भारत-अर्जेंटीना JTC चौथी बैठक: लिथियम, फार्मा और कृषि में सहयोग को नई दिशा, द्विपक्षीय व्यापार $6.5 अरब पार
सारांश
मुख्य बातें
भारत और अर्जेंटीना ने 29 अगस्त 2025 को ब्यूनस आयर्स में आयोजित भारत-अर्जेंटीना संयुक्त व्यापार समिति (JTC) की चौथी बैठक में अपने आर्थिक और रणनीतिक संबंधों को नई गति देने की प्रतिबद्धता दोहराई। इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 2025 की अर्जेंटीना यात्रा के दौरान तय किए गए रोडमैप की प्रगति की समीक्षा की गई और लिथियम, फार्मास्यूटिकल्स, कृषि तथा डिजिटल प्रौद्योगिकी जैसे प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग विस्तार पर सहमति बनी।
लिथियम क्षेत्र में काबिल की अग्रणी भूमिका
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अनुसार, बैठक में भारत की सरकारी कंपनी खनिज विदेश इंडिया लिमिटेड (काबिल) द्वारा अर्जेंटीना के कैटामार्का प्रांत में संचालित लिथियम खनन परियोजना की उल्लेखनीय प्रगति को रेखांकित किया गया। यह अर्जेंटीना में किसी भारतीय कंपनी की पहली लिथियम खनन पहल है, जिसने दूसरे चरण की ड्रिलिंग सफलतापूर्वक पूरी कर ली है। इसके अतिरिक्त साल्टा और जुजुय प्रांतों में भी सहयोग के नए अवसर तलाशे जा रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह साझेदारी भारत की इलेक्ट्रिक वाहन (EV) और बैटरी विनिर्माण रणनीति को महत्वपूर्ण कच्चा माल उपलब्ध कराने में सहायक सिद्ध हो सकती है।
फार्मा क्षेत्र में बाज़ार प्रवेश को मिलेगी सुगमता
भारतीय दवा उद्योग के लिए बैठक में एक महत्वपूर्ण प्रगति दर्ज की गई। अर्जेंटीना ने अपने औषधि नियामक ढाँचे के अंतर्गत भारत को एनेक्स-2 से उन्नत कर एनेक्स-1 श्रेणी में लाने की दिशा में काम करने और बाज़ार प्रवेश से जुड़ी बाधाओं को कम करने की प्रतिबद्धता जताई है। इससे भारतीय दवा कंपनियों के लिए अर्जेंटीना के बाज़ार में प्रवेश सरल होगा और वहाँ सस्ती एवं गुणवत्तापूर्ण दवाओं की उपलब्धता बढ़ेगी। दोनों देशों ने वर्ष 2019 में अर्जेंटीना की राष्ट्रीय औषधि, खाद्य एवं चिकित्सा प्रौद्योगिकी प्रशासन संस्था और भारत के केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) के बीच हुए समझौते को आगे बढ़ाने पर भी सहमति व्यक्त की, जिसमें आयुर्वेद और योग जैसे क्षेत्रों में संयुक्त पहल शामिल हैं।
द्विपक्षीय व्यापार में 17% से अधिक की छलाँग
दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंध तेज़ी से प्रगाढ़ हो रहे हैं। वर्ष 2025 में द्विपक्षीय व्यापार $6.5 अरब डॉलर के स्तर को पार कर गया और इसमें सालाना आधार पर 17 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई। इस बढ़त के साथ भारत, अर्जेंटीना का पाँचवाँ सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार बन गया है। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में पुनर्संरेखण हो रहा है और भारत महत्वपूर्ण खनिजों के लिए अपनी निर्भरता को विविधीकृत करने में जुटा है।
कृषि उत्पादों को मिलेगा नया बाज़ार
कृषि क्षेत्र में भी बाज़ार पहुँच बढ़ाने को लेकर सकारात्मक प्रगति हुई। दोनों देशों के बीच स्वास्थ्य एवं पादप स्वच्छता मानकों पर तकनीकी स्तर की चर्चाएँ आगे बढ़ी हैं। इसके अंतर्गत प्याज, दूध एवं दुग्ध उत्पाद, अंगूर, आलू, केला और दलहन जैसे भारतीय कृषि उत्पादों के लिए अर्जेंटीना के बाज़ार तक पहुँच बनाने की दिशा में कदम उठाए गए हैं। सरकार का मानना है कि इससे भारतीय किसानों और निर्यातकों को नए अवसर मिलेंगे और 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य को हासिल करने में सहायता मिलेगी।
भविष्य के सहयोग क्षेत्र: 5G, AI और अंतरिक्ष
बैठक में विमानन, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, दूरसंचार और डिजिटल सेवाओं को भविष्य के सहयोग क्षेत्रों के रूप में चिन्हित किया गया। विशेष रूप से 5G, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में साझेदारी बढ़ाने की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा हुई। यह साझेदारी दोनों देशों के बीच केवल व्यापार तक सीमित नहीं रहकर तकनीकी सहयोग की एक नई परत जोड़ती है, जो आने वाले वर्षों में इस द्विपक्षीय संबंध को और गहरा बना सकती है।