24 अगस्त 2026
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भारत-मर्कोसुर PTA विस्तार की वकालत: अर्जेंटीना राजदूत बोले, द्विपक्षीय व्यापार $6 अरब पार

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भारत-मर्कोसुर PTA विस्तार की वकालत: अर्जेंटीना राजदूत बोले, द्विपक्षीय व्यापार $6 अरब पार

सारांश

भारत अब अर्जेंटीना का छठा सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार है और द्विपक्षीय व्यापार $6 अरब पार कर चुका है। अर्जेंटीना के राजदूत कॉसिनो ने 2009 से लागू भारत-मर्कोसुर PTA के विस्तार पर आशावाद जताया — यह समझौता अभी कुछ ही उत्पादों तक सीमित है।

मुख्य बातें

अर्जेंटीना के राजदूत मारियानो कॉसिनो ने 24 अगस्त को नई दिल्ली में कहा कि भारत-अर्जेंटीना द्विपक्षीय व्यापार 6 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक हो चुका है।
भारत अब अर्जेंटीना का छठा सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार है — ब्राजील, चीन, अमेरिका, EU और चिली के बाद।
भारत-मर्कोसुर PTA जून 2009 से लागू है, लेकिन यह सीमित उत्पादों तक ही प्रतिबंधित है; इसके विस्तार पर मर्कोसुर सदस्यों में सहमति है।
मर्कोसुर में संस्थापक सदस्य अर्जेंटीना, ब्राजील, पराग्वे और उरुग्वे हैं; वेनेजुएला 2012 में और बोलीविया 2015 में शामिल हुए।
कार्यक्रम जनरल जोस डी सैन मार्टिन की स्मृति में आयोजित था, जिन्हें अर्जेंटीना और दक्षिण अमेरिका का महानायक बताया गया।

अर्जेंटीना के राजदूत मारियानो कॉसिनो ने सोमवार, 24 अगस्त को नई दिल्ली में कहा कि भारत और अर्जेंटीना के बीच द्विपक्षीय व्यापार 6 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक हो चुका है और दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाएं एक-दूसरे की पूरक हैं। उन्होंने भारत-मर्कोसुर अधिमान्य व्यापार समझौते (PTA) के विस्तार के प्रति आशावाद जताया और कहा कि इस दिशा में मर्कोसुर सदस्यों के बीच व्यापक सहमति है।

द्विपक्षीय व्यापार और साझेदारी की स्थिति

राजदूत कॉसिनो ने जनरल जोस डी सैन मार्टिन को श्रद्धांजलि देने के लिए आयोजित कार्यक्रम के अवसर पर कहा, "दोनों देशों के बीच संबंध बहुत अच्छे हैं। अर्जेंटीना और भारत छह अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक के व्यापारिक संबंध का आनंद ले रहे हैं।" उन्होंने बताया कि ब्राजील, चीन, अमेरिका, यूरोपीय संघ और चिली के बाद भारत अर्जेंटीना का छठा सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार बन चुका है।

यह ऐसे समय में आया है जब दोनों देशों ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक उन्नत किया है और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को गहरा करने पर काम जारी है।

मर्कोसुर-भारत PTA विस्तार पर सहमति

कॉसिनो ने स्पष्ट किया कि मर्कोसुर — जिसमें अर्जेंटीना, ब्राजील, पराग्वे और उरुग्वे संस्थापक सदस्य हैं, जबकि वेनेजुएला 2012 में और बोलीविया 2015 में शामिल हुए — के सदस्यों में भारत के साथ मिलकर काम करने की आम सहमति है। उन्होंने कहा, "वर्तमान समझौते का विस्तार किया जाना है, क्योंकि यह कुछ उत्पादों तक ही सीमित है। लेकिन मैं इस लिहाज से आशावादी हूं।"

गौरतलब है कि भारत-मर्कोसुर PTA पर बातचीत 2005 में पूरी हुई थी और यह समझौता जून 2009 से लागू है। विशेषज्ञों के अनुसार मौजूदा PTA की सीमित उत्पाद कवरेज इसकी सबसे बड़ी बाधा रही है, और इसका विस्तार दोनों पक्षों के लिए व्यापार के नए द्वार खोल सकता है।

