28 जून 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

ममता बनर्जी की TMC ने 21 जुलाई शहीद दिवस रैली के लिए कोलकाता पुलिस से माँगी अनुमति

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
ममता बनर्जी की TMC ने 21 जुलाई शहीद दिवस रैली के लिए कोलकाता पुलिस से माँगी अनुमति

सारांश

पार्टी में गहरी दरार और सरकार गँवाने के बाद ममता बनर्जी ने 21 जुलाई की शहीद दिवस रैली को संगठनात्मक पुनर्जीवन का मंच बनाने की कोशिश शुरू कर दी है। TMC ने कोलकाता पुलिस से एस्प्लेनेड में अनुमति माँगी है — अब पुलिस का फैसला बंगाल की राजनीति में नया मोड़ तय करेगा।

मुख्य बातें

तृणमूल कांग्रेस ने 27 जून 2026 को कोलकाता पुलिस को पत्र लिखकर 21 जुलाई की शहीद दिवस रैली के लिए एस्प्लेनेड में अनुमति माँगी।
पार्टी इस वर्ष का कार्यक्रम 'हम बेईमान नहीं हैं' के नारे के तहत आयोजित करना चाहती है।
राज्य विधानसभा में TMC के अधिकांश विधायक ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी गुट में शामिल हो चुके हैं।
ममता बनर्जी ने कहा कि भले ही केवल पाँच कार्यकर्ता हों, वे एस्प्लेनेड सभा में अवश्य जाएँगी।
बागी खेमे ने अपनी अलग कार्यकारी समिति बना ली है और खुद को 'असली तृणमूल' बता रहा है।
पुलिस की अनुमति मिलना या न मिलना — दोनों ही परिणाम बंगाल की राजनीति पर गहरा असर डाल सकते हैं।

तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने 27 जून 2026 को कोलकाता पुलिस को पत्र लिखकर 21 जुलाई को मध्य कोलकाता के एस्प्लेनेड स्थित विक्टोरिया हाउस के सामने अपनी वार्षिक शहीद दिवस रैली आयोजित करने की अनुमति माँगी है। पार्टी पिछले दो दशकों से इसी स्थान पर यह कार्यक्रम मनाती आ रही है।

पार्टी में फूट का माहौल

यह अनुमति-पत्र ऐसे समय में भेजा गया है जब पश्चिम बंगाल में सरकार परिवर्तन के बाद तृणमूल कांग्रेस गहरे संगठनात्मक संकट में है। राज्य विधानसभा में TMC के अधिकांश विधायक विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व में एक अलग गुट बना चुके हैं और खुद को 'असली तृणमूल' बता रहे हैं। इस बागी खेमे ने अपनी अलग कार्यकारी समिति भी गठित कर ली है। ममता बनर्जी के कई पुराने वफादार भी इस विद्रोही धड़े में शामिल हो चुके हैं।

राजनीतिक विश्लेषकों के एक वर्ग का मानना है कि इस समय ममता बनर्जी के साथ मुट्ठी भर नेता ही बचे हैं, और ऐसे में 21 जुलाई की रैली उनके लिए पार्टी संगठन को एकजुट रखने का अंतिम सार्वजनिक मंच बन सकती है।

ममता का संकल्प: 'पाँच कार्यकर्ता हों तो भी जाएँगी'

ममता बनर्जी ने हाल ही में पार्टी कार्यकर्ताओं की एक बैठक में स्पष्ट किया कि भले ही केवल पाँच कार्यकर्ता साथ हों, वे एस्प्लेनेड की सभा में अवश्य जाएँगी। उन्होंने कहा कि तृणमूल वर्षों से इस स्थान पर शहीदों को श्रद्धांजलि देती आई है और यदि पुलिस अनुमति देती है तो इस बार भी कार्यक्रम वहीं होगा।

इस वर्ष का कार्यक्रम 'हम बेईमान नहीं हैं' के नारे के तहत आयोजित करने की योजना है — जो कथित तौर पर पार्टी तोड़ने वाले नेताओं पर सीधा निशाना माना जा रहा है।

ममता का बागियों को संदेश

ममता बनर्जी ने बागी नेताओं को संबोधित करते हुए कहा कि 'समझदार लोगों को लौट आना चाहिए' और यह भी कहा कि जो लोग पार्टी छोड़ गए हैं वे 'न यहाँ हैं, न वहाँ।' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे पैसे के लिए पार्टी नहीं बेचेंगी।

