शहीद दिवस रैली को विफल करने की साजिश रच रही है भाजपा: ममता बनर्जी का गंभीर आरोप
सारांश
मुख्य बातें
तृणमूल कांग्रेस (TMC) की मुख्य गुट की नेता ममता बनर्जी ने मंगलवार, 21 जुलाई 2026 को भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर कोलकाता में आयोजित 'शहीद दिवस रैली' को जानबूझकर बाधित करने की साजिश रचने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि रैली से पहले मंच पर तोड़फोड़ की गई, बिजली और माइक्रोफोन की लाइनें काटी गईं और समर्थकों को कार्यक्रम में आने से रोका गया।
मंच पर तोड़फोड़ का आरोप
ममता बनर्जी के अनुसार, सोमवार रात मध्य कोलकाता स्थित बिड़ला प्लैनेटेरियम के सामने बनाए गए रैली मंच को कथित तौर पर BJP कार्यकर्ताओं ने नुकसान पहुँचाया। जैसे ही उन्हें इस घटना की सूचना मिली, वह अपने भतीजे और TMC महासचिव अभिषेक बनर्जी तथा अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ तत्काल मौके पर पहुँचीं। इसके बाद सभी नेताओं ने पूरी रात बारी-बारी से मंच की सुरक्षा की।
ममता बनर्जी के आरोप
ममता बनर्जी ने कहा, 'हमारे समर्थकों को सभा में आने से रोका जा रहा है। पुलिस शहीदों के परिवारों को भी कार्यक्रम में शामिल न होने की धमकी दे रही है। हम शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए यह कार्यक्रम कर रहे हैं, लेकिन हमारा मंच तोड़ा जा रहा है। बिजली और माइक्रोफोन की लाइनें काट दी गईं। पोस्टर और बैनर फाड़ दिए गए। करीब 60 BJP समर्थित व्यक्तियों ने यह सब किया। इनका नेतृत्व एक ऐसा व्यक्ति कर रहा है जो फिलहाल जमानत पर बाहर है। शुरुआत से ही पुलिस और BJP मिलकर इस कार्यक्रम को विफल करने की साजिश कर रहे हैं।'
अदालत की अवमानना की चेतावनी
ममता बनर्जी ने स्पष्ट किया कि उनका गुट अदालत के आदेश के अनुसार बिड़ला प्लैनेटेरियम के सामने रैली आयोजित कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस-प्रशासन रैली में बाधा डालकर अदालत की अवमानना कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि यह स्थिति जारी रही तो राज्य सरकार और पुलिस-प्रशासन के खिलाफ अदालत की अवमानना की याचिका दायर की जाएगी।
कांग्रेस के भी एकसमान आरोप
उधर, पश्चिम बंगाल कांग्रेस ने भी आरोप लगाया कि उसके समर्थकों को कोलकाता पहुँचने से रोका जा रहा है। कांग्रेस इसी अवसर पर एस्प्लेनेड स्थित शहीद मीनार के सामने समानांतर रैली आयोजित कर रही है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सुभंकर सरकार ने दावा किया कि पश्चिम बर्दवान जिले के दुर्गापुर से कोलकाता आ रही कांग्रेस कार्यकर्ताओं से भरी एक बस में BJP कार्यकर्ताओं ने तोड़फोड़ की। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पूर्वी मिदनापुर के पोटाशपुर में भी कांग्रेस समर्थकों पर इसी तरह का हमला किया गया। हालाँकि, इन आरोपों पर संबंधित पक्षों की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई।
आगे क्या
यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब TMC के भीतर गुटीय तनाव पहले से ही चरम पर है और 21 जुलाई की रैली दोनों गुटों के लिए शक्ति-प्रदर्शन का अहम मंच बन गई है। यदि ममता बनर्जी अदालत की अवमानना याचिका दायर करती हैं, तो यह मामला न्यायिक और राजनीतिक दोनों मोर्चों पर और जटिल हो सकता है।