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ममता बनर्जी का TMC सदस्यों को अल्टीमेटम: '21 जुलाई से पहले इस्तीफा दें, पार्टी को कलंकित न करें'

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ममता बनर्जी का TMC सदस्यों को अल्टीमेटम: '21 जुलाई से पहले इस्तीफा दें, पार्टी को कलंकित न करें'

सारांश

ममता बनर्जी ने 21 जुलाई को शहीद दिवस से पहले TMC के अनिर्णायक सदस्यों को खुला अल्टीमेटम दिया — या तो पार्टी में रहें, या ऋतब्रत के बागी गुट में जाने से पहले इस्तीफा दें। 21 जुलाई अब TMC की आंतरिक शक्ति परीक्षण की तारीख बन गई है।

मुख्य बातें

ममता बनर्जी ने 16 जुलाई 2026 को फेसबुक लाइव के ज़रिए TMC के अनिर्णायक सदस्यों को 21 जुलाई से पहले इस्तीफा देने का अल्टीमेटम दिया।
पूर्व विधायक तापस चटर्जी (राजारहाट-न्यूटाउन) के निष्कासित नेता ऋतब्रत बनर्जी के गुट में जाने के संकेत के बाद यह संदेश आया।
कलकत्ता हाई कोर्ट के आदेश पर ममता गुट की शहीद दिवस रैली परंपरागत स्थल सीईएससी हाउस के बजाय बिरला तारामंडल के सामने होगी।
ऋतब्रत गुट उसी दिन जवाहरलाल नेहरू रोड पर समानांतर रैली करेगा — दोनों गुट 21 जुलाई को आमने-सामने होंगे।
ममता ने दावा किया कि शहीदों के परिवारों को कथित तौर पर बागी गुट के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए दबाया जा रहा है।

पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार, 16 जुलाई 2026 को तृणमूल कांग्रेस (TMC) के अनिर्णायक सदस्यों को स्पष्ट संदेश दिया कि यदि वे निष्कासित नेता ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी गुट में शामिल होने की योजना बना रहे हैं, तो वे 21 जुलाई 2026 से पहले पार्टी से इस्तीफा दे दें। यह संदेश उन्होंने अपने फेसबुक लाइव के माध्यम से दिया।

क्या है पूरा घटनाक्रम

ममता बनर्जी का यह फेसबुक लाइव संदेश उत्तर 24 परगना के राजारहाट-न्यूटाउन निर्वाचन क्षेत्र से TMC के पूर्व विधायक तापस चटर्जी द्वारा ऋतब्रत के गुट में शामिल होने के संकेत देने के तुरंत बाद आया। गौरतलब है कि ऋतब्रत बनर्जी को पार्टी से निष्कासित किया जा चुका है और वे अब एक समानांतर गुट का नेतृत्व कर रहे हैं।

ममता ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि 21 जुलाई की तारीख का विशेष महत्व है — उस दिन वह और उनके समर्थक शहीद दिवस रैली का आयोजन करेंगे, जो TMC अपनी स्थापना यानी जनवरी 1998 से आयोजित करती आ रही है।

ममता का सदस्यों से सीधा आह्वान

ममता बनर्जी ने कहा कि जो लोग भाजपा, पुलिस, ईडी, सीबीआई और अन्य एजेंसियों के दबाव में आकर दल बदलने पर विचार कर रहे हैं, वे 21 जुलाई से पहले अपना निर्णय लें और कार्रवाई करें। उन्होंने यह भी कहा कि वे पार्टी के भीतर रहकर उसे कलंकित न करें।

उन्होंने दृढ़ता से कहा कि किसी के पार्टी छोड़ने से वे कमज़ोर नहीं होंगी। उनके शब्दों में, जो लोग 21 जुलाई के बाद उनके साथ रहेंगे, वे उनके लिए 'असली संपत्ति' होंगे। यह बयान पार्टी के भीतर चल रहे विभाजन की गहराई को उजागर करता है।

शहीद दिवस रैली को लेकर विवाद

इस बार शहीद दिवस रैली को लेकर असामान्य स्थिति उत्पन्न हो गई है। कलकत्ता हाई कोर्ट के निर्देशानुसार, ममता बनर्जी का गुट मध्य कोलकाता के एस्प्लेनेड के पास सीईएससी हाउस के सामने स्थित परंपरागत स्थल पर रैली नहीं कर पाएगा। इसके बजाय उन्हें बिरला तारामंडल के सामने रैली आयोजित करनी होगी।

दूसरी ओर, ऋतब्रत बनर्जी का गुट उसी दिन जवाहरलाल नेहरू रोड पर एक समानांतर जवाबी रैली का आयोजन करेगा। इस प्रकार 21 जुलाई 2026 को कोलकाता में TMC के दो गुट आमने-सामने होंगे।