जनरल सैन मार्टिन को श्रद्धांजलि

कार्यक्रम के केंद्र में लैटिन अमेरिका के स्वतंत्रता संग्राम के महानायक जनरल जोस डी सैन मार्टिन को श्रद्धांजलि थी। राजदूत ने उन्हें "अर्जेंटीना के राष्ट्रीय नायक और पेरू-चिली के मुक्तिदाता" बताया। उन्होंने कहा कि भारत में यह कार्यक्रम करना विशेष महत्व रखता है, क्योंकि भारत स्वयं स्वतंत्रता संघर्ष का एक जीवंत उदाहरण रहा है।

मध्य पूर्व संघर्ष पर अर्जेंटीना का रुख

पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष पर राजदूत कॉसिनो ने कहा कि मध्य पूर्व कई वर्षों से अशांत रहा है और वहाँ अनेक संघर्ष हुए हैं। उन्होंने आशा जताई कि इस क्षेत्र के देश कुछ कार्यात्मक संबंध स्थापित करने में सफल होंगे और कुछ प्रगति हासिल की जा सकेगी।

आगे क्या

भारत-मर्कोसुर PTA के विस्तार की दिशा में अगला कदम मर्कोसुर सदस्य देशों के बीच औपचारिक वार्ता प्रक्रिया होगी। यदि यह समझौता व्यापक रूप लेता है, तो यह दोनों क्षेत्रों के बीच कृषि, फार्मास्यूटिकल्स, ऑटोमोबाइल और तकनीकी उत्पादों के व्यापार को उल्लेखनीय रूप से बढ़ा सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन डेढ़ दशक बाद भी यह चुनिंदा उत्पादों की संकरी सूची तक सीमित है — यह व्यापार की क्षमता और राजनीतिक इच्छाशक्ति के बीच की खाई को उजागर करता है। $6 अरब का आँकड़ा प्रभावशाली लगता है, लेकिन भारत के कुल वैश्विक व्यापार के परिप्रेक्ष्य में यह अभी भी सीमांत है। असली सवाल यह है कि PTA विस्तार की 'आम सहमति' कब औपचारिक वार्ता में बदलेगी — क्योंकि लैटिन अमेरिका के साथ भारत का जुड़ाव अक्सर राजनयिक बयानबाजी में अटका रहता है और ठोस बाज़ार पहुँच में तब्दील होने में वर्षों लग जाते हैं।
RashtraPress
24 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत-मर्कोसुर अधिमान्य व्यापार समझौता (PTA) क्या है?
भारत-मर्कोसुर PTA एक व्यापार समझौता है जिस पर बातचीत 2005 में पूरी हुई और यह जून 2009 से लागू है। यह समझौता दोनों पक्षों के बीच चुनिंदा उत्पादों पर तरजीही शुल्क दर प्रदान करता है, हालांकि इसकी उत्पाद कवरेज अभी सीमित है।
भारत अर्जेंटीना का कितने नंबर का व्यापारिक भागीदार है?
अर्जेंटीना के राजदूत मारियानो कॉसिनो के अनुसार, भारत अर्जेंटीना का छठा सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार है। ब्राजील, चीन, अमेरिका, यूरोपीय संघ और चिली इससे आगे हैं, और द्विपक्षीय व्यापार $6 अरब से अधिक हो चुका है।
मर्कोसुर में कौन-कौन से देश शामिल हैं?
मर्कोसुर के संस्थापक सदस्य अर्जेंटीना, ब्राजील, पराग्वे और उरुग्वे हैं। वेनेजुएला 2012 में इसमें शामिल हुआ और बोलीविया को शामिल करने पर 2015 में सहमति बनी थी।
भारत-मर्कोसुर PTA के विस्तार में क्या बाधाएं हैं?
मौजूदा PTA केवल कुछ उत्पादों तक सीमित है और इसके विस्तार के लिए सभी मर्कोसुर सदस्य देशों की सहमति आवश्यक है। राजदूत कॉसिनो ने कहा कि सदस्यों के बीच आम सहमति है, लेकिन औपचारिक वार्ता प्रक्रिया अभी बाकी है।
जनरल जोस डी सैन मार्टिन कौन थे और उनका भारत से क्या संबंध है?
जनरल जोस डी सैन मार्टिन अर्जेंटीना के राष्ट्रीय नायक और पेरू-चिली के स्वतंत्रता संग्राम के मुक्तिदाता थे। नई दिल्ली में उनकी स्मृति में आयोजित कार्यक्रम इस मायने में खास था क्योंकि अर्जेंटीना ने भारत को स्वतंत्रता संघर्ष का प्रतीक देश बताते हुए यहाँ इस आयोजन को विशेष महत्व दिया।
राष्ट्र प्रेस
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