गौरतलब है कि 21 जुलाई का दिन TMC के लिए ऐतिहासिक महत्व रखता है — 1993 में इसी दिन कोलकाता में युवा कांग्रेस के एक प्रदर्शन के दौरान पुलिस फायरिंग में कई लोगों की जान गई थी, जिसे ममता बनर्जी 'शहीद दिवस' के रूप में मनाती आई हैं।

अब पुलिस के फैसले पर नज़र

राजनीतिक हलकों में अब यह देखा जा रहा है कि कोलकाता पुलिस तृणमूल कांग्रेस के इस अनुमति-पत्र पर क्या निर्णय लेती है। सरकार बदलने के बाद पुलिस प्रशासन का रुख TMC के प्रति कैसा रहेगा, यह भी इस फैसले से स्पष्ट होगा। अनुमति मिलने या न मिलने — दोनों ही स्थितियाँ — बंगाल की राजनीति में नया मोड़ ला सकती हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

उसके अधिकांश विधायक अब बागी खेमे में हैं; ऐसे में एस्प्लेनेड का मंच उनके लिए प्रतीकात्मक नहीं, अस्तित्ववादी है। असली सवाल यह है कि नई सरकार के अधीन कोलकाता पुलिस अनुमति देती है या नहीं — और यदि नहीं देती, तो ममता उस इनकार को किस तरह राजनीतिक हथियार में बदलती हैं। 'हम बेईमान नहीं हैं' का नारा बताता है कि वे इस रैली को संख्या-बल नहीं, नैतिक-बल की लड़ाई के रूप में पेश करना चाहती हैं।
RashtraPress
28 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

21 जुलाई शहीद दिवस रैली क्या है और TMC इसे क्यों मनाती है?
21 जुलाई 1993 को कोलकाता में युवा कांग्रेस के एक प्रदर्शन के दौरान पुलिस फायरिंग में कई लोगों की जान गई थी। ममता बनर्जी तब से इस दिन को 'शहीद दिवस' के रूप में मनाती आ रही हैं और यह TMC का सबसे बड़ा वार्षिक जनसमागम है।
TMC ने इस बार रैली की अनुमति क्यों माँगी है?
पश्चिम बंगाल में सरकार परिवर्तन के बाद कोलकाता पुलिस का प्रशासनिक नियंत्रण बदल गया है, इसलिए TMC को औपचारिक अनुमति लेनी पड़ रही है। पार्टी ने 27 जून 2026 को पुलिस को पत्र लिखकर एस्प्लेनेड स्थित विक्टोरिया हाउस के सामने रैली की अनुमति माँगी।
TMC में फूट की स्थिति क्या है?
राज्य विधानसभा में TMC के अधिकांश विधायक विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी के साथ मिलकर एक अलग गुट बना चुके हैं जो खुद को 'असली तृणमूल' बता रहा है। इस बागी खेमे ने अपनी अलग कार्यकारी समिति भी गठित कर ली है और ममता बनर्जी के कई पुराने वफादार भी इसमें शामिल हो गए हैं।
ममता बनर्जी ने बागी नेताओं को क्या संदेश दिया है?
ममता बनर्जी ने कार्यकर्ताओं की बैठक में कहा कि 'समझदार लोगों को लौट आना चाहिए' और यह भी कहा कि जो लोग पार्टी छोड़ गए हैं वे 'न यहाँ हैं, न वहाँ।' उन्होंने स्पष्ट किया कि वे पैसे के लिए पार्टी नहीं बेचेंगी।
इस रैली का राजनीतिक महत्व क्या है?
राजनीतिक हलकों के एक वर्ग के अनुसार, ममता बनर्जी इस रैली को पार्टी संगठन को बचाने के अंतिम उपाय के रूप में देख रही हैं। 'हम बेईमान नहीं हैं' का नारा बागी नेताओं पर सीधा निशाना माना जा रहा है और पुलिस का फैसला — अनुमति देना या न देना — बंगाल की राजनीति में नया मोड़ ला सकता है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 12 घंटे पहले
  2. 1 सप्ताह पहले
  3. 3 सप्ताह पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 7 महीने पहले
  6. 7 महीने पहले
  7. 11 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले