24 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

बांग्लादेश में अवामी लीग के 49 कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी, अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन ने की कड़ी निंदा

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
बांग्लादेश में अवामी लीग के 49 कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी, अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन ने की कड़ी निंदा

सारांश

बांग्लादेश के नोआखली में शांतिपूर्ण रैली के बाद अवामी लीग के 49 कार्यकर्ताओं — जिनमें 17 बच्चे शामिल हैं — की गिरफ्तारी पर पेरिस स्थित JMBF ने कड़ी आपत्ति जताई है। संगठन ने इसे संवैधानिक और अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताते हुए सभी बंदियों की तत्काल रिहाई की माँग की है।

मुख्य बातें

बांग्लादेश के नोआखली जिले में 5-6 जून 2026 के बीच अवामी लीग के 49 कार्यकर्ताओं को कथित तौर पर हिरासत में लिया गया।
गिरफ्तार लोगों में 17 बच्चे भी शामिल हैं, जिन्हें शांतिपूर्ण राजनीतिक रैली में भाग लेने के आरोप में हिरासत में लिया गया।
पेरिस स्थित जस्टिस मेकर्स बांग्लादेश फाउंडेशन (JMBF) ने इसे UDHR, ICCPR और बांग्लादेश के संविधान का उल्लंघन बताया।
JMBF के संस्थापक शाहनूर इस्लाम ने तारिक रहमान सरकार पर राजनीतिक दमन का आरोप लगाया।
संगठन ने सभी बंदियों की तत्काल रिहाई, मामले वापस लेने और स्वतंत्र जाँच की माँग की है।

पेरिस स्थित अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन जस्टिस मेकर्स बांग्लादेश फाउंडेशन (JMBF) ने बांग्लादेश के नोआखली जिले में 5 और 6 जून 2026 के बीच हुई कार्रवाई की कड़ी निंदा की है, जिसमें अवामी लीग के छात्र एवं युवा संगठनों — छात्र लीग और जुबो लीग — के 49 कार्यकर्ताओं को कथित तौर पर एक शांतिपूर्ण रैली में भाग लेने के आरोप में हिरासत में लिया गया, जिनमें 17 बच्चे भी शामिल हैं। संगठन के अनुसार, ये गिरफ्तारियाँ बांग्लादेश में राजनीतिक असहमति के दमन के व्यापक पैटर्न का हिस्सा हैं।

मुख्य घटनाक्रम

5 जून की दोपहर नोआखली सदर उपजिला के बदरहाट बाजार क्षेत्र में छात्र लीग द्वारा एक शांतिपूर्ण विरोध रैली आयोजित की गई थी। JMBF के अनुसार, कुछ घंटों बाद बांग्लादेश राष्ट्रवादी पार्टी (BNP) के छात्र संगठन जातीयतावादी छात्र दल के कार्यकर्ताओं ने मैजदी कस्बे के पौरो बाजार क्षेत्र में 17 बच्चों सहित 18 लोगों को हिरासत में लेकर पुलिस के हवाले कर दिया।

इसके बाद 5 जून की रात से 6 जून की सुबह के बीच पुलिस ने ओजबलिया, कलादराप और नोआखली नगरपालिका क्षेत्रों में अभियान चलाकर 9 जुबो लीग और 15 छात्र लीग कार्यकर्ताओं सहित 24 लोगों को अतिरिक्त हिरासत में लिया।

मानवाधिकार संगठन की प्रतिक्रिया

JMBF के संस्थापक एवं अध्यक्ष तथा मानवाधिकार वकील शाहनूर इस्लाम ने कहा, 'मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के दौरान स्थापित पैटर्न का अनुसरण करते हुए, तारिक रहमान की वर्तमान सरकार के तहत अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और शांतिपूर्ण सभा के संवैधानिक अधिकार लगातार सीमित होते जा रहे हैं। हिंसा, तोड़फोड़ या सार्वजनिक सुरक्षा को खतरे के किसी स्पष्ट आरोप के बिना राजनीतिक गतिविधियों में भाग लेने के लिए बड़े पैमाने पर गिरफ्तारियाँ लोकतांत्रिक मूल्यों के साथ पूरी तरह असंगत हैं।'

इस्लाम ने 17 बच्चों की हिरासत को विशेष रूप से चिंताजनक बताते हुए कहा, '17 बच्चों को हिरासत में लिया जाना बेहद चिंताजनक, अमानवीय और निंदनीय है। बच्चों के खिलाफ दमनकारी कदम बाल अधिकारों पर कन्वेंशन के मूलभूत सिद्धांतों का उल्लंघन करते हैं। अंतरराष्ट्रीय कानून बच्चों की हिरासत को केवल अंतिम उपाय के रूप में और यथासंभव कम अवधि के लिए ही मान्यता देता है।'

