कलकत्ता हाईकोर्ट का फैसला: टीएमसी के दोनों गुट 28 अगस्त को अलग-अलग स्थानों पर मनाएंगे टीएमसीपी स्थापना दिवस
सारांश
मुख्य बातें
कलकत्ता हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने मंगलवार, 25 अगस्त 2026 को तृणमूल कांग्रेस (TMC) के दोनों प्रतिद्वंद्वी गुटों को 28 अगस्त को पार्टी की छात्र शाखा तृणमूल छात्र परिषद (टीएमसीपी) का स्थापना दिवस अलग-अलग आयोजित करने की अनुमति प्रदान की। हालांकि, न्यायालय ने किसी भी गुट को उनकी पसंदीदा जगह — मध्य कोलकाता के मेयो रोड — पर कार्यक्रम करने की इजाजत नहीं दी।
मुख्य घटनाक्रम
दोनों गुटों ने जस्टिस सौगत भट्टाचार्य की सिंगल बेंच में अलग-अलग याचिकाएं दायर कर मेयो रोड पर कार्यक्रम की अनुमति माँगी थी। यह वही ऐतिहासिक स्थल है जहाँ टीएमसीपी परंपरागत रूप से अपना स्थापना दिवस आयोजित करती रही है। न्यायालय ने दोनों याचिकाओं को आंशिक रूप से स्वीकार करते हुए वैकल्पिक स्थान आवंटित किए।
पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी के नेतृत्व वाले मूल गुट — जो संख्या में अपेक्षाकृत कम है — को कैथेड्रल रोड, मध्य कोलकाता पर कार्यक्रम की अनुमति दी गई। वहीं, पार्टी से निष्कासित विधायक एवं विधानसभा में विपक्ष के वर्तमान नेता ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी गुट — जो संख्या में बड़ा है — को कैथेड्रल रोड से कुछ दूरी पर रानी रश्मोनी रोड पर कार्यक्रम की इजाजत मिली।
न्यायालय की शर्तें
जस्टिस भट्टाचार्य ने दोनों कार्यक्रमों के लिए कड़ी शर्तें निर्धारित की हैं। किसी भी गुट को अपने कार्यक्रम में 1,500 से अधिक लोगों को एकत्र करने की अनुमति नहीं होगी। दोनों आयोजनों का समय दोपहर 12 बजे से अपराह्न 3 बजे के बीच तय किया गया है।
इसके अलावा, प्रत्येक गुट के 15-15 स्वयंसेवकों के नाम बुधवार शाम 6 बजे तक कोलकाता पुलिस के जॉइंट कमिश्नर को सौंपे जाने अनिवार्य हैं। न्यायालय के आदेश के अनुसार, दोनों कार्यक्रम तय स्थानों पर केवल एक लेन तक सीमित रहेंगे, जबकि दूसरी लेन यातायात के लिए खुली रखी जाएगी।
पृष्ठभूमि: टीएमसी का विभाजन
गौरतलब है कि टीएमसीपी परंपरागत रूप से मेयो रोड पर अपना स्थापना दिवस मनाती आई है। जब ममता बनर्जी पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री थीं, तब यह आयोजन निर्विघ्न होता था। किंतु 2026 के विधानसभा चुनावों में तृणमूल कांग्रेस सत्ता से बाहर हो गई, और इसके बाद पार्टी दो विरोधी खेमों में बँट गई। यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद TMC के भीतर आंतरिक संघर्ष और तेज हुआ है।
सुरक्षा व्यवस्था
जस्टिस भट्टाचार्य ने कोलकाता पुलिस को दोनों कार्यक्रम स्थलों पर पर्याप्त सुरक्षा बंदोबस्त सुनिश्चित करने का स्पष्ट निर्देश दिया है। दोनों गुटों के बीच तनाव की संभावना को देखते हुए प्रशासन सतर्क है।
आगे की राह
न्यायालय का यह आदेश TMC के भीतर गहराते विभाजन को रेखांकित करता है। 28 अगस्त को दोनों समानांतर कार्यक्रमों के आयोजन से यह स्पष्ट होगा कि किस गुट के पास अधिक जनसमर्थन और संगठनात्मक शक्ति है — जो भविष्य की राजनीतिक दिशा तय करने में निर्णायक भूमिका निभा सकता है।