29 अगस्त 2026
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ममता बनर्जी के खिलाफ एफआईआर दर्ज होगी: सुवेंदु अधिकारी का आदेश, टीएमसीपी रैली में कलकत्ता हाईकोर्ट के निर्देशों का उल्लंघन

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ममता बनर्जी के खिलाफ एफआईआर दर्ज होगी: सुवेंदु अधिकारी का आदेश, टीएमसीपी रैली में कलकत्ता हाईकोर्ट के निर्देशों का उल्लंघन

सारांश

कोलकाता में टीएमसीपी की स्थापना दिवस रैली राजनीतिक विवाद में बदल गई — कलकत्ता हाईकोर्ट की शर्तों के कथित उल्लंघन पर मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी के खिलाफ एफआईआर का आदेश दिया और हाईकोर्ट में अपील की भी तैयारी है।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने 29 अगस्त को पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का पुलिस को निर्देश दिया।
कलकत्ता उच्च न्यायालय ने टीएमसीपी रैली को एक लेन तक सीमित रखने और दूसरी लेन यातायात के लिए खुली रखने की सशर्त अनुमति दी थी।
आरोप है कि ममता बनर्जी के समर्थकों ने बैरिकेड तोड़कर दोनों लेन पर कब्जा कर लिया, जिससे यातायात बाधित हुआ।
विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी ने भी अधिकारी के आरोपों का समर्थन किया।
ममता बनर्जी ने रैली में दावा किया कि TMC जल्द पश्चिम बंगाल में सत्ता में वापसी करेगी।
पुलिस को कलकत्ता हाईकोर्ट में अपील दायर करने का भी निर्देश दिया गया है।

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने 29 अगस्त को घोषणा की कि कलकत्ता उच्च न्यायालय के आदेशों के कथित उल्लंघन के मामले में पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी। यह मामला तृणमूल छात्र परिषद (टीएमसीपी) के स्थापना दिवस के अवसर पर मध्य कोलकाता में आयोजित रैली से जुड़ा है, जिसमें न्यायालय द्वारा निर्धारित शर्तों का खुलेआम उल्लंघन किए जाने का आरोप है।

मुख्य घटनाक्रम

कलकत्ता उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को तृणमूल कांग्रेस (TMC) के मूल गुट को मध्य कोलकाता में रैली आयोजित करने की सशर्त अनुमति दी थी। न्यायालय ने स्पष्ट निर्देश दिया था कि रैली को दो लेन में से केवल एक लेन तक सीमित रखा जाए और दूसरी लेन यातायात के लिए खुली रखी जाए। इसके अतिरिक्त रैली में शामिल होने वाले लोगों की अधिकतम संख्या के संबंध में भी निर्देश दिए गए थे।

हालांकि, आरोप है कि रैली के दौरान ममता बनर्जी के समर्थकों ने दोनों लेन को विभाजित करने वाले बैरिकेड तोड़ दिए और पूरी सड़क पर कब्जा कर लिया, जिससे यातायात पूरी तरह बाधित हो गया।

सरकार की प्रतिक्रिया

मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने पत्रकारों से कहा, 'अदालत ने हमें स्पष्ट निर्देश दिया था कि रैली के दौरान यातायात के लिए दो लेन में से एक लेन खाली रखी जाए। पूर्व मुख्यमंत्री ने लोगों को इकट्ठा करके दोनों लेन अवरुद्ध कर दीं। मैंने पुलिस को इस मामले में एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया है। मैंने पुलिस को इस मामले में कलकत्ता उच्च न्यायालय में अपील करने का भी निर्देश दिया है। इस मामले को इतनी आसानी से नहीं लिया जाएगा।'

अधिकारी के आरोपों का समर्थन करते हुए पश्चिम बंगाल में विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री को अपने समर्थकों को बैरिकेड तोड़ने और पूरी सड़क पर कब्जा करने के लिए उकसाते हुए देखा गया। उन्होंने कहा, 'इस तरह की मानसिकता उनके स्वभाव से आसानी से नहीं निकल सकती।'

ममता बनर्जी का पलटवार

रैली को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) शासित राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, 'भाजपा के आम समर्थक जल्द ही अपनी पार्टी के नेतृत्व को सबक सिखाएंगे। बहुत जल्द तृणमूल कांग्रेस पश्चिम बंगाल में सत्ता में वापसी करेगी।' उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब राज्य में BJP और TMC के बीच राजनीतिक टकराव तेज हो रहा है।

क्या होगा आगे

मुख्यमंत्री अधिकारी के निर्देश के बाद अब पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज किए जाने और कलकत्ता उच्च न्यायालय में अपील दायर किए जाने की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है। गौरतलब है कि यह मामला न्यायालय के आदेशों की अवमानना के दायरे में भी आ सकता है, जो राजनीतिक रूप से और अधिक संवेदनशील हो सकता है। यह देखना होगा कि न्यायालय इस प्रकरण को किस दृष्टि से देखता है और क्या ममता बनर्जी के खिलाफ औपचारिक कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या पुलिस वास्तव में एफआईआर दर्ज करेगी या यह राजनीतिक दबाव का उपकरण मात्र है। दूसरी ओर, ममता बनर्जी का हाईकोर्ट की शर्तों की अनदेखी कर रैली में उपस्थित रहना यह संकेत देता है कि वे विपक्षी भूमिका में भी अपनी जमीनी ताकत का प्रदर्शन करने से नहीं चूकेंगी। न्यायालय की अवमानना का पहलू इस विवाद को और गंभीर बना सकता है।
RashtraPress
29 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ममता बनर्जी के खिलाफ एफआईआर क्यों दर्ज होगी?
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के अनुसार, टीएमसीपी की स्थापना दिवस रैली के दौरान कलकत्ता उच्च न्यायालय द्वारा लगाई गई शर्तों का उल्लंघन किया गया। न्यायालय ने रैली को एक लेन तक सीमित रखने का आदेश दिया था, लेकिन कथित तौर पर दोनों लेन बाधित कर दी गईं।
कलकत्ता हाईकोर्ट ने रैली के लिए क्या शर्तें लगाई थीं?
कलकत्ता उच्च न्यायालय ने TMC को मध्य कोलकाता में रैली की सशर्त अनुमति दी थी, जिसमें रैली को दो लेन में से केवल एक लेन तक सीमित रखना और दूसरी लेन यातायात के लिए खुली रखना अनिवार्य था। रैली में शामिल प्रतिभागियों की अधिकतम संख्या के संबंध में भी निर्देश दिए गए थे।
सुवेंदु अधिकारी ने इस मामले में क्या कार्रवाई के निर्देश दिए हैं?
मुख्यमंत्री अधिकारी ने पुलिस को ममता बनर्जी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और कलकत्ता उच्च न्यायालय में अपील दायर करने का निर्देश दिया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इस मामले को 'इतनी आसानी से नहीं लिया जाएगा।'
ममता बनर्जी ने रैली में क्या कहा?
ममता बनर्जी ने रैली में BJP शासित राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार की ज्यादतियां TMC को सत्ता में वापसी में मदद करेंगी। उन्होंने दावा किया कि 'बहुत जल्द तृणमूल कांग्रेस पश्चिम बंगाल में सत्ता में वापसी करेगी।'
इस विवाद में विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी की क्या भूमिका है?
पश्चिम बंगाल में विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी ने मुख्यमंत्री अधिकारी के आरोपों का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी को अपने समर्थकों को बैरिकेड तोड़ने और पूरी सड़क पर कब्जा करने के लिए उकसाते हुए देखा गया।
राष्ट्र प्रेस
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