रांची विधानसभा घेराव: पेपर लीक विरोध का 17वाँ दिन, अनशनरत देवेंद्र नाथ महतो बोले — 'आज क्रांति का दिन'
सारांश
मुख्य बातें
भर्ती परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और धांधली के विरुद्ध रांची में चल रहा छात्र आंदोलन 10 अगस्त 2026 को अपने 17वें दिन में प्रवेश कर गया। आंदोलन की अगली कड़ी के रूप में छात्रों ने झारखंड विधानसभा का घेराव करने का ऐलान किया है, जिसके लिए राज्य के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में छात्र रांची पहुँचने लगे हैं।
देवेंद्र नाथ महतो की स्थिति और अनशन
छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो 2 अगस्त से आंदोलन स्थल पर अनशन पर बैठे हैं। इससे पहले उन्होंने 25 जुलाई से अनिश्चितकालीन सत्याग्रह शुरू किया था। सोमवार को उनके अनशन का नौवाँ दिन था। महतो ने कहा, "आज भूख हड़ताल का नौवाँ दिन है और मुझे कमजोरी है। मैं लगातार अपडेट दे रहा हूँ और मेरी हालत और खराब होती जा रही है। लेकिन मुझे जो दर्द, तकलीफ और पीड़ा हो रही है, इससे ज़्यादा दर्द पेपर लीक को लेकर है।"
विधानसभा घेराव पर उन्होंने कहा, "आज क्रांति का दिन है। यह हमारे महीनों के संघर्ष का दिन है।"
डॉक्टरों का स्वास्थ्य परीक्षण
सोमवार सुबह डॉक्टरों ने देवेंद्र नाथ महतो का स्वास्थ्य परीक्षण किया। चिकित्सकों ने बताया, "रविवार की अपेक्षा आज उनकी हालत बेहतर है। उन्हें कमजोरी थी, शुगर लेवल गिर गया था, इसलिए हमने उन्हें ड्रिप लगाई। इसके बाद उनके वाइटल ऑर्गन्स अभी ठीक हैं और वे बेहतर महसूस कर रहे हैं।" पिछले आठ दिनों में उनके स्वास्थ्य में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है।
विधानसभा घेराव की तैयारी
प्रस्तावित घेराव से पहले छात्र जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में एकत्र हुए। एक प्रदर्शनकारी छात्र ने कहा, "हम विधानसभा की ओर जा रहे हैं और हमारा शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन 10 बजे शुरू होगा। जब तक सरकार हमारी माँगें नहीं मान लेती, हम रुकने वाले नहीं हैं। भूख हड़ताल पर बैठे सभी छात्रों का बलिदान बेकार नहीं जाएगा।"
एक अन्य छात्र ने स्पष्ट किया, "आज का कार्यक्रम पहले से तय था। मार्च पुरानी विधानसभा के पास से शुरू होगा और यह पूरी तरह शांतिपूर्ण एवं संवैधानिक होगा। मैं झारखंड के सभी छात्रों से इसमें शामिल होने की अपील करता हूँ।"
आंदोलन की पृष्ठभूमि
यह आंदोलन झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं के विरोध में शुरू हुआ था। गौरतलब है कि पेपर लीक की समस्या केवल झारखंड तक सीमित नहीं है — हाल के वर्षों में देश के कई राज्यों में परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल उठे हैं। छात्रों की माँग है कि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो और परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाए।
आगे क्या होगा
विधानसभा घेराव के बाद आंदोलन की दिशा काफी हद तक सरकार की प्रतिक्रिया पर निर्भर करेगी। देवेंद्र नाथ महतो की बिगड़ती सेहत आंदोलन में एक नई संवेदनशीलता जोड़ रही है, जो राज्य सरकार पर वार्ता की दिशा में दबाव बना सकती है।