शहीद दिवस रैली विवाद: कोलकाता पुलिस ने TMC के खिलाफ दर्ज की शिकायत, हाईकोर्ट आदेश उल्लंघन का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
कोलकाता पुलिस ने 23 जुलाई 2026 को तृणमूल कांग्रेस (TMC) के आयोजकों के खिलाफ स्वतः संज्ञान लेते हुए शिकायत दर्ज की है। आरोप है कि 21 जुलाई को कैथेड्रल रोड पर आयोजित शहीद दिवस रैली के दौरान कलकत्ता उच्च न्यायालय के स्पष्ट निर्देशों का उल्लंघन किया गया। पुलिस ने इसे अदालत की अवमानना करार दिया है।
मुख्य घटनाक्रम
यह शिकायत दक्षिण डिवीजन के हेस्टिंग्स थाना में दर्ज की गई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, कलकत्ता उच्च न्यायालय ने रैली की अनुमति देते समय दो अनिवार्य शर्तें निर्धारित की थीं — पहली, रैली में अधिकतम 2,500 लोग ही शामिल हो सकते हैं; दूसरी, कैथेड्रल रोड की केवल एक लेन में ही रैली होगी, जबकि दूसरी लेन आम वाहनों के लिए खुली रखी जाएगी।
हेस्टिंग्स थाने में दर्ज शिकायत के अनुसार, रैली में तय सीमा से कहीं अधिक लोग उमड़ पड़े, जिससे बिरला प्लैनेटेरियम के सामने कैथेड्रल रोड की दोनों लेन भीड़ से भर गईं। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को दोनों लेन बंद करनी पड़ीं और वाहनों का मार्ग परिवर्तित करना पड़ा, जिससे शहर का सामान्य यातायात बाधित हुआ।
पुलिस का पक्ष
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि उच्च न्यायालय का आदेश बिल्कुल स्पष्ट था — रैली केवल एक लेन तक सीमित रहेगी। लेकिन सभा शुरू होते ही बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और समर्थक न केवल सड़क के पूर्वी हिस्से में, बल्कि पश्चिमी हिस्से में भी जमा हो गए। अधिकारी के अनुसार यह सीधे-सीधे न्यायालय के आदेश का उल्लंघन है, इसलिए रैली के आयोजकों और संयोजकों के विरुद्ध मामला दर्ज किया गया है।
रैली स्थल पर कथित तोड़फोड़ का मामला
हेस्टिंग्स थाने में एक और स्वतः संज्ञान शिकायत दर्ज की गई है, जो 20 जुलाई की रात कैथेड्रल रोड स्थित रैली मंच पर कथित तोड़फोड़ से संबंधित है। शिकायत के अनुसार, उस रात करीब 15 युवक दोपहिया वाहनों पर सवार होकर रैली स्थल के पास पहुँचे, नारेबाजी की, हंगामा किया और लगे हुए बैनर फाड़ दिए।
मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों ने जब उनका पीछा किया, तो सभी युवक वहाँ से भाग निकले। हालाँकि, भागते समय वे दो मोटरसाइकिलें मौके पर छोड़ गए, जिन्हें पुलिस ने जब्त कर लिया है।
आम जनता पर असर
रैली के दौरान कैथेड्रल रोड की दोनों लेन बंद होने से कोलकाता के मध्य इलाकों में यातायात व्यवस्था चरमरा गई। पुलिस को वैकल्पिक मार्ग तय करने पड़े, जिससे आम नागरिकों को असुविधा का सामना करना पड़ा।
क्या होगा आगे
यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (TMC) राज्य में अपनी राजनीतिक पकड़ मज़बूत करने में जुटी है। अदालत की अवमानना के आरोपों और तोड़फोड़ के मामले में जाँच के नतीजे आने वाले दिनों में राजनीतिक तापमान और बढ़ा सकते हैं। दोनों मामलों में पुलिस जाँच जारी है।