रांची: देवेंद्र महतो की भूख हड़ताल 11वें दिन भी जारी, अस्पताल से सत्याग्रह स्थल जाने की माँगी अनुमति
सारांश
मुख्य बातें
छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल 12 अगस्त 2026 को लगातार 11वें दिन भी जारी रही। रांची के सदर अस्पताल में उपचाराधीन महतो ने बुधवार को सिविल सर्जन को आवेदन देकर उन्हें जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम स्थित सत्याग्रह स्थल जाने की अनुमति देने का अनुरोध किया। झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ उनका 'भ्रष्टाचार मुक्त भर्ती अभियान' 5 जुलाई से चल रहा है।
अस्पताल से सत्याग्रह स्थल जाने की अपील
महतो ने अपने आवेदन में बताया कि 10 अगस्त को विधानसभा घेराव के दौरान पुलिस कार्रवाई के बाद उन्हें एम्बुलेंस से सदर अस्पताल लाया गया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि अस्पताल में रहते हुए भी उनकी भूख हड़ताल और आंदोलन में कोई विराम नहीं आया है। उन्होंने चिकित्सा अधिकारियों से मानवीय आधार पर सत्याग्रह स्थल जाने की अनुमति माँगी और भरोसा दिलाया कि वह चिकित्सकों के सभी आवश्यक निर्देशों का पालन करेंगे।
छात्रों के संघर्ष से जुड़ाव का भाव
महतो ने कहा, 'मेरा शरीर अस्पताल में उपचाराधीन है, लेकिन मेरी आत्मा और संकल्प उन छात्र-छात्राओं के बीच है, जो अपने भविष्य के लिए संघर्ष कर रहे हैं।' उन्होंने कहा कि झारखंड के हजारों छात्र और युवा जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में अपने भविष्य, अधिकार और न्याय के लिए सत्याग्रह कर रहे हैं। ऐसे में आंदोलन स्थल से दूर रहना उनके लिए मानसिक रूप से पीड़ादायक है।
10 अगस्त का टकराव और अस्पताल में भर्ती
10 अगस्त को छात्रों ने अपनी माँगों को लेकर विधानसभा घेराव का प्रयास किया था। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव हुआ, जिसमें पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए वाटर कैनन और आँसू गैस का इस्तेमाल किया। बाद में लाठीचार्ज भी हुआ, जिसमें महतो समेत कई छात्रों के घायल होने की बात सामने आई। इसके बाद महतो को इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया।
आंदोलन की पृष्ठभूमि
महतो का 'भ्रष्टाचार मुक्त भर्ती अभियान' जेपीएससी और जेएसएससी की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में 5 जुलाई से चल रहा है। यह आंदोलन ऐसे समय में और तेज हुआ है जब झारखंड में सरकारी नौकरियों की माँग और परीक्षा पारदर्शिता को लेकर युवाओं में व्यापक असंतोष है। महतो ने स्पष्ट किया है कि उनका संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक 'संपूर्ण न्याय' नहीं मिल जाता।
आगे क्या
सदर अस्पताल प्रशासन की ओर से महतो के आवेदन पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। भूख हड़ताल के 11 दिन पूरे होने के साथ उनके स्वास्थ्य की स्थिति पर सभी की नजर बनी हुई है, और छात्र संगठन अस्पताल के बाहर भी अपना समर्थन जारी रखे हुए हैं।