कानूनी उल्लंघन के आरोप

JMBF ने कहा कि ये गिरफ्तारियाँ बांग्लादेश के संविधान, मानवाधिकारों की सार्वभौमिक घोषणा (UDHR) और नागरिक एवं राजनीतिक अधिकारों पर अंतरराष्ट्रीय संधि (ICCPR) द्वारा प्रदत्त अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, शांतिपूर्ण सभा और संगठन बनाने के अधिकार का स्पष्ट उल्लंघन हैं। संगठन ने यह भी कहा कि यह घटना देशभर में राजनीतिक विरोध को दबाने के व्यापक पैटर्न को दर्शाती है।

JMBF की माँगें और आगे की राह

JMBF ने बांग्लादेशी अधिकारियों से तीन प्रमुख माँगें रखी हैं: 17 बच्चों समेत सभी 49 बंदियों की तत्काल और बिना शर्त रिहाई; उनके खिलाफ दर्ज सभी मामलों और आरोपों की वापसी; तथा पूरे घटनाक्रम की स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी जाँच। यह ऐसे समय में आया है जब बांग्लादेश में राजनीतिक तनाव और विपक्षी दलों पर कार्रवाई की खबरें लगातार सामने आ रही हैं। यदि इन माँगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो अंतरराष्ट्रीय मंचों पर बांग्लादेश की मानवाधिकार स्थिति को लेकर दबाव बढ़ने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिस पर बांग्लादेश सरकार की ओर से अभी तक कोई स्पष्ट जवाब नहीं आया है। JMBF जैसे संगठनों की आवाज़ तब और महत्वपूर्ण हो जाती है जब घरेलू न्यायिक तंत्र पर राजनीतिक दबाव के आरोप हों। अंतरराष्ट्रीय समुदाय को यह तय करना होगा कि क्या वह इस मामले में केवल बयानबाज़ी तक सीमित रहेगा या ठोस जवाबदेही का रास्ता खोलेगा।
RashtraPress
24 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नोआखली में अवामी लीग के कार्यकर्ताओं को क्यों गिरफ्तार किया गया?
रिपोर्टों के अनुसार, इन कार्यकर्ताओं को 5 जून 2026 को नोआखली सदर उपजिला के बदरहाट बाजार में आयोजित एक शांतिपूर्ण विरोध रैली में भाग लेने के आरोप में हिरासत में लिया गया। JMBF के अनुसार, हिंसा या सार्वजनिक सुरक्षा को खतरे का कोई स्पष्ट आरोप नहीं था।
JMBF क्या है और इसने क्या माँगें रखी हैं?
जस्टिस मेकर्स बांग्लादेश फाउंडेशन (JMBF) पेरिस, फ्रांस स्थित एक अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन है। इसने बांग्लादेशी अधिकारियों से सभी 49 बंदियों की तत्काल रिहाई, उनके खिलाफ दर्ज मामले वापस लेने और पूरे घटनाक्रम की स्वतंत्र जाँच कराने की माँग की है।
गिरफ्तार 17 बच्चों के मामले में अंतरराष्ट्रीय कानून क्या कहता है?
अंतरराष्ट्रीय कानून, विशेष रूप से बाल अधिकारों पर कन्वेंशन (CRC), बच्चों की हिरासत को केवल अंतिम उपाय के रूप में और यथासंभव कम अवधि के लिए ही मान्यता देता है। JMBF के अनुसार, राजनीतिक रैली में भाग लेने के कारण बच्चों को हिरासत में रखना इन मानकों का सीधा उल्लंघन है।
बांग्लादेश में तारिक रहमान सरकार के तहत राजनीतिक स्थिति कैसी है?
JMBF के अनुसार, तारिक रहमान की वर्तमान सरकार के तहत अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और शांतिपूर्ण सभा के अधिकार लगातार सीमित हो रहे हैं। संगठन का कहना है कि यह पैटर्न मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली पूर्व अंतरिम सरकार के दौरान भी देखा गया था।
इन गिरफ्तारियों से कौन से अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन बताया जा रहा है?
JMBF ने इन गिरफ्तारियों को बांग्लादेश के संविधान, मानवाधिकारों की सार्वभौमिक घोषणा (UDHR) और नागरिक एवं राजनीतिक अधिकारों पर अंतरराष्ट्रीय संधि (ICCPR) का उल्लंघन बताया है, जो अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और शांतिपूर्ण सभा के अधिकार की गारंटी देते हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 4 महीने पहले
  5. 4 महीने पहले
  6. 8 महीने पहले
  7. 10 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले