21 अगस्त 2026
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झारखंड भर्ती घोटाला: देवेंद्र महतो का 24 अगस्त से 'भर्ती सुधार यात्रा' का ऐलान, सरकार को चेतावनी

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झारखंड भर्ती घोटाला: देवेंद्र महतो का 24 अगस्त से 'भर्ती सुधार यात्रा' का ऐलान, सरकार को चेतावनी

सारांश

झारखंड में जेपीएससी-जेएसएससी भर्ती विवाद अब सड़क पर उतरने को तैयार है। छात्र नेता देवेंद्र महतो ने 24 अगस्त से 'भर्ती सुधार यात्रा' का ऐलान करते हुए सरकार को चेतावनी दी है — अदालत में कमज़ोर पैरवी हुई तो चक्का जाम और अनिश्चितकालीन आंदोलन होगा।

मुख्य बातें

छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने 21 अगस्त 2026 को रांची में प्रेस वार्ता कर झारखंड सरकार पर भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी को लेकर सवाल उठाए।
24 अगस्त से शिबू सोरेन के पैतृक गांव नेमरा से 'भर्ती सुधार यात्रा' शुरू होगी, जो राज्यभर में जनजागरण अभियान चलाएगी।
सरकार ने 17 अगस्त को 45 विवादित भर्ती प्रक्रियाओं पर कार्रवाई की — 22 परीक्षाएं रद्द , 6 स्थगित , 17 की जांच के आदेश।
महतो ने हाईकोर्ट में सीआईडी जांच रिपोर्ट को प्रभावी ढंग से न रखने पर सरकार को आड़े हाथों लिया।
सितंबर सुनवाई में कमज़ोर पैरवी पर मुख्यमंत्री आवास घेराव , चक्का जाम और अनिश्चितकालीन आंदोलन की चेतावनी।
महतो का आरोप — झारखंड गठन के 26 वर्षों में भर्ती व्यवस्था में छात्रों के साथ लगातार अन्याय होता रहा है।

छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने 21 अगस्त 2026 को रांची में आयोजित प्रेस वार्ता में झारखंड की जेपीएससी-जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर राज्य सरकार पर कड़े सवाल दागे। उन्होंने घोषणा की कि 24 अगस्त से शिबू सोरेन के पैतृक गांव नेमरा से 'भर्ती सुधार यात्रा' की शुरुआत होगी, जो राज्यव्यापी जनजागरण अभियान का रूप लेगी।

सरकारी कार्रवाई पर उठे सवाल

महतो के अनुसार, छात्र आंदोलन के दबाव में राज्य सरकार ने 17 अगस्त को 45 विवादित भर्ती प्रक्रियाओं पर कार्रवाई की। इनमें 22 परीक्षाओं को रद्द किया गया, 6 परीक्षाओं की प्रक्रिया स्थगित की गई और 17 अन्य परीक्षाओं की जांच के आदेश दिए गए। हालांकि, महतो ने सवाल उठाया कि सरकार ने हाईकोर्ट में अपना पक्ष रखने का अवसर मिलने के बावजूद सीआईडी जांच की रिपोर्ट और तथ्यों को प्रभावी ढंग से अदालत के समक्ष क्यों नहीं रखा।

अदालती मोर्चे पर चिंता

जेपीएससी, फूड सेफ्टी ऑफिसर, सीडीपीओ और जेएसएससी-सीजीएल समेत कई भर्ती परीक्षाओं से जुड़े मामले अब न्यायालय में विचाराधीन हैं। महतो का कहना है कि सरकार ने सीआईडी जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर परीक्षाएं रद्द करने का निर्णय लिया, लेकिन हाईकोर्ट में उन्हीं तथ्यों को ठोस तरीके से प्रस्तुत न करना छात्रों और आम नागरिकों में निराशा का कारण बना है।

भर्ती सुधार यात्रा की रूपरेखा

महतो ने बताया कि 24 अगस्त से शुरू होने वाली 'भर्ती सुधार यात्रा' के दौरान राज्य के विभिन्न जिलों में छात्रों, शिक्षकों, प्रोफेसरों और आम नागरिकों के बीच भर्ती व्यवस्था में सुधार को लेकर जागरूकता फैलाई जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि आंदोलन का मकसद किसी निर्दोष अभ्यर्थी की नौकरी छीनना नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार, पेपर लीक और धांधली के खिलाफ व्यवस्थागत बदलाव लाना है।

सरकार को कड़ी चेतावनी

महतो ने आगाह किया कि आगामी सितंबर में होने वाली न्यायिक सुनवाई में यदि सरकार ने अपना पक्ष मजबूती से नहीं रखा, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। उन्होंने मुख्यमंत्री आवास के घेराव, चक्का जाम और आवश्यकता पड़ने पर अनिश्चितकालीन आंदोलन की चेतावनी दी। साथ ही उन्होंने मांग की कि दोषी अभ्यर्थियों के खिलाफ कार्रवाई के साथ-साथ निर्दोष अभ्यर्थियों के भविष्य की जिम्मेदारी भी सरकार को लेनी होगी।

झारखंड में भर्ती विवाद की पृष्ठभूमि

महतो ने आरोप लगाया कि झारखंड के गठन के 26 वर्षों में भर्ती व्यवस्था को लेकर छात्रों के साथ लगातार अन्याय और अनियमितताओं की शिकायतें सामने आती रही हैं। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में पेपर लीक और परीक्षा घोटालों के मामले राष्ट्रीय विमर्श का हिस्सा बन चुके हैं। गौरतलब है कि झारखंड में यह पहली बार नहीं है जब भर्ती परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठे हों — राज्य में पूर्व में भी कई भर्ती प्रक्रियाएं विवादों में रही हैं। आने वाले सप्ताहों में न्यायालय का रुख और सरकार की प्रतिक्रिया यह तय करेगी कि यह आंदोलन किस दिशा में जाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन हाईकोर्ट में सीआईडी रिपोर्ट को ठोस तरीके से न रखना यह सवाल खड़ा करता है कि क्या राजनीतिक इच्छाशक्ति वाकई मौजूद है। 26 साल में बार-बार उठी शिकायतों के बावजूद कोई स्थायी संरचनात्मक सुधार न होना बताता है कि समस्या प्रशासनिक नहीं, राजनीतिक है। 'भर्ती सुधार यात्रा' आंदोलन को जन-समर्थन दिला सकती है, लेकिन असली बदलाव तभी आएगा जब दोषियों पर ठोस कार्रवाई और स्वतंत्र परीक्षा तंत्र की स्थापना हो।
RashtraPress
21 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'भर्ती सुधार यात्रा' क्या है और यह कब शुरू होगी?
'भर्ती सुधार यात्रा' छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो द्वारा शुरू किया जाने वाला राज्यव्यापी जनजागरण अभियान है, जो 24 अगस्त से शिबू सोरेन के पैतृक गांव नेमरा से शुरू होगा। इस यात्रा के दौरान झारखंड के विभिन्न जिलों में छात्रों, शिक्षकों और आम नागरिकों के बीच भर्ती व्यवस्था सुधार को लेकर जागरूकता फैलाई जाएगी।
झारखंड में 45 भर्ती प्रक्रियाओं पर क्या कार्रवाई हुई?
राज्य सरकार ने 17 अगस्त को 45 विवादित भर्ती प्रक्रियाओं पर कार्रवाई की, जिसमें 22 परीक्षाओं को रद्द किया गया, 6 की प्रक्रिया स्थगित की गई और 17 अन्य परीक्षाओं की जांच के आदेश दिए गए। यह कार्रवाई सीआईडी जांच में सामने आए तथ्यों और छात्र आंदोलन के दबाव में की गई बताई जाती है।
देवेंद्र महतो ने हाईकोर्ट में सरकार की पैरवी पर सवाल क्यों उठाए?
महतो का कहना है कि सरकार ने सीआईडी जांच के आधार पर परीक्षाएं रद्द कीं, लेकिन हाईकोर्ट में अपना पक्ष रखने का अवसर मिलने के बावजूद उन्हीं तथ्यों और रिपोर्ट को प्रभावी ढंग से अदालत के सामने नहीं रखा। उनके अनुसार इससे छात्रों में यह संदेह गहरा हुआ है कि सरकार की मंशा वास्तव में सुधार की नहीं है।
आंदोलन आगे किस दिशा में जा सकता है?
महतो ने स्पष्ट किया कि सितंबर में होने वाली न्यायिक सुनवाई में यदि सरकार ने मजबूत पैरवी नहीं की, तो मुख्यमंत्री आवास का घेराव, चक्का जाम और अनिश्चितकालीन आंदोलन किया जाएगा। फिलहाल 24 अगस्त से शुरू होने वाली 'भर्ती सुधार यात्रा' आंदोलन को जन-आधार देने की कोशिश है।
इस आंदोलन का निर्दोष अभ्यर्थियों पर क्या असर होगा?
महतो ने स्पष्ट किया है कि आंदोलन का उद्देश्य किसी निर्दोष अभ्यर्थी की नौकरी छीनना नहीं है। उनकी मांग है कि दोषियों पर कार्रवाई हो, लेकिन साथ ही सरकार निर्दोष अभ्यर्थियों के भविष्य की जिम्मेदारी भी ले और भविष्य में पेपर लीक व धांधली की पुनरावृत्ति न हो, इसकी गारंटी दे।
राष्ट्र प्रेस
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