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फातिमा सना शेख का खुलासा: इंडस्ट्री में आज भी अभिनेत्रियाँ 'फेमिनिस्ट' कहलाने से डरती हैं

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फातिमा सना शेख का खुलासा: इंडस्ट्री में आज भी अभिनेत्रियाँ 'फेमिनिस्ट' कहलाने से डरती हैं

सारांश

फातिमा सना शेख ने साफ कहा — फेमिनिज्म कोई बुरा शब्द नहीं है, फिर भी इंडस्ट्री में कुछ अभिनेत्रियाँ इसे अपनाने से डरती हैं। प्रियंका चोपड़ा जोनस का उदाहरण देकर उन्होंने यह साबित करने की कोशिश की कि विचारों की स्पष्टता से दर्शक जुड़ते हैं, दूर नहीं होते। 'हुंकार: द रोर' 25 सितंबर से जियोहॉटस्टार पर।

मुख्य बातें

फातिमा सना शेख ने कहा कि बॉलीवुड में आज भी कुछ अभिनेत्रियाँ खुद को 'फेमिनिस्ट' कहने से बचती हैं, जो उन्हें हैरान करता है।
फातिमा के अनुसार, फेमिनिस्ट होने का अर्थ महिलाओं के लिए समान अधिकारों की माँग करना है, न कि पुरुषों के अधिकार छीनना।
उन्होंने प्रियंका चोपड़ा जोनस का उदाहरण दिया, जो खुलकर खुद को फेमिनिस्ट कहती हैं और फिर भी बड़ी पुरुष फैन फॉलोइंग रखती हैं।
सीरीज़ 'हुंकार: द रोर' में फातिमा एक पुलिस अफसर का किरदार निभा रही हैं जो नाबालिग लड़की के यौन शोषण मामले की जाँच करती है।
सीरीज़ 25 सितंबर 2026 से जियोहॉटस्टार पर स्ट्रीम होगी; निर्देशन करण डी.
कपाड़िया और नित्या मेहरा ने किया है।

अभिनेत्री फातिमा सना शेख इन दिनों अपनी आगामी वेब सीरीज़ 'हुंकार: द रोर' की रिलीज़ से पहले फेमिनिज्म पर खुलकर बोल रही हैं। उन्होंने कहा कि आज भी बॉलीवुड में कुछ अभिनेत्रियाँ खुद को फेमिनिस्ट कहने से कतराती हैं, जो उन्हें हैरान करता है। 'हुंकार: द रोर' 25 सितंबर से जियोहॉटस्टार पर स्ट्रीम होगी।

फेमिनिज्म को लेकर फातिमा का स्पष्ट रुख

फातिमा ने कहा, 'फेमिनिज्म को बहुत से लोग एक बुरा शब्द मानते हैं। यह देखकर हैरानी होती है कि कुछ अभिनेत्रियाँ कहती हैं कि वे फेमिनिस्ट नहीं हैं।' उनका मानना है कि फेमिनिस्ट होने का अर्थ पुरुषों के अधिकार छीनना नहीं, बल्कि महिलाओं के लिए समान अधिकारों की बात करना है। उन्होंने जोड़ा, 'महिलाओं को अपने अधिकारों और अपनी बात रखने में झिझक महसूस नहीं करनी चाहिए।'

प्रियंका चोपड़ा का दिया उदाहरण

अपनी बात को और ठोस करते हुए फातिमा ने प्रियंका चोपड़ा जोनस का उदाहरण सामने रखा। उन्होंने कहा कि प्रियंका खुले तौर पर खुद को फेमिनिस्ट कहती हैं, फिर भी उनकी बड़ी संख्या में पुरुष फैन फॉलोइंग है। फातिमा के अनुसार, 'अगर किसी इंसान की सोच और इरादा साफ है और वह अपनी बात समझदारी से रखता है, तो लोग उसकी बात सुनते हैं। प्रियंका इस बात का बड़ा उदाहरण है कि फेमिनिज्म की बात करने से किसी कलाकार का दर्शकों से जुड़ाव खत्म नहीं होता।'

'हुंकार: द रोर' — सीरीज़ की कहानी

'हुंकार: द रोर' में फातिमा एक सख्त और कर्तव्यनिष्ठ पुलिस अफसर की भूमिका में हैं, जो एक नाबालिग लड़की से जुड़े यौन शोषण के मामले की जाँच करती है और सच सामने लाने के लिए हर बाधा को पार करती है। सीरीज़ में अनीत पड्डा एक नाबालिग लड़की का किरदार निभा रही हैं, जो एक आध्यात्मिक गुरु पर यौन शोषण का आरोप लगाती है। यह कहानी अपराध, न्याय और ताकत के बीच एक महिला की सच के लिए लड़ाई को केंद्र में रखती है।

