24 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

चंडीगढ़ में बब्बर खालसा के तीन आतंकी गिरफ्तार, 6 किलो जिलेटिन विस्फोटक और पिस्तौल बरामद

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
चंडीगढ़ में बब्बर खालसा के तीन आतंकी गिरफ्तार, 6 किलो जिलेटिन विस्फोटक और पिस्तौल बरामद

सारांश

चंडीगढ़ पुलिस ने 23 अगस्त को बब्बर खालसा इंटरनेशनल के तीन युवा सदस्यों को 6 किलो जिलेटिन विस्फोटक और पिस्तौल सहित गिरफ्तार किया। विदेश में बैठे हैंडलर्स की साजिश थी — शहर की भीड़भाड़ वाली जगह पर आईईडी धमाका। सोशल मीडिया के ज़रिए भर्ती हुए ये तीनों 19-21 साल के युवक थे।

मुख्य बातें

चंडीगढ़ पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों ने 23 अगस्त 2026 को बब्बर खालसा इंटरनेशनल (बीकेआई) के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया।
बरामदगी में 6 किलो जिलेटिन स्टिक विस्फोटक , डेटोनेटर, रिमोट-नियंत्रित सिस्टम, एक पिस्तौल और 5 कारतूस शामिल हैं।
आरोपी लवप्रीत सिंह (19) , जशनप्रीत सिंह (21) और प्रभप्रीत सिंह (19) — सभी पंजाब के तरनतारन और अमृतसर के निवासी हैं।
साजिश का मकसद चंडीगढ़ के सेक्टर 42/43 क्षेत्र में भीड़भाड़ वाली जगह पर आईईडी धमाका कर दहशत फैलाना था।
विदेश स्थित बीकेआई हैंडलर्स आशु और सत्ता ने सोशल मीडिया के ज़रिए इन युवाओं को भर्ती किया था।
थाना 36 में विस्फोटक पदार्थ अधिनियम 1908 की धारा 4(बी) और 5 के तहत एफआईआर नंबर 143 दर्ज।

चंडीगढ़ पुलिस ने 23 अगस्त 2026 को बब्बर खालसा इंटरनेशनल (बीकेआई) के एक सक्रिय मॉड्यूल का भंडाफोड़ करते हुए तीन संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया और शहर के भीड़भाड़ वाले इलाके में आईईडी धमाके की बड़ी साजिश को नाकाम किया। पुलिस के ऑपरेशन सेल ने केंद्रीय एजेंसियों के साथ संयुक्त कार्रवाई में लवप्रीत सिंह (19), जशनप्रीत सिंह उर्फ जशनदीप (21) और प्रभप्रीत सिंह उर्फ प्रभ (19) को हिरासत में लिया। इनके पास से 6 किलोग्राम जिलेटिन स्टिक विस्फोटक, डेटोनेटर, रिमोट-नियंत्रित सिस्टम, पावर सोर्स, एक पिस्तौल और 5 कारतूस बरामद हुए हैं।

ऑपरेशन की पृष्ठभूमि

पुलिस को 22 अगस्त को गुप्त सूचना मिली थी कि पंजाब के तरनतारन जिले के दो युवक विदेश में बैठे बीकेआई हैंडलर्स के संपर्क में हैं और उनके पास भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री है। सूचना के अनुसार दोनों सेक्टर 42/43 के इलाके में सक्रिय थे। इस आधार पर थाना 36 में विस्फोटक पदार्थ अधिनियम 1908 की धारा 4(बी) और 5 के तहत एफआईआर नंबर 143 दर्ज की गई और सभी टीमों को हाई अलर्ट पर रखा गया।

मानव खुफिया तंत्र और तकनीकी निगरानी की मदद से अगले 24 घंटों के भीतर तीनों आरोपियों को दबोच लिया गया। यह ऑपरेशन डीजीपी सागरप्रीत हुड्डा और आईजी पुष्पेंद्र के मार्गदर्शन में, तथा डीआईजी राजीव रंजन और एसपी ऑपरेशन्स अनुराग दारू की देखरेख में चलाया गया। मैदानी टीम का नेतृत्व डीएसपी ऑपरेशन्स रणजोध सिंह और इंस्पेक्टर सतविंदर सिंह ने किया।

आरोपियों की पहचान और भूमिका

लवप्रीत सिंह गांव सरहाली, तरनतारन का निवासी है। पेशे से पेंटर और अनपढ़ लवप्रीत ने सोशल मीडिया के ज़रिए बीकेआई हैंडलर आशु और सत्ता से संपर्क साधा था। उस पर पहले से नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) अधिनियम के तहत एक मामला दर्ज है। पुलिस ने उसके पास से 6 किलो जिलेटिन स्टिक बरामद की।

जशनप्रीत सिंह उर्फ जशनदीप गांव देवबाथ, तरनतारन का रहने वाला है और दसवीं पास है। उसके पास से डेटोनेटर और रिमोट-नियंत्रित सिस्टम मिला। प्रभप्रीत सिंह उर्फ प्रभ गांव तरसिक्का, अमृतसर का निवासी है, जो ग्यारहवीं तक पढ़ा है और गैस एजेंसी में हेल्पर का काम करता था। उसके पास से पिस्तौल और 5 कारतूस बरामद हुए।

साजिश का मकसद

जांच में सामने आया है कि तीनों आरोपियों को विदेश में बैठे बीकेआई हैंडलर्स ने अलग-अलग भूमिकाएं सौंपी थीं — हैंडलर्स से संपर्क बनाए रखना, विस्फोटक सामग्री हासिल करना, उसे एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुँचाना, ज़रूरी पुर्जे जुटाना और चंडीगढ़ की किसी भीड़भाड़ वाली जगह पर आईईडी विस्फोट कर दहशत फैलाना। पुलिस के अनुसार, पूरी साजिश विदेश में बैठे हैंडलर्स द्वारा रची गई थी।

व्यापक संदर्भ

यह ऐसे समय में आया है जब पंजाब और उससे सटे केंद्र शासित प्रदेशों में बीकेआई और अन्य खालिस्तान समर्थक संगठनों से जुड़े मॉड्यूल की गतिविधियों में कथित तौर पर उछाल देखा गया है। गौरतलब है कि विदेश स्थित हैंडलर्स द्वारा सोशल मीडिया के ज़रिए युवाओं की भर्ती की यह पद्धति सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी चुनौती बनती जा रही है। आगे की जांच ऑपरेशन सेल द्वारा जारी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो पंजाब की राजनीतिक राजधानी भी है, इस तरह के हमले का प्रतीकात्मक असर सिर्फ जानी-माली नुकसान से कहीं बड़ा होता। असली सवाल यह है कि आर्थिक रूप से हाशिये पर खड़े इन युवाओं तक कट्टरपंथी विचारधारा इतनी आसानी से कैसे पहुँच रही है, और क्या सुरक्षा एजेंसियों के पास इस डिजिटल भर्ती नेटवर्क को तोड़ने की दीर्घकालिक रणनीति है।
RashtraPress
24 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चंडीगढ़ में बीकेआई के आतंकियों को कब और कहाँ गिरफ्तार किया गया?
चंडीगढ़ पुलिस के ऑपरेशन सेल ने 23 अगस्त 2026 को मानव खुफिया तंत्र और तकनीकी सहायता के आधार पर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। गुप्त सूचना 22 अगस्त को मिली थी कि दो संदिग्ध सेक्टर 42/43 के इलाके में सक्रिय हैं।
बब्बर खालसा इंटरनेशनल (बीकेआई) क्या है?
बब्बर खालसा इंटरनेशनल एक प्रतिबंधित खालिस्तान समर्थक संगठन है, जिसे भारत सरकार ने आतंकी संगठन घोषित किया हुआ है। इसके हैंडलर कथित तौर पर विदेश से संचालन करते हैं और सोशल मीडिया के ज़रिए भारत में युवाओं की भर्ती करते हैं।
इस साजिश में कितना और किस तरह का विस्फोटक बरामद हुआ?
पुलिस ने लवप्रीत सिंह के पास से 6 किलोग्राम जिलेटिन स्टिक विस्फोटक, जशनप्रीत सिंह के पास से डेटोनेटर और रिमोट-नियंत्रित सिस्टम, तथा प्रभप्रीत सिंह के पास से एक पिस्तौल और 5 कारतूस बरामद किए। पावर सोर्स भी ज़ब्त किया गया।
आतंकियों की चंडीगढ़ में क्या योजना थी?
पुलिस के अनुसार, विदेश में बैठे बीकेआई हैंडलर्स के निर्देश पर तीनों आरोपी चंडीगढ़ की किसी भीड़भाड़ वाली जगह पर आईईडी विस्फोट कर दहशत फैलाने की तैयारी में थे। उन्हें विस्फोटक जुटाने, उसे ठिकाने तक पहुँचाने और सही लक्ष्य की पहचान करने की अलग-अलग ज़िम्मेदारियाँ सौंपी गई थीं।
आरोपियों को बीकेआई से कैसे जोड़ा गया?
जांच में सामने आया कि लवप्रीत सिंह ने सोशल मीडिया के ज़रिए बीकेआई हैंडलर 'आशु' और 'सत्ता' से संपर्क किया था। इसके बाद तीनों को मॉड्यूल में शामिल कर अलग-अलग भूमिकाएं दी गईं। आगे की जांच ऑपरेशन सेल द्वारा जारी है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 18 घंटे पहले
  2. 2 सप्ताह पहले
  3. 4 सप्ताह पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 7 महीने पहले
  6. 10 महीने पहले
  7. 12 महीने पहले
  8. 1 साल पहले