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क्या टीएमसी ने कोलकाता में एकता दिवस मनाकर विपक्ष पर कट्टरता फैलाने का आरोप लगाया?

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क्या टीएमसी ने कोलकाता में एकता दिवस मनाकर विपक्ष पर कट्टरता फैलाने का आरोप लगाया?

सारांश

कोलकाता में तृणमूल कांग्रेस ने एकता दिवस के तहत धार्मिक कट्टरता फैलाने के लिए विपक्ष पर आरोप लगाते हुए एक जनसभा का आयोजन किया। जानिए इस खास मौके पर क्या कहा गया और इसके पीछे का मकसद क्या है।

मुख्य बातें

टीएमसी ने सांप्रदायिक सद्भाव के लिए एकता दिवस मनाया।
विपक्ष पर धार्मिक कट्टरता फैलाने का आरोप लगाया गया।
फिरहाद हकीम ने गद्दारों के खिलाफ चेतावनी दी।
कोलकाता में भाईचारा और दोस्ती का संदेश दिया गया।
2026 के चुनावों से पहले भाजपा पर आरोप लगाया गया।

कोलकाता, 6 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने शनिवार को पश्चिम बंगाल में सांप्रदायिक सद्भाव को बढ़ावा देने के लिए रैलियों और जनसभाओं का आयोजन करते हुए 'समहति दिवस' (एकता दिवस) मनाया।

टीएमसी के प्रमुख नेताओं ने कोलकाता के मेयो रोड पर एक जनसभा का आयोजन किया और धार्मिक कट्टरता फैलाने के प्रयासों के लिए विपक्षी नेताओं पर तीखा हमला बोला।

टीएमसी के वरिष्ठ नेता और राज्य के शहरी विकास मंत्री फिरहाद हकीम ने बिना किसी का नाम लिए कहा कि पार्टी में कुछ गद्दार हैं, जो लोगों को धर्म के नाम पर विभाजित करने की कोशिश कर रहे हैं।

हकीम ने आगे कहा कि पश्चिम बंगाल में लोगों को मंदिरों और मस्जिदों के नाम पर डराया और धमकाया जा रहा है। बंगाल के लोग धार्मिक कट्टरता में विश्वास नहीं रखते हैं, लेकिन समाज को उन लोगों से बचाना होगा जो धर्म के नाम पर लोगों को प्रभावित करने का प्रयास कर रहे हैं। समाज को एकजुट रखना होगा। धार्मिक कट्टरता के कारण कई देश बहुत पीछे चले गए हैं, जबकि भारत धर्मनिरपेक्षता के कारण बहुत आगे बढ़ा है।

कोलकाता के मेयर हकीम ने कहा कि यह काजी नजरूल इस्लाम का बंगाल है। यहाँ हिंदू और मुस्लिम के बीच भाईचारा और दोस्ती है। हम लोगों के धार्मिक विश्वास के आधार पर भेदभाव नहीं करते हैं, लेकिन कुछ गद्दार हैं जो लोगों और पार्टी दोनों को धोखा देते हैं। बंगाल के लोग ऐसे गद्दारों का कभी साथ नहीं देंगे। यह वह धरती है जो हमेशा धर्मनिरपेक्षता और सांप्रदायिक सद्भाव के लिए खड़ी रही है।

इस दौरान राज्य मंत्री शशि पांजा, पार्टी सांसद कल्याण बनर्जी और अन्य लोग भी जनसभा में उपस्थित थे। उन्होंने भाजपा पर वोटर लिस्ट की एसआईआर प्रक्रिया के नाम पर खासकर 2026 के राज्य विधानसभा चुनावों से पहले पश्चिम बंगाल में लोगों को बांटने का आरोप लगाया।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन क्या यह विपक्षी दलों के साथ तनाव को और बढ़ाएगा? यह देखना होगा।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

टीएमसी के एकता दिवस का उद्देश्य क्या था?
टीएमसी का उद्देश्य सांप्रदायिक सद्भाव को बढ़ावा देना और विपक्ष पर धार्मिक कट्टरता फैलाने का आरोप लगाना था।
फिरहाद हकीम ने क्या कहा?
फिरहाद हकीम ने गद्दारों की मौजूदगी की बात की जो धर्म के नाम पर लोगों को बांटने का प्रयास कर रहे हैं।
इस आयोजन में कौन से प्रमुख नेता शामिल हुए?
इस आयोजन में राज्य मंत्री शशि पांजा, सांसद कल्याण बनर्जी और अन्य नेताओं ने भाग लिया।
राष्ट्र प्रेस
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