बराबरी के दर्जे की बात

फातिमा ने इस प्रोजेक्ट पर काम करने के अनुभव को खास बताते हुए कहा कि सीरीज़ के निर्माताओं ने उन्हें बराबरी का दर्जा दिया, जो उन्हें सबसे अच्छा लगा। यह सीरीज़ बिरला स्टूडियोज़ और अप्लॉज एंटरटेनमेंट ने पर्पल पेबल पिक्चर्स और मंगाटा फिल्म्स के साथ मिलकर बनाई है। इसका निर्देशन करण डी. कपाड़िया और नित्या मेहरा ने किया है।

रिलीज़ और आगे की राह

यह क्राइम ड्रामा सीरीज़ 25 सितंबर 2026 से जियोहॉटस्टार पर स्ट्रीम होगी। फातिमा की यह भूमिका ऐसे समय में आई है जब ओटीटी प्लेटफॉर्म पर महिला-केंद्रित और सामाजिक मुद्दों पर आधारित कंटेंट की माँग लगातार बढ़ रही है। देखना होगा कि 'हुंकार: द रोर' दर्शकों के बीच कितनी गूँज छोड़ती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

वहीं दूसरी तरफ उन्हें जीवंत करने वाली अभिनेत्रियाँ खुद को 'फेमिनिस्ट' कहने से संकोच करती हैं। यह विरोधाभास इस बात का संकेत है कि इंडस्ट्री में ब्रांड-इमेज की चिंता अभी भी वैचारिक स्पष्टता पर भारी पड़ती है। प्रियंका चोपड़ा का उदाहरण देकर फातिमा ने एक व्यावहारिक तर्क रखा है — लेकिन असली बदलाव तब आएगा जब स्क्रीन पर दिखाई जाने वाली ताकत मंच से बाहर भी उतनी ही बेबाकी से बोले।
RashtraPress
23 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

फातिमा सना शेख ने फेमिनिज्म पर क्या कहा?
फातिमा ने कहा कि फेमिनिज्म कोई बुरा शब्द नहीं है और इसका अर्थ केवल महिलाओं के लिए समान अधिकारों की माँग करना है। उन्हें हैरानी है कि आज भी बॉलीवुड में कुछ अभिनेत्रियाँ खुद को फेमिनिस्ट कहने से परहेज करती हैं।
'हुंकार: द रोर' कब और कहाँ स्ट्रीम होगी?
यह क्राइम ड्रामा वेब सीरीज़ 25 सितंबर 2026 से जियोहॉटस्टार पर स्ट्रीम होगी। सीरीज़ का निर्देशन करण डी. कपाड़िया और नित्या मेहरा ने किया है।
'हुंकार: द रोर' में फातिमा सना शेख का किरदार क्या है?
फातिमा इस सीरीज़ में एक सख्त पुलिस अफसर का किरदार निभा रही हैं, जो एक नाबालिग लड़की के यौन शोषण मामले की जाँच करती है और उसे न्याय दिलाने की कोशिश करती है। अनीत पड्डा उस नाबालिग लड़की का किरदार निभा रही हैं जो एक आध्यात्मिक गुरु पर आरोप लगाती है।
फातिमा ने प्रियंका चोपड़ा का उदाहरण क्यों दिया?
फातिमा ने प्रियंका चोपड़ा जोनस का उदाहरण यह दिखाने के लिए दिया कि खुलकर फेमिनिस्ट कहलाने से दर्शकों का जुड़ाव नहीं टूटता। प्रियंका खुद को फेमिनिस्ट घोषित करने के बावजूद बड़ी पुरुष फैन फॉलोइंग रखती हैं, जो यह साबित करता है कि विचारों की स्पष्टता और लोकप्रियता साथ चल सकती है।
'हुंकार: द रोर' का निर्माण किसने किया है?
यह सीरीज़ बिरला स्टूडियोज़ और अप्लॉज एंटरटेनमेंट ने पर्पल पेबल पिक्चर्स और मंगाटा फिल्म्स के साथ मिलकर बनाई है। करण डी. कपाड़िया और नित्या मेहरा ने इसका निर्देशन किया है।
राष्ट्र प्रेस
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