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भारत-अर्जेंटीना व्यापार $6 अरब के पार, लिथियम और ऊर्जा सुरक्षा में साझेदारी गहरी: राजदूत कॉसिनो

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भारत-अर्जेंटीना व्यापार $6 अरब के पार, लिथियम और ऊर्जा सुरक्षा में साझेदारी गहरी: राजदूत कॉसिनो

सारांश

भारत-अर्जेंटीना व्यापार $6 अरब तक पहुँचा और रणनीतिक साझेदारी नई ऊँचाई पर है। राजदूत मारियानो कॉसिनो के अनुसार लिथियम, ऊर्जा और खाद्य सुरक्षा में सहयोग दोनों देशों के भविष्य की नींव बन रहा है — और भारतीय कंपनियों की अर्जेंटीना के लिथियम भंडारों में बढ़ती रुचि इस साझेदारी को और ठोस बना रही है।

मुख्य बातें

भारत-अर्जेंटीना द्विपक्षीय व्यापार लगभग $6 अरब डॉलर तक पहुँच गया है, जो पाँच-छह वर्ष पहले की तुलना में उल्लेखनीय वृद्धि है।
दोनों देशों के बीच 75 वर्षों के संबंध हैं; पिछले 7 वर्षों में इन्हें रणनीतिक साझेदारी का दर्जा दिया गया।
अर्जेंटीना के लिथियम भंडारों में भारतीय कंपनियाँ सक्रिय रूप से निवेश की संभावनाएँ तलाश रही हैं।
राजदूत मारियानो कॉसिनो ने खाद्य सुरक्षा, ऊर्जा सुरक्षा और खनन को सहयोग के तीन प्रमुख क्षेत्र बताया।
वैश्विक भू-राजनीतिक अस्थिरता के बीच ऊर्जा आपूर्ति पर भारत की निर्भरता को लेकर कॉसिनो ने चिंता जताई।

भारत में अर्जेंटीना के राजदूत मारियानो कॉसिनो ने 22 जून 2026 को कहा कि दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार लगभग 6 अरब डॉलर तक पहुँच चुका है, जिससे भारत अर्जेंटीना के सबसे अहम व्यापारिक साझेदारों में शामिल हो गया है। उन्होंने खाद्य सुरक्षा, ऊर्जा सुरक्षा और लिथियम खनन को दोनों देशों के बीच सहयोग के तीन प्रमुख स्तंभ बताया।

रणनीतिक साझेदारी की नई ऊँचाई

राजदूत कॉसिनो के अनुसार, भारत और अर्जेंटीना के बीच पिछले 75 वर्षों से मैत्रीपूर्ण संबंध रहे हैं। उन्होंने बताया कि पिछले सात वर्षों में इन संबंधों को और प्रगाढ़ करते हुए इन्हें रणनीतिक साझेदारी का दर्जा दिया गया है। यह साझेदारी केवल कूटनीतिक औपचारिकता नहीं, बल्कि व्यापार के ठोस आँकड़ों में भी परिलक्षित होती है।

कॉसिनो ने कहा, 'पाँच-छह साल पहले की तुलना में यह बढ़ोतरी बहुत बड़ी है।' उनके अनुसार यह वृद्धि इस बात का प्रमाण है कि भारत वैश्विक मंच पर एक महत्वपूर्ण आर्थिक शक्ति के रूप में उभर रहा है।

लिथियम खनन: भारतीय कंपनियों की बढ़ती रुचि

खनन क्षेत्र में अर्जेंटीना के पास लिथियम के विशाल भंडार हैं और भारतीय कंपनियाँ इसमें सक्रिय रुचि दिखा रही हैं। कॉसिनो ने कहा कि भारतीय निवेश इस बात का उदाहरण है कि दोनों देश किस प्रकार मिलकर आगे बढ़ रहे हैं। गौरतलब है कि लिथियम इलेक्ट्रिक वाहनों और ऊर्जा भंडारण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण खनिज है, और भारत की हरित ऊर्जा महत्वाकांक्षाओं के मद्देनज़र यह साझेदारी दीर्घकालिक रणनीतिक महत्व रखती है।

वैश्विक संघर्ष और ऊर्जा आपूर्ति पर चिंता

राजदूत ने वैश्विक भू-राजनीतिक अस्थिरता पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि दुनिया भर में एक साथ कई संघर्ष चल रहे हैं और इनका समाधान आसान नहीं दिख रहा। उनके अनुसार, 'ऊर्जा आपूर्ति के कारण भारत भी किसी न किसी रूप में इन हालातों से प्रभावित होता है।' हालाँकि उन्होंने उम्मीद जताई कि कूटनीतिक प्रयासों से कम से कम कुछ स्थिरता जरूर आएगी।

फुटबॉल और सांस्कृतिक जुड़ाव

व्यापार और कूटनीति के अलावा राजदूत कॉसिनो ने फुटबॉल को भी दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक सेतु बताया। उन्होंने विश्वास जताया कि अर्जेंटीना चौथी बार फीफा विश्व कप जीत सकता है। उन्होंने कहा कि जब लियोनेल मेसी भारत आए थे, तो लोगों का उत्साह देखते ही बनता था — यह भारत में फुटबॉल की बढ़ती लोकप्रियता का संकेत है।

आगे क्या

खाद्य सुरक्षा, लिथियम आपूर्ति श्रृंखला और ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग की बढ़ती गति को देखते हुए, विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में भारत-अर्जेंटीना व्यापार $6 अरब डॉलर की मौजूदा सीमा को पार कर सकता है। दोनों देशों के बीच निवेश समझौतों और खनन क्षेत्र में नई परियोजनाओं की घोषणाएँ निकट भविष्य में संभव हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा लिथियम निवेश को ठोस आपूर्ति श्रृंखला में बदलने की है — जहाँ अब तक केवल 'रुचि' की बात हो रही है, अनुबंधों की नहीं। भारत की हरित ऊर्जा महत्वाकांक्षाएँ लिथियम पर बहुत हद तक निर्भर हैं, और अर्जेंटीना 'लिथियम त्रिकोण' का हिस्सा होने के नाते रणनीतिक रूप से अपरिहार्य है। फिर भी, राजनीतिक अस्थिरता और मुद्रा जोखिम जैसे कारकों पर राजदूत की चुप्पी उल्लेखनीय है। द्विपक्षीय संबंधों की गहराई तब सिद्ध होगी जब निवेश के आँकड़े सार्वजनिक होंगे।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत और अर्जेंटीना के बीच व्यापार कितना है?
राजदूत मारियानो कॉसिनो के अनुसार दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार लगभग $6 अरब डॉलर तक पहुँच गया है। यह पाँच-छह वर्ष पहले की तुलना में उल्लेखनीय वृद्धि है और भारत अब अर्जेंटीना के प्रमुख व्यापारिक साझेदारों में शामिल है।
अर्जेंटीना में लिथियम खनन में भारत की क्या भूमिका है?
अर्जेंटीना के पास लिथियम के विशाल भंडार हैं और भारतीय कंपनियाँ इस क्षेत्र में निवेश को लेकर सक्रिय रुचि दिखा रही हैं। राजदूत कॉसिनो ने इसे दोनों देशों के बीच बढ़ती साझेदारी का एक प्रमुख उदाहरण बताया।
भारत-अर्जेंटीना रणनीतिक साझेदारी कब बनी?
दोनों देशों के बीच 75 वर्षों से मैत्रीपूर्ण संबंध रहे हैं। राजदूत के अनुसार पिछले सात वर्षों में इन संबंधों को रणनीतिक साझेदारी का दर्जा दिया गया है।
वैश्विक संघर्षों का भारत-अर्जेंटीना संबंधों पर क्या असर है?
राजदूत कॉसिनो ने कहा कि वैश्विक भू-राजनीतिक अस्थिरता के कारण ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित होती है, जिससे भारत भी अछूता नहीं है। उन्होंने उम्मीद जताई कि कूटनीतिक प्रयासों से स्थिरता आएगी, जो दोनों देशों के व्यापारिक हितों के लिए आवश्यक है।
भारत-अर्जेंटीना सहयोग के प्रमुख क्षेत्र कौन से हैं?
राजदूत कॉसिनो ने खाद्य सुरक्षा, ऊर्जा सुरक्षा और खनन (विशेषकर लिथियम) को सहयोग के तीन मुख्य स्तंभ बताया। इन तीनों क्षेत्रों में दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाएँ एक-दूसरे की पूरक हैं।
राष्ट्र प्रेस
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