24 अगस्त 2026
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तनुश्री दत्ता का बॉलीवुड 'वेटरन' कल्चर पर वार: 'उम्र नहीं, चरित्र देखकर दें सम्मान'

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तनुश्री दत्ता का बॉलीवुड 'वेटरन' कल्चर पर वार: 'उम्र नहीं, चरित्र देखकर दें सम्मान'

सारांश

तनुश्री दत्ता ने बॉलीवुड के 'वेटरन' लेबल को चुनौती दी — कहा कि उम्र और अनुभव की आड़ में कई लोग अपनी चालबाज़ियाँ छिपाते हैं। उनकी यह पोस्ट 2018 के #MeToo आरोपों के बाद एक बार फिर इंडस्ट्री की पावर डायनामिक्स पर सवाल उठाती है।

मुख्य बातें

तनुश्री दत्ता ने 24 अगस्त 2026 को इंस्टाग्राम पर वीडियो पोस्ट के ज़रिए बॉलीवुड 'वेटरन' संस्कृति की आलोचना की।
उन्होंने कहा कि बॉलीवुड में 'वेटरन' का अर्थ अनुभवी नहीं, बल्कि 'शातिर-दिमाग, मंझा हुआ खिलाड़ी' होता है।
तनुश्री ने युवाओं को चेताया कि कुछ वरिष्ठ लोगों के 'बहुत ही बुरे और घटिया इरादे' होते हैं।
उन्होंने कहा, 'आज मैं सम्मान उम्र के हिसाब से नहीं, बल्कि चरित्र के हिसाब से देती हूं।' तनुश्री 2018 में भारत के #MeToo आंदोलन की अग्रदूत बनी थीं, जब उन्होंने अभिनेता नाना पाटेकर पर आरोप लगाए थे।

अभिनेत्री तनुश्री दत्ता ने 24 अगस्त 2026 को इंस्टाग्राम पर एक वीडियो पोस्ट के ज़रिए बॉलीवुड की 'वेटरन' संस्कृति पर तीखा प्रहार किया। 'आशिक बनाया आपने' और 'ढोल' जैसी फिल्मों से पहचानी जाने वाली इस अभिनेत्री ने स्पष्ट कहा कि किसी को केवल उम्र या इंडस्ट्री में लंबे कार्यकाल के आधार पर सम्मान देना गलत है — असली पहचान चरित्र और कर्मों से होती है।

क्या कहा तनुश्री ने

तनुश्री ने अपनी पोस्ट में लिखा, 'मुझे भी यही लगा था कि उम्रदराज एक्टर है, कोई काम नहीं दे रहा, मदद कर देती हूं। लेकिन नहीं, बॉलीवुड में 'वेटरन' का मतलब है शातिर-दिमाग, मंझा हुआ खिलाड़ी, जो घाट-घाट का पानी पीकर सारी चालबाजी सीख चुका है, जिसको सारी मीडिया और पब्लिक मैनिपुलेशन आती है।'

उन्होंने आगे लिखा कि ऐसे लोग अपनी वरिष्ठता और अनुभव की छवि के पीछे अपनी असलियत छिपाने में माहिर होते हैं और मीडिया व जनता की धारणा को अपने पक्ष में करना जानते हैं।

युवाओं को चेतावनी

तनुश्री ने खुलकर चेतावनी दी कि इंडस्ट्री में कुछ ऐसे लोग 'वेटरन' की श्रेणी में हैं, जिनके युवाओं के प्रति 'बहुत ही बुरे और घटिया इरादे' हैं। उनके अनुसार ये लोग युवा और विशेषाधिकार प्राप्त लोगों से नफरत करते हैं और उन्हें बर्बाद करने की हद तक जा सकते हैं।

उन्होंने लिखा, 'बॉलीवुड ने इस घटना को बार-बार देखा है।' यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब इंडस्ट्री में पावर डायनामिक्स और नेपोटिज़्म को लेकर बहस लगातार जारी है।

चरित्र को दें प्राथमिकता

तनुश्री ने अपनी पोस्ट में दार्शनिक अंदाज़ में लिखा, 'किसी इंसान को उसकी उम्र, शक्ल या बैकग्राउंड देखकर अच्छा या बुरा नहीं मानना चाहिए। असली पहचान उसके भीतर के स्वभाव और उसके कर्मों से होती है।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि यह दुनिया शालीनता का मुखौटा पहनने वाले लोगों द्वारा नष्ट की जाती है।

उन्होंने एक तीखी टिप्पणी करते हुए कहा, 'अगर सिर्फ उम्रदराज या अनुभवी होना ही किसी को सम्मान के लायक बनाता है, तो फिर बुराई करने वाले राक्षसों को भी 'वेटरन' कहा जा सकता है।'

व्यक्तिगत अनुभव से मिली सीख

पोस्ट के अंत में तनुश्री ने अपने करियर और जीवन के अनुभवों का सार साझा करते हुए लिखा, 'मैंने एक बहुत बड़ी सीख ली है। आज मैं सम्मान उम्र के हिसाब से नहीं, बल्कि चरित्र के हिसाब से देती हूं।'

गौरतलब है कि तनुश्री दत्ता वर्ष 2018 में अभिनेता नाना पाटेकर के खिलाफ यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने के बाद भारत में #MeToo आंदोलन की अग्रदूत बनी थीं। उनकी यह ताज़ा पोस्ट उसी संदर्भ में व्यापक बहस को और हवा देती है।

इंडस्ट्री में उनकी इस बेबाकी पर प्रतिक्रियाएँ आना अभी जारी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जबकि असली सवाल यह है कि इंडस्ट्री ने वरिष्ठता की आड़ में होने वाले शोषण को रोकने के लिए क्या ठोस तंत्र बनाया है।
RashtraPress
24 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तनुश्री दत्ता ने बॉलीवुड 'वेटरन' को लेकर क्या कहा?
तनुश्री दत्ता ने कहा कि बॉलीवुड में 'वेटरन' शब्द का अर्थ सिर्फ अनुभवी नहीं, बल्कि 'शातिर-दिमाग, मंझा हुआ खिलाड़ी' होता है जो मीडिया और जनता की धारणा को अपने पक्ष में करना जानता है। उन्होंने युवाओं को चेताया कि कुछ ऐसे लोगों के इरादे बेहद नकारात्मक होते हैं।
तनुश्री दत्ता ने यह पोस्ट कहाँ और कब शेयर की?
तनुश्री दत्ता ने यह वीडियो पोस्ट 24 अगस्त 2026 को इंस्टाग्राम पर शेयर की, जिसमें उन्होंने बॉलीवुड में अपने सफर और इस दौरान मिली सीख के बारे में बात की।
तनुश्री दत्ता कौन हैं और वे क्यों चर्चा में रहती हैं?
तनुश्री दत्ता 'आशिक बनाया आपने' और 'ढोल' जैसी फिल्मों से जानी जाती हैं। वे 2018 में अभिनेता नाना पाटेकर के खिलाफ यौन उत्पीड़न का आरोप लगाकर भारत के #MeToo आंदोलन की अग्रदूत बनी थीं।
तनुश्री दत्ता ने सम्मान के बारे में क्या सीख साझा की?
तनुश्री ने कहा कि उन्होंने जीवन और करियर से यह सीखा कि किसी इंसान की पहचान उसकी उम्र, शक्ल या बैकग्राउंड से नहीं, बल्कि उसके चरित्र और कर्मों से होनी चाहिए। उनके शब्दों में — 'आज मैं सम्मान उम्र के हिसाब से नहीं, बल्कि चरित्र के हिसाब से देती हूं।'
क्या तनुश्री दत्ता ने किसी विशेष व्यक्ति पर निशाना साधा?
तनुश्री दत्ता ने अपनी पोस्ट में किसी विशेष व्यक्ति का नाम नहीं लिया। उन्होंने सामान्य रूप से बॉलीवुड में 'वेटरन' की श्रेणी में आने वाले कुछ लोगों के नकारात्मक आचरण की बात की।
राष्ट्र प्रेस
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