कलकत्ता हाईकोर्ट ने टीएमसीपी स्थापना दिवस विवाद पर तत्काल सुनवाई मंजूर, 28 अगस्त को मेयो रोड पर दोनों गुटों की दावेदारी
सारांश
मुख्य बातें
कलकत्ता हाईकोर्ट की न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य की एकल पीठ ने सोमवार, 24 अगस्त को तृणमूल कांग्रेस (TMC) के दोनों प्रतिद्वंद्वी गुटों की याचिकाओं पर तत्काल सुनवाई की अनुमति दे दी। विवाद 28 अगस्त को मध्य कोलकाता के मेयो रोड पर छात्र संगठन तृणमूल छात्र परिषद (टीएमसीपी) का स्थापना दिवस मनाने के अधिकार को लेकर है। मामले की अगली सुनवाई मंगलवार को निर्धारित है।
विवाद की जड़
टीएमसीपी पारंपरिक रूप से मेयो रोड पर अपना स्थापना दिवस समारोह आयोजित करती रही है। इस बार दोनों गुट — पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाला और दूसरा प्रतिद्वंद्वी गुट — उसी स्थान पर कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति चाहते हैं। चूँकि दोनों दावेदार एक ही ऐतिहासिक स्थल पर अपना दावा ठोक रहे हैं, मामला अदालत तक पहुँच गया है।
अदालत की कार्यवाही
न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य की एकल पीठ ने दोनों गुटों की याचिकाएँ स्वीकार करते हुए तत्काल सुनवाई की अनुमति दी। अदालत यह तय करेगी कि 28 अगस्त को मेयो रोड पर कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति किस गुट को मिलती है। फैसला मंगलवार की सुनवाई के बाद आने की संभावना है।
21 जुलाई का पूर्व उदाहरण
यह ऐसे समय में आया है जब 21 जुलाई को शहीद दिवस के अवसर पर भी यही स्थिति उत्पन्न हुई थी। तब ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट को एस्प्लेनेड के पास सीईएससी हाउस के सामने पारंपरिक स्थल पर कार्यक्रम की अनुमति नहीं मिली थी। अदालत के निर्देश पर उस गुट को बिड़ला तारामंडल के सामने सीमित संख्या में रैली आयोजित करनी पड़ी थी — एक ऐसा समझौता जो राजनीतिक रूप से असहज करने वाला था।
आम जनता और राजनीतिक असर
गौरतलब है कि टीएमसी में आंतरिक विभाजन अब संगठनात्मक कार्यक्रमों तक पहुँच गया है, जो पहले बिना किसी विवाद के संपन्न होते थे। मध्य कोलकाता में दो समानांतर या टकराने वाले आयोजनों की संभावना सार्वजनिक व्यवस्था और यातायात के लिए भी चुनौती पैदा कर सकती है।
आगे क्या होगा
मंगलवार की सुनवाई में अदालत का फैसला तय करेगा कि 28 अगस्त को मेयो रोड पर कौन-सा गुट कार्यक्रम आयोजित कर सकता है। यह निर्णय TMC के आंतरिक शक्ति संतुलन का एक और सार्वजनिक संकेतक बन सकता है।