21 जुलाई 2026
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शहीद दिवस मंच तोड़फोड़: कलकत्ता हाईकोर्ट ने कोलकाता पुलिस से माँगा जवाब, ममता बोलीं — अवमानना याचिका दाखिल करेंगे

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शहीद दिवस मंच तोड़फोड़: कलकत्ता हाईकोर्ट ने कोलकाता पुलिस से माँगा जवाब, ममता बोलीं — अवमानना याचिका दाखिल करेंगे

सारांश

शहीद दिवस रैली के मंच पर कथित तोड़फोड़ की घटना सीधे कलकत्ता हाईकोर्ट तक पहुँची — वही कोर्ट जिसने पिछले सप्ताह रैली की अनुमति दी थी। जस्टिस भट्टाचार्य ने इसे 'शर्मिंदगी की बात' बताया और पुलिस से दोपहर तक जवाब माँगा। ममता बनर्जी ने अवमानना याचिका की चेतावनी दे दी है।

मुख्य बातें

कलकत्ता हाईकोर्ट ने 21 जुलाई 2026 को कोलकाता पुलिस से शहीद दिवस मंच तोड़फोड़ पर दोपहर तक स्पष्टीकरण माँगा।
जस्टिस सौगत भट्टाचार्य ने कहा — इतने स्पष्ट आदेशों के बावजूद यह घटना कोर्ट के लिए शर्मिंदगी की बात है।
TMC गुट का आरोप — BJP कार्यकर्ताओं ने सोमवार रात मंच तोड़ा, पुलिस की गुप्त मिलीभगत से।
ममता बनर्जी ने चेतावनी दी कि यदि बाधाएँ जारी रहीं तो राज्य सरकार और पुलिस के खिलाफ अवमानना याचिका दाखिल होगी।
रैली 1993 में पुलिस गोलीबारी में मारे गए 13 युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं की स्मृति में आयोजित होती है; इस बार तीन समानांतर रैलियाँ निर्धारित थीं।

कलकत्ता हाईकोर्ट ने 21 जुलाई 2026 को तृणमूल कांग्रेस (TMC) के ममता बनर्जी गुट की 'शहीद दिवस रैली' के मंच पर कथित तोड़फोड़ के मामले में कोलकाता पुलिस से दोपहर तक स्पष्टीकरण माँगा। जस्टिस सौगत भट्टाचार्य की सिंगल-जज बेंच ने याचिका स्वीकार करते हुए कहा कि इतने स्पष्ट न्यायालय आदेशों के बावजूद यह घटना कोर्ट के लिए शर्मिंदगी की बात है।

मामले का घटनाक्रम

सोमवार की रात भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कार्यकर्ताओं ने कथित तौर पर बिड़ला तारामंडल के सामने बनाए जा रहे रैली मंच पर तोड़फोड़ की। TMC गुट ने आरोप लगाया कि इस घटना में पुलिस प्रशासन की गुप्त मिलीभगत थी। इससे पहले ममता बनर्जी गुट ने कलकत्ता हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश तापब्रत चक्रवर्ती के कार्यालय को इस संबंध में ईमेल भेजा था।

मंगलवार सुबह जब अदालत खुली, तो जस्टिस भट्टाचार्य की बेंच के समक्ष याचिका दाखिल की गई। याचिका में दलील दी गई कि यह तोड़फोड़ न्यायालय की अवमानना है, क्योंकि रैली की अनुमति स्वयं इसी बेंच ने पिछले सप्ताह दी थी — और वह भी राज्य के महाधिवक्ता की उपस्थिति में।

न्यायालय की प्रतिक्रिया

जस्टिस भट्टाचार्य ने घटना पर गहरी हैरानी जताई और सवाल किया कि जब कोर्ट ने स्वयं रैली की अनुमति दी थी, तो ऐसी घटनाएँ कैसे हो सकती हैं। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि कोर्ट ने कोलकाता पुलिस के संयुक्त आयुक्त को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि रैली के दौरान कानून-व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। कोलकाता पुलिस को दोपहर तक जवाब देने का आदेश दिया गया।

ममता बनर्जी का बयान

पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, 'पुलिस प्रशासन हमारी रैली में रुकावट डालकर कोर्ट की अवमानना कर रहा है। देश के कानून के साथ खिलवाड़ न करें। अगर आप ऐसा करते रहे, तो हम राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन के खिलाफ कोर्ट की अवमानना की याचिका दायर करेंगे।'

शहीद दिवस का महत्त्व और तीन समानांतर रैलियाँ

21 जुलाई को TMC 'शहीद दिवस' के रूप में मनाती है। यह दिन 1993 में वामपंथी मोर्चे की सरकार के दौरान एक विरोध रैली में पुलिस की गोलीबारी में मारे गए 13 युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं की स्मृति में मनाया जाता है। इस वर्ष 21 जुलाई को तीन समानांतर रैलियाँ आयोजित होनी थीं। गौरतलब है कि यह पहला मौका नहीं है जब शहीद दिवस कार्यक्रम विवादों में घिरा हो — पिछले कुछ वर्षों में भी इस आयोजन को लेकर राजनीतिक टकराव देखा गया है।

आगे क्या होगा

कोलकाता पुलिस के जवाब के बाद जस्टिस भट्टाचार्य की बेंच मामले की विस्तृत सुनवाई करेगी। यदि न्यायालय पुलिस का स्पष्टीकरण अपर्याप्त पाता है, तो अवमानना कार्यवाही की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। TMC गुट ने भी स्पष्ट कर दिया है कि वह इस मामले को कानूनी रूप से आगे बढ़ाने के लिए तैयार है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली मुद्दा यह है कि न्यायालय के स्पष्ट आदेशों के बाद भी पुलिस तंत्र किसके प्रति जवाबदेह है।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कलकत्ता हाईकोर्ट ने इस मामले में क्या आदेश दिया?
जस्टिस सौगत भट्टाचार्य की सिंगल-जज बेंच ने 21 जुलाई 2026 को याचिका स्वीकार करते हुए कोलकाता पुलिस से दोपहर तक स्पष्टीकरण माँगा। कोर्ट ने कहा कि इतने स्पष्ट आदेशों के बावजूद यह घटना शर्मिंदगी की बात है।
शहीद दिवस रैली के मंच पर तोड़फोड़ का आरोप किस पर है?
TMC गुट ने आरोप लगाया है कि सोमवार रात BJP कार्यकर्ताओं ने बिड़ला तारामंडल के सामने बनाए जा रहे रैली मंच पर तोड़फोड़ की। आरोप यह भी है कि इसमें पुलिस प्रशासन की गुप्त मिलीभगत थी, हालाँकि यह अभी कथित तौर पर है और जाँच जारी है।
ममता बनर्जी ने इस घटना पर क्या कहा?
ममता बनर्जी ने कहा कि पुलिस प्रशासन रैली में रुकावट डालकर कोर्ट की अवमानना कर रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि यह सिलसिला जारी रहा तो वे राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन के खिलाफ अवमानना याचिका दाखिल करेंगी।
TMC का 'शहीद दिवस' क्या है और इसका महत्त्व क्यों है?
21 जुलाई को TMC 'शहीद दिवस' मनाती है, जो 1993 में वामपंथी मोर्चे की सरकार के दौरान एक विरोध रैली में पुलिस गोलीबारी में मारे गए 13 युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं की स्मृति में आयोजित होता है। यह TMC का सबसे बड़ा वार्षिक राजनीतिक आयोजन माना जाता है।
इस मामले में आगे क्या हो सकता है?
कोलकाता पुलिस के जवाब के बाद जस्टिस भट्टाचार्य की बेंच विस्तृत सुनवाई करेगी। यदि पुलिस का स्पष्टीकरण अपर्याप्त पाया गया, तो न्यायालय अवमानना कार्यवाही शुरू कर सकता है। TMC गुट ने भी स्वतंत्र रूप से अवमानना याचिका दाखिल करने की चेतावनी दी है।
राष्ट्र प्रेस
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