अवामी लीग का यूरोपीय संसद से अपील, बांग्लादेश में पार्टी-बैन हटाने के लिए मांगा अंतरराष्ट्रीय समर्थन
सारांश
मुख्य बातें
बांग्लादेश की प्रमुख विपक्षी पार्टी अवामी लीग के पूर्व सांसदों और नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने 9 जून 2026 को आयरलैंड में यूरोपीय संसद सदस्य (एमईपी) बिली केलेहर से मुलाकात कर पार्टी पर लगाए गए प्रतिबंध को हटाने और बंद नेताओं को जमानत दिलाने के लिए अंतरराष्ट्रीय दबाव बनाने की अपील की। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, यह बैठक ऐसे समय में हुई जब बांग्लादेश में अवामी लीग के खिलाफ कार्रवाई तेज हो गई है और 1 से 7 जून के बीच पार्टी के 333 से अधिक नेताओं, कार्यकर्ताओं व समर्थकों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
प्रतिनिधिमंडल में कौन-कौन शामिल थे
डेली टाइम्स ऑफ बांग्लादेश की रिपोर्ट के अनुसार, इस बैठक में एमईपी और पूर्व आयरिश मंत्री बिली केलेहर; पूर्व अवामी लीग सांसद मोहम्मद हबीब मिल्लत; आयरलैंड छात्र लीग के अध्यक्ष नोमान चौधरी; आयरलैंड अवामी लीग के नेता रफीक खान और फियाना फेल के स्टूडेंट विंग के चेयरमैन रदीन खान शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल ने यूरोपीय संसद से औपचारिक संवाद के ज़रिए बांग्लादेश सरकार पर राजनीतिक दबाव बनाने का अनुरोध किया।
बांग्लादेश में मानवाधिकार की स्थिति पर चिंता
पूर्व सांसद मिल्लत ने एमईपी केलेहर को बांग्लादेश की मौजूदा कानून-व्यवस्था की स्थिति, पुलिस अधिकारियों की हत्या, भीड़ हिंसा की घटनाओं, मानवाधिकार उल्लंघनों, उग्रवाद में वृद्धि और दंड से बच निकलने की प्रवृत्ति से अवगत कराया। इन चिंताओं को स्वीकार करते हुए केलेहर ने यूरोपीय संसद में इन मुद्दों को उठाने में रुचि दिखाई।
यह ऐसे समय में आया है जब अवामी लीग लगातार आरोप लगाती रही है कि उसके नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ की जा रही कार्रवाई राजनीतिक रूप से प्रेरित है। पार्टी ने बांग्लादेश में लोकतांत्रिक और राजनीतिक माहौल बहाल करने तथा मानवाधिकार की स्थिति सुधारने की अपील भी की।
जस्टिस मेकर्स बांग्लादेश की कड़ी निंदा
अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन जस्टिस मेकर्स बांग्लादेश इन फ्रांस (जेएमबीएफ) ने जून के पहले सप्ताह में देशभर में अवामी लीग और उससे जुड़े संगठनों के 333 से अधिक नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों की गिरफ्तारियों की कड़ी निंदा की। संगठन के अनुसार, इन लोगों पर आतंकवाद निरोधी अधिनियम और अन्य सख्त कानूनों के तहत मामले दर्ज कर जेल भेजा गया।
संगठन ने कहा, 'ये कदम केवल कानून-व्यवस्था से जुड़ी अलग-थलग कार्रवाइयाँ नहीं हैं, बल्कि राजनीतिक विरोध को दबाने, असहमति की आवाज़ों को डराने और लोकतांत्रिक राजनीतिक गतिविधियों को सीमित करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे एक सुनियोजित दमन अभियान का हिस्सा हैं।' जेएमबीएफ ने यह भी कहा कि इन लोगों को शांतिपूर्ण रैलियों, सभाओं और राजनीतिक अभिव्यक्ति में हिस्सा लेने के अपने संवैधानिक अधिकारों का उपयोग करने के कारण निशाना बनाया गया।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील
जेएमबीएफ ने संयुक्त राष्ट्र, यूरोपीय संघ, मानवाधिकार संगठनों और राजनयिक मिशनों से अपील की कि वे बांग्लादेश में राजनीतिक दमन, बड़े पैमाने पर गिरफ्तारियों, राजनीतिक वजहों से चलाए जा रहे मुकदमों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर पाबंदियों पर करीब से नज़र रखें। गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब अवामी लीग ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी स्थिति रखने की कोशिश की है — पार्टी पर प्रतिबंध लगने के बाद से यह उसकी व्यापक कूटनीतिक रणनीति का हिस्सा बनता जा रहा है।
आने वाले दिनों में यूरोपीय संसद में इन मुद्दों पर औपचारिक चर्चा होती है या नहीं, यह देखना महत्वपूर्ण होगा — क्योंकि बांग्लादेश के लोकतांत्रिक भविष्य को लेकर अंतरराष्ट्रीय दबाव की दिशा इसी पर निर्भर करेगी।