कड़ी निंदा करते हुए कहा है कि इससे स्पष्ट होता है कि बांग्लादेश में अब लोकतांत्रिक अधिकारों और धार्मिक या राष्ट्रीय अवसरों को मनाने की स्वतंत्रता के लिए बेहद कम जगह बची है। पार्टी के अनुसार, इस तरह की कार्रवाइयाँ राजनीतिक रूप से प्रेरित हैं।

आगे क्या होगा

अदालत द्वारा रिमांड स्वीकृत होने के बाद मीता और उनके ड्राइवर सेलिम छह दिन तक पुलिस हिरासत में रहेंगे। गौरतलब है कि यह बांग्लादेश में अवामी लीग नेताओं के विरुद्ध चलाई जा रही व्यापक कानूनी कार्रवाइयों की अगली कड़ी है, और आने वाले हफ्तों में इस मामले में अभियोजन पक्ष की अगली रणनीति स्पष्ट होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि बांग्लादेश में विपक्षी राजनीतिक स्थान के व्यवस्थित संकुचन के रूप में देखी जानी चाहिए — पहले यूनुस की अंतरिम सरकार के तहत और अब बीएनपी के नेतृत्व में। 15 अगस्त शोक दिवस की बैठक के लिए 53 कार्यकर्ताओं की सामूहिक गिरफ्तारी यह संकेत देती है कि विरोध की जगह को राजनीतिक नहीं, बल्कि सुरक्षा खतरे के रूप में परिभाषित किया जा रहा है। आतंकवाद-रोधी कानून का राजनीतिक जुलूसों पर प्रयोग एक गंभीर प्रवृत्ति है, जो न केवल अवामी लीग बल्कि बांग्लादेश में भविष्य के किसी भी विरोधी राजनीतिक आंदोलन के लिए भी चेतावनी है।
RashtraPress
23 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महफूज़ुर रहमान मीता कौन हैं और उन्हें क्यों गिरफ्तार किया गया?
महफूज़ुर रहमान मीता अवामी लीग के पूर्व सांसद हैं जिन्हें ढाका के तेजगांव इंडस्ट्रियल एरिया पुलिस स्टेशन में दर्ज आतंकवाद-रोधी मामले में गिरफ्तार किया गया है। उन पर आरोप है कि वे 18 जून को मोहाखाली बस टर्मिनल के निकट हुए उस जुलूस में शामिल थे जिसमें कथित तौर पर कॉकटेल बम फोड़े गए और आम लोगों में दहशत फैलाई गई।
अदालत ने कितने दिन की रिमांड दी?
ढाका की अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट जोशिता इस्लाम ने मीता को छह दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा। जांच अधिकारी ने मीता और उनके ड्राइवर सेलिम दोनों के लिए 10 दिन की रिमांड माँगी थी।
बांग्लादेश में अवामी लीग के खिलाफ कार्रवाई कब से जारी है?
यह कार्रवाई मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के दौरान शुरू हुई थी और मौजूदा बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) प्रशासन के अधीन भी जारी है। पिछले महीने ही 53 नेताओं और कार्यकर्ताओं को बसुंधरा आवासीय इलाके से एक साथ गिरफ्तार किया गया था।
अवामी लीग ने इन गिरफ्तारियों पर क्या कहा है?
अवामी लीग ने इन कार्रवाइयों की कड़ी निंदा करते हुए कहा है कि इससे बांग्लादेश में लोकतांत्रिक अधिकारों और राष्ट्रीय या धार्मिक अवसरों को मनाने की स्वतंत्रता के लिए बेहद कम जगह बची है। पार्टी इसे राजनीतिक रूप से प्रेरित कार्रवाई मानती है।
18 जून का जुलूस मामला क्या है जिससे यह गिरफ्तारी जुड़ी है?
18 जून को ढाका के मोहाखाली बस टर्मिनल के पास अवामी लीग और छात्र लीग के लगभग 35-40 नेता-कार्यकर्ता एकत्र हुए थे। एफआईआर के अनुसार, जुलूस में सरकार-विरोधी नारे लगाए गए और कॉकटेल बम फोड़े गए, जिसके बाद पुलिस ने आतंकवाद-रोधी कानून के तहत मामला दर्ज किया।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 3 महीने पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 10 महीने पहले
  5. 12 महीने पहले
  6. 12 महीने पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले