भारत-अर्जेंटीना व्यापार $6 अरब के पार, लिथियम और ऊर्जा सुरक्षा में साझेदारी गहरी: राजदूत कॉसिनो
सारांश
मुख्य बातें
भारत में अर्जेंटीना के राजदूत मारियानो कॉसिनो ने 22 जून 2026 को कहा कि दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार लगभग 6 अरब डॉलर तक पहुँच चुका है, जिससे भारत अर्जेंटीना के सबसे अहम व्यापारिक साझेदारों में शामिल हो गया है। उन्होंने खाद्य सुरक्षा, ऊर्जा सुरक्षा और लिथियम खनन को दोनों देशों के बीच सहयोग के तीन प्रमुख स्तंभ बताया।
रणनीतिक साझेदारी की नई ऊँचाई
राजदूत कॉसिनो के अनुसार, भारत और अर्जेंटीना के बीच पिछले 75 वर्षों से मैत्रीपूर्ण संबंध रहे हैं। उन्होंने बताया कि पिछले सात वर्षों में इन संबंधों को और प्रगाढ़ करते हुए इन्हें रणनीतिक साझेदारी का दर्जा दिया गया है। यह साझेदारी केवल कूटनीतिक औपचारिकता नहीं, बल्कि व्यापार के ठोस आँकड़ों में भी परिलक्षित होती है।
कॉसिनो ने कहा, 'पाँच-छह साल पहले की तुलना में यह बढ़ोतरी बहुत बड़ी है।' उनके अनुसार यह वृद्धि इस बात का प्रमाण है कि भारत वैश्विक मंच पर एक महत्वपूर्ण आर्थिक शक्ति के रूप में उभर रहा है।
लिथियम खनन: भारतीय कंपनियों की बढ़ती रुचि
खनन क्षेत्र में अर्जेंटीना के पास लिथियम के विशाल भंडार हैं और भारतीय कंपनियाँ इसमें सक्रिय रुचि दिखा रही हैं। कॉसिनो ने कहा कि भारतीय निवेश इस बात का उदाहरण है कि दोनों देश किस प्रकार मिलकर आगे बढ़ रहे हैं। गौरतलब है कि लिथियम इलेक्ट्रिक वाहनों और ऊर्जा भंडारण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण खनिज है, और भारत की हरित ऊर्जा महत्वाकांक्षाओं के मद्देनज़र यह साझेदारी दीर्घकालिक रणनीतिक महत्व रखती है।
वैश्विक संघर्ष और ऊर्जा आपूर्ति पर चिंता
राजदूत ने वैश्विक भू-राजनीतिक अस्थिरता पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि दुनिया भर में एक साथ कई संघर्ष चल रहे हैं और इनका समाधान आसान नहीं दिख रहा। उनके अनुसार, 'ऊर्जा आपूर्ति के कारण भारत भी किसी न किसी रूप में इन हालातों से प्रभावित होता है।' हालाँकि उन्होंने उम्मीद जताई कि कूटनीतिक प्रयासों से कम से कम कुछ स्थिरता जरूर आएगी।
फुटबॉल और सांस्कृतिक जुड़ाव
व्यापार और कूटनीति के अलावा राजदूत कॉसिनो ने फुटबॉल को भी दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक सेतु बताया। उन्होंने विश्वास जताया कि अर्जेंटीना चौथी बार फीफा विश्व कप जीत सकता है। उन्होंने कहा कि जब लियोनेल मेसी भारत आए थे, तो लोगों का उत्साह देखते ही बनता था — यह भारत में फुटबॉल की बढ़ती लोकप्रियता का संकेत है।
आगे क्या
खाद्य सुरक्षा, लिथियम आपूर्ति श्रृंखला और ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग की बढ़ती गति को देखते हुए, विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में भारत-अर्जेंटीना व्यापार $6 अरब डॉलर की मौजूदा सीमा को पार कर सकता है। दोनों देशों के बीच निवेश समझौतों और खनन क्षेत्र में नई परियोजनाओं की घोषणाएँ निकट भविष्य में संभव हैं।