तनुश्री चक्रवर्ती: मॉडलिंग की 'अ' भी नहीं जानती थीं, फिर बनीं बंगाली सिनेमा की पहचान
सारांश
मुख्य बातें
बंगाली सिनेमा की अभिनेत्री तनुश्री चक्रवर्ती का सफर इस बात की मिसाल है कि बिना किसी पूर्व योजना के भी मेहनत और लगन से बