21 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

कोलकाता में '21 जुलाई शहीद दिवस' पर तीन समानांतर रैलियाँ, पुलिस ने तैनात किए 3,000 जवान

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
कोलकाता में '21 जुलाई शहीद दिवस' पर तीन समानांतर रैलियाँ, पुलिस ने तैनात किए 3,000 जवान

सारांश

एक दिन, एक शहर, तीन दावेदार — कोलकाता में '21 जुलाई शहीद दिवस' इस बार सिर्फ स्मृति नहीं, सत्ता-संघर्ष का मैदान बन गया है। BJP की जीत के बाद TMC में टूट और कांग्रेस के पुनः सक्रिय होने ने तीन समानांतर रैलियाँ खड़ी कर दी हैं — और पुलिस ने 3,000 जवान तैनात कर दिए हैं।

मुख्य बातें

21 जुलाई 2026 को कोलकाता में तीन समानांतर 'शहीद दिवस रैलियाँ' आयोजित हो रही हैं।
रैलियाँ 21 जुलाई 1993 की पुलिस फायरिंग में मारे गए 13 यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं की स्मृति में हैं।
ममता बनर्जी गुट की रैली बिड़ला तारामंडल , रिताब्रत बनर्जी गुट की जवाहरलाल नेहरू रोड और कांग्रेस की रैली शहीद मीनार के सामने होगी।
नई दिल्ली के राजघाट पर TMC के 20 सांसद — जो अब NCPI में हैं — चौथी रैली करेंगे।
प्रत्येक स्थल पर 1,000 पुलिसकर्मी , ड्रोन निगरानी , RAF और CAPF तैनात।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में BJP की जीत के बाद TMC में विभाजन इस बहुकोणीय स्थिति की जड़ में है।

कोलकाता में 21 जुलाई 2026 को 'शहीद दिवस' के अवसर पर तीन अलग-अलग राजनीतिक गुटों की समानांतर रैलियाँ आयोजित हो रही हैं, जिसके मद्देनज़र कोलकाता पुलिस मंगलवार सुबह से ही हाईअलर्ट पर है। ये रैलियाँ उन 13 यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं की स्मृति में आयोजित की जा रही हैं, जो 21 जुलाई 1993 को एक विरोध मार्च के दौरान पुलिस फायरिंग में मारे गए थे — उस समय लेफ्ट फ्रंट की सरकार थी और ज्योति बसु मुख्यमंत्री पद पर थे।

तीन रैलियाँ, तीन दावेदार

पहली रैली तृणमूल कांग्रेस (TMC) के उस गुट की ओर से बिड़ला तारामंडल के सामने, सेंट्रल कोलकाता में होगी। इस गुट का नेतृत्व पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी कर रहे हैं।

दूसरी रैली सेंट्रल कोलकाता में ही जवाहरलाल नेहरू रोड पर होगी। इसे TMC के उस गुट द्वारा आयोजित किया जा रहा है जिसे 'बागी लेकिन बहुमत वाला' कहा जा रहा है। इस गुट की अगुवाई पार्टी से निकाले गए विधायक रिताब्रत बनर्जी कर रहे हैं।

तीसरी रैली भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) की पश्चिम बंगाल इकाई द्वारा एस्प्लेनेड के निकट शहीद मीनार के सामने आयोजित की जाएगी। कांग्रेस का तर्क है कि 21 जुलाई 1993 को मारे गए 13 युवा TMC के अस्तित्व में आने से पहले ही शहीद हुए थे, इसलिए इस दिन को मनाने का असली अधिकार उसी का है। गौरतलब है कि उस विरोध रैली का नेतृत्व स्वयं ममता बनर्जी ने किया था, जो तब यूथ कांग्रेस की अध्यक्ष और पार्टी की लोकसभा सदस्य थीं।

दिल्ली में चौथी रैली

इसी अवसर पर नई दिल्ली के राजघाट पर एक चौथी रैली भी आयोजित की जाएगी। यह रैली TMC के 20 लोकसभा सदस्यों द्वारा होगी, जिनका नेतृत्व चार बार की सांसद डॉ. काकोली घोष दस्तीदार, सुदीप बंदोपाध्याय और शताब्दी रॉय कर रहे हैं। ये सभी सांसद हाल ही में नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) में शामिल हुए हैं।

पुलिस की तैयारी और सुरक्षा व्यवस्था

कोलकाता में तीनों रैली स्थलों पर सुरक्षा बलों की व्यापक तैनाती की गई है। कोलकाता पुलिस के अनुसार, प्रत्येक स्थल पर 1,000 पुलिसकर्मी तैनात किए जा रहे हैं — यानी कुल मिलाकर 3,000 जवान मोर्चे पर हैं। तीनों स्थलों पर ड्रोन के माध्यम से हवाई निगरानी रखी जाएगी।

