ममता बनर्जी का TMC सदस्यों को अल्टीमेटम: '21 जुलाई से पहले इस्तीफा दें, पार्टी को कलंकित न करें'
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार, 16 जुलाई 2026 को तृणमूल कांग्रेस (TMC) के अनिर्णायक सदस्यों को स्पष्ट संदेश दिया कि यदि वे निष्कासित नेता ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी गुट में शामिल होने की योजना बना रहे हैं, तो वे 21 जुलाई 2026 से पहले पार्टी से इस्तीफा दे दें। यह संदेश उन्होंने अपने फेसबुक लाइव के माध्यम से दिया।
क्या है पूरा घटनाक्रम
ममता बनर्जी का यह फेसबुक लाइव संदेश उत्तर 24 परगना के राजारहाट-न्यूटाउन निर्वाचन क्षेत्र से TMC के पूर्व विधायक तापस चटर्जी द्वारा ऋतब्रत के गुट में शामिल होने के संकेत देने के तुरंत बाद आया। गौरतलब है कि ऋतब्रत बनर्जी को पार्टी से निष्कासित किया जा चुका है और वे अब एक समानांतर गुट का नेतृत्व कर रहे हैं।
ममता ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि 21 जुलाई की तारीख का विशेष महत्व है — उस दिन वह और उनके समर्थक शहीद दिवस रैली का आयोजन करेंगे, जो TMC अपनी स्थापना यानी जनवरी 1998 से आयोजित करती आ रही है।
ममता का सदस्यों से सीधा आह्वान
ममता बनर्जी ने कहा कि जो लोग भाजपा, पुलिस, ईडी, सीबीआई और अन्य एजेंसियों के दबाव में आकर दल बदलने पर विचार कर रहे हैं, वे 21 जुलाई से पहले अपना निर्णय लें और कार्रवाई करें। उन्होंने यह भी कहा कि वे पार्टी के भीतर रहकर उसे कलंकित न करें।
उन्होंने दृढ़ता से कहा कि किसी के पार्टी छोड़ने से वे कमज़ोर नहीं होंगी। उनके शब्दों में, जो लोग 21 जुलाई के बाद उनके साथ रहेंगे, वे उनके लिए 'असली संपत्ति' होंगे। यह बयान पार्टी के भीतर चल रहे विभाजन की गहराई को उजागर करता है।
शहीद दिवस रैली को लेकर विवाद
इस बार शहीद दिवस रैली को लेकर असामान्य स्थिति उत्पन्न हो गई है। कलकत्ता हाई कोर्ट के निर्देशानुसार, ममता बनर्जी का गुट मध्य कोलकाता के एस्प्लेनेड के पास सीईएससी हाउस के सामने स्थित परंपरागत स्थल पर रैली नहीं कर पाएगा। इसके बजाय उन्हें बिरला तारामंडल के सामने रैली आयोजित करनी होगी।
दूसरी ओर, ऋतब्रत बनर्जी का गुट उसी दिन जवाहरलाल नेहरू रोड पर एक समानांतर जवाबी रैली का आयोजन करेगा। इस प्रकार 21 जुलाई 2026 को कोलकाता में TMC के दो गुट आमने-सामने होंगे।
धमकी का आरोप और नई यात्रा का संकल्प
ममता बनर्जी ने यह भी दावा किया कि उन्हें जानकारी मिली है कि शहीदों के परिवारों को भी बागी गुट द्वारा आयोजित समानांतर शहीद दिवस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए कथित तौर पर दबाया जा रहा है। उन्होंने इसे गंभीरता से लिया और इस पर चिंता जताई।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि 21 जुलाई से उनके और उनके समर्पित समर्थकों के लिए एक नई यात्रा शुरू होगी — ठीक वैसे ही जैसे उन्होंने 1997 में कांग्रेस से अलग होकर TMC की स्थापना की प्रक्रिया शुरू की थी। यह तुलना उनके संकल्प और राजनीतिक आत्मविश्वास को दर्शाती है।
आगे क्या होगा
यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल की राजनीति में TMC के भीतर का विभाजन सार्वजनिक रूप से सामने आ चुका है। 21 जुलाई 2026 की तारीख अब केवल शहीद दिवस नहीं, बल्कि TMC की आंतरिक शक्ति परीक्षण की तारीख बन गई है। दोनों गुटों की रैलियों की भीड़ और समर्थन यह तय करेगा कि असली TMC किसके साथ है।