24 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

कलकत्ता हाईकोर्ट ने टीएमसीपी स्थापना दिवस विवाद पर तत्काल सुनवाई मंजूर, 28 अगस्त को मेयो रोड पर दोनों गुटों की दावेदारी

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
कलकत्ता हाईकोर्ट ने टीएमसीपी स्थापना दिवस विवाद पर तत्काल सुनवाई मंजूर, 28 अगस्त को मेयो रोड पर दोनों गुटों की दावेदारी

सारांश

टीएमसी का आंतरिक विभाजन अब अदालत तक पहुँच गया है। 28 अगस्त को मेयो रोड पर टीएमसीपी स्थापना दिवस मनाने के अधिकार को लेकर दोनों गुटों की याचिकाओं पर कलकत्ता हाईकोर्ट मंगलवार को सुनवाई करेगा — ठीक वैसे ही जैसे 21 जुलाई को शहीद दिवस पर हुआ था।

मुख्य बातें

कलकत्ता हाईकोर्ट ने 24 अगस्त को TMC के दोनों गुटों की याचिकाओं पर तत्काल सुनवाई की मंजूरी दी।
विवाद 28 अगस्त को मेयो रोड, मध्य कोलकाता पर तृणमूल छात्र परिषद (टीएमसीपी) के स्थापना दिवस आयोजन को लेकर है।
मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य की एकल पीठ कर रही है; अगली तारीख मंगलवार ।
21 जुलाई को शहीद दिवस पर भी ऐसी ही स्थिति बनी थी, जब ममता बनर्जी के गुट को पारंपरिक स्थल की जगह बिड़ला तारामंडल के सामने सीमित रैली करनी पड़ी थी।
अदालत का फैसला TMC के आंतरिक शक्ति संतुलन का अगला सार्वजनिक संकेतक होगा।

कलकत्ता हाईकोर्ट की न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य की एकल पीठ ने सोमवार, 24 अगस्त को तृणमूल कांग्रेस (TMC) के दोनों प्रतिद्वंद्वी गुटों की याचिकाओं पर तत्काल सुनवाई की अनुमति दे दी। विवाद 28 अगस्त को मध्य कोलकाता के मेयो रोड पर छात्र संगठन तृणमूल छात्र परिषद (टीएमसीपी) का स्थापना दिवस मनाने के अधिकार को लेकर है। मामले की अगली सुनवाई मंगलवार को निर्धारित है।

विवाद की जड़

टीएमसीपी पारंपरिक रूप से मेयो रोड पर अपना स्थापना दिवस समारोह आयोजित करती रही है। इस बार दोनों गुट — पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाला और दूसरा प्रतिद्वंद्वी गुट — उसी स्थान पर कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति चाहते हैं। चूँकि दोनों दावेदार एक ही ऐतिहासिक स्थल पर अपना दावा ठोक रहे हैं, मामला अदालत तक पहुँच गया है।

अदालत की कार्यवाही

न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य की एकल पीठ ने दोनों गुटों की याचिकाएँ स्वीकार करते हुए तत्काल सुनवाई की अनुमति दी। अदालत यह तय करेगी कि 28 अगस्त को मेयो रोड पर कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति किस गुट को मिलती है। फैसला मंगलवार की सुनवाई के बाद आने की संभावना है।

21 जुलाई का पूर्व उदाहरण

यह ऐसे समय में आया है जब 21 जुलाई को शहीद दिवस के अवसर पर भी यही स्थिति उत्पन्न हुई थी। तब ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट को एस्प्लेनेड के पास सीईएससी हाउस के सामने पारंपरिक स्थल पर कार्यक्रम की अनुमति नहीं मिली थी। अदालत के निर्देश पर उस गुट को बिड़ला तारामंडल के सामने सीमित संख्या में रैली आयोजित करनी पड़ी थी — एक ऐसा समझौता जो राजनीतिक रूप से असहज करने वाला था।

आम जनता और राजनीतिक असर

गौरतलब है कि टीएमसी में आंतरिक विभाजन अब संगठनात्मक कार्यक्रमों तक पहुँच गया है, जो पहले बिना किसी विवाद के संपन्न होते थे। मध्य कोलकाता में दो समानांतर या टकराने वाले आयोजनों की संभावना सार्वजनिक व्यवस्था और यातायात के लिए भी चुनौती पैदा कर सकती है।

आगे क्या होगा

मंगलवार की सुनवाई में अदालत का फैसला तय करेगा कि 28 अगस्त को मेयो रोड पर कौन-सा गुट कार्यक्रम आयोजित कर सकता है। यह निर्णय TMC के आंतरिक शक्ति संतुलन का एक और सार्वजनिक संकेतक बन सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और अदालत को मध्यस्थ बनना पड़ रहा है। यह पैटर्न बताता है कि TMC में संगठनात्मक नियंत्रण की लड़ाई अब सड़क से कमरे तक और कमरे से कोर्टरूम तक पहुँच चुकी है। असली सवाल यह है कि क्या न्यायिक हस्तक्षेप इस दरार को और गहरा कर रहा है, या पार्टी नेतृत्व के पास खुद इसे सुलझाने की क्षमता ही नहीं बची।
RashtraPress
24 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कलकत्ता हाईकोर्ट में टीएमसीपी स्थापना दिवस को लेकर विवाद क्या है?
तृणमूल कांग्रेस के दोनों प्रतिद्वंद्वी गुट 28 अगस्त को मध्य कोलकाता के मेयो रोड पर तृणमूल छात्र परिषद (टीएमसीपी) का स्थापना दिवस मनाना चाहते हैं। दोनों ने अनुमति के लिए कलकत्ता हाईकोर्ट का रुख किया, जिसने तत्काल सुनवाई की मंजूरी दे दी है।
कलकत्ता हाईकोर्ट में इस मामले की अगली सुनवाई कब होगी?
न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य की एकल पीठ मंगलवार को इस मामले की सुनवाई करेगी। अदालत तय करेगी कि 28 अगस्त को मेयो रोड पर किस गुट को कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति मिलेगी।
21 जुलाई के शहीद दिवस पर क्या हुआ था?
21 जुलाई को भी दोनों गुटों के बीच समानांतर कार्यक्रमों को लेकर विवाद हुआ था। ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट को एस्प्लेनेड के पास पारंपरिक स्थल की बजाय बिड़ला तारामंडल के सामने सीमित संख्या में रैली आयोजित करनी पड़ी थी।
टीएमसीपी स्थापना दिवस के लिए मेयो रोड क्यों अहम है?
मेयो रोड तृणमूल छात्र परिषद का पारंपरिक कार्यक्रम स्थल रहा है, जहाँ पहले भी स्थापना दिवस समारोह आयोजित होते रहे हैं। इस स्थल पर दावा करना संगठनात्मक वैधता और पार्टी परंपरा पर नियंत्रण का प्रतीकात्मक दावा भी है।
TMC में दो गुट कैसे बने?
तृणमूल कांग्रेस में आंतरिक विभाजन के कारण दो प्रतिद्वंद्वी गुट उभरे हैं — एक पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व में और दूसरा अलग गुट। यह विभाजन अब संगठनात्मक कार्यक्रमों और स्थलों पर दावेदारी के रूप में सामने आ रहा है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 6 दिन पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 2 महीने पहले
  7. 2 महीने पहले
  8. 4 महीने पहले