धमकी का आरोप और नई यात्रा का संकल्प

ममता बनर्जी ने यह भी दावा किया कि उन्हें जानकारी मिली है कि शहीदों के परिवारों को भी बागी गुट द्वारा आयोजित समानांतर शहीद दिवस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए कथित तौर पर दबाया जा रहा है। उन्होंने इसे गंभीरता से लिया और इस पर चिंता जताई।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि 21 जुलाई से उनके और उनके समर्पित समर्थकों के लिए एक नई यात्रा शुरू होगी — ठीक वैसे ही जैसे उन्होंने 1997 में कांग्रेस से अलग होकर TMC की स्थापना की प्रक्रिया शुरू की थी। यह तुलना उनके संकल्प और राजनीतिक आत्मविश्वास को दर्शाती है।

आगे क्या होगा

यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल की राजनीति में TMC के भीतर का विभाजन सार्वजनिक रूप से सामने आ चुका है। 21 जुलाई 2026 की तारीख अब केवल शहीद दिवस नहीं, बल्कि TMC की आंतरिक शक्ति परीक्षण की तारीख बन गई है। दोनों गुटों की रैलियों की भीड़ और समर्थन यह तय करेगा कि असली TMC किसके साथ है।

संपादकीय दृष्टिकोण

रणनीतिक सफाई का संकेत है — वे पार्टी को छाँटकर एक अधिक वफादार और कॉम्पैक्ट संगठन बनाने की कोशिश कर रही हैं। लेकिन असली सवाल यह है कि 21 जुलाई की भीड़ किस गुट के साथ खड़ी होती है — क्योंकि TMC में हमेशा से जनसमर्थन ही असली मुद्रा रही है, न कि विधायकों की गिनती। कलकत्ता हाई कोर्ट द्वारा परंपरागत रैली स्थल से हटाया जाना भी प्रतीकात्मक रूप से ममता के लिए चुनौती है — वह स्थान दशकों से उनकी राजनीतिक पहचान का हिस्सा था। 1997 की कांग्रेस-विरोध की तुलना भावनात्मक रूप से प्रभावशाली है, लेकिन तब उनके पास कोई सत्ता नहीं थी — आज वे खुद एक स्थापित व्यवस्था का हिस्सा हैं, और यही विरोधाभास उनकी 'नई यात्रा' की विश्वसनीयता को परखेगा।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ममता बनर्जी ने TMC सदस्यों को 21 जुलाई से पहले इस्तीफा देने को क्यों कहा?
ममता बनर्जी ने अनिर्णायक TMC सदस्यों को कहा कि यदि वे निष्कासित नेता ऋतब्रत बनर्जी के बागी गुट में जाना चाहते हैं, तो 21 जुलाई से पहले इस्तीफा दें ताकि पार्टी को कलंकित न किया जाए। 21 जुलाई को वे शहीद दिवस रैली से नई यात्रा शुरू करने की योजना बना रही हैं।
ऋतब्रत बनर्जी कौन हैं और TMC में उनकी भूमिका क्या है?
ऋतब्रत बनर्जी TMC के निष्कासित नेता हैं जो अब पार्टी के भीतर एक बागी गुट का नेतृत्व कर रहे हैं। वे 21 जुलाई को जवाहरलाल नेहरू रोड पर एक समानांतर शहीद दिवस रैली का आयोजन करेंगे।
21 जुलाई 2026 को कोलकाता में क्या होगा?
21 जुलाई को कोलकाता में TMC के दो गुट अलग-अलग स्थानों पर शहीद दिवस रैली करेंगे। ममता बनर्जी का गुट बिरला तारामंडल के सामने और ऋतब्रत का गुट जवाहरलाल नेहरू रोड पर रैली करेगा।
ममता की शहीद दिवस रैली का स्थान क्यों बदला गया?
कलकत्ता हाई कोर्ट के निर्देशानुसार ममता बनर्जी का गुट इस बार एस्प्लेनेड के पास सीईएससी हाउस के सामने परंपरागत स्थल पर रैली नहीं कर सकता। अदालत के आदेश पर रैली बिरला तारामंडल के सामने आयोजित की जाएगी।
तापस चटर्जी कौन हैं और उनका इस विवाद से क्या संबंध है?
तापस चटर्जी उत्तर 24 परगना के राजारहाट-न्यूटाउन निर्वाचन क्षेत्र से TMC के पूर्व विधायक हैं। उन्होंने 16 जुलाई को ऋतब्रत के गुट में शामिल होने के संकेत दिए, जिसके तुरंत बाद ममता बनर्जी ने अपना फेसबुक लाइव संदेश जारी किया।
राष्ट्र प्रेस
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