प्रत्येक स्थल पर कम से कम पाँच डिप्टी कमिश्नर मौजूद रहेंगे, जिनमें सेंट्रल डिवीज़न और साउथ डिवीज़न के प्रमुख भी शामिल हैं। इसके अलावा हैवी रेडियो फ्लाइंग स्क्वाड, रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) और सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्स (CAPF) की भी तैनाती की जा रही है।

राजनीतिक पृष्ठभूमि

यह ऐसे समय में आया है जब हाल ही में हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की जबरदस्त जीत के बाद राज्य की विपक्षी राजनीति में बड़े बदलाव आए हैं। पिछले तीन महीनों में TMC के भीतर विभाजन और कांग्रेस के पुनः सक्रिय होने से इस बार एक की जगह तीन समानांतर 'शहीद दिवस रैलियाँ' हो रही हैं। पिछले वर्षों तक TMC अकेले इस दिन को अपनी सबसे बड़ी वार्षिक रैली के रूप में मनाती आई थी।

आगे क्या

तीनों रैलियाँ सेंट्रल कोलकाता में एक-दूसरे के करीब होने के कारण यातायात और कानून-व्यवस्था पर दबाव बना रहेगा। प्रशासन की नज़र इस बात पर होगी कि तीनों गुटों के समर्थकों के बीच किसी तरह का टकराव न हो। रैलियों का राजनीतिक संदेश आने वाले दिनों में पश्चिम बंगाल की विपक्षी राजनीति की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

एक ही शहर में तीन 'शहीद दिवस रैलियाँ' — यह महज़ संयोग नहीं, बल्कि पश्चिम बंगाल की बदलती राजनीतिक ज़मीन का प्रतिबिंब है। BJP की विधानसभा जीत ने TMC को न केवल सत्ता से बाहर किया, बल्कि उसकी आंतरिक एकता को भी तोड़ दिया है। विडंबना यह है कि जिस दिन को ममता बनर्जी ने दशकों तक अपनी राजनीतिक पहचान की नींव बनाया, आज उसी दिन पर तीन गुट दावा ठोक रहे हैं। कांग्रेस का यह तर्क — कि 1993 के शहीद TMC से पहले के हैं — ऐतिहासिक रूप से सटीक है, लेकिन राजनीतिक रूप से इसका प्रभाव तभी होगा जब पार्टी ज़मीनी संगठन को पुनर्जीवित कर सके।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

21 जुलाई शहीद दिवस क्यों मनाया जाता है?
21 जुलाई 1993 को कोलकाता में एक विरोध रैली के दौरान पुलिस फायरिंग में 13 यूथ कांग्रेस कार्यकर्ता मारे गए थे। उस समय लेफ्ट फ्रंट की सरकार थी और ज्योति बसु मुख्यमंत्री थे। तभी से इस दिन को 'शहीद दिवस' के रूप में मनाया जाता है।
2026 में कोलकाता में कितनी शहीद दिवस रैलियाँ हो रही हैं और कहाँ?
इस बार कोलकाता में तीन समानांतर रैलियाँ हो रही हैं — ममता बनर्जी गुट की रैली बिड़ला तारामंडल के सामने, रिताब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले TMC के बागी गुट की रैली जवाहरलाल नेहरू रोड पर, और कांग्रेस की रैली शहीद मीनार के सामने। इसके अलावा नई दिल्ली के राजघाट पर NCPI में शामिल TMC सांसदों की एक चौथी रैली भी होगी।
कांग्रेस शहीद दिवस पर अपना दावा क्यों जता रही है?
कांग्रेस का तर्क है कि 21 जुलाई 1993 को मारे गए 13 युवा तृणमूल कांग्रेस के अस्तित्व में आने से पहले ही यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ता थे। इसलिए पार्टी का मानना है कि इस दिन को मनाने का असली अधिकार उसी का है।
कोलकाता पुलिस ने रैलियों के लिए क्या सुरक्षा इंतज़ाम किए हैं?
कोलकाता पुलिस ने तीनों रैली स्थलों पर कुल 3,000 जवान तैनात किए हैं — प्रत्येक स्थल पर 1,000। इसके अलावा ड्रोन निगरानी, रैपिड एक्शन फोर्स (RAF), हैवी रेडियो फ्लाइंग स्क्वाड और CAPF की भी तैनाती की गई है। प्रत्येक स्थल पर कम से कम पाँच डिप्टी कमिश्नर मौजूद रहेंगे।
इस बार तीन अलग-अलग रैलियाँ क्यों हो रही हैं?
हाल ही में हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में BJP की जीत के बाद पिछले तीन महीनों में TMC में आंतरिक विभाजन हुआ है। बागी विधायक रिताब्रत बनर्जी के गुट और कांग्रेस के पुनः सक्रिय होने के कारण इस बार एक की जगह तीन समानांतर रैलियाँ हो रही हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 7 घंटे पहले
  2. 6 दिन पहले
  3. 1 सप्ताह पहले
  4. 2 सप्ताह पहले
  5. 2 सप्ताह पहले
  6. 3 सप्ताह पहले
  7. 8 महीने पहले
  8. 1 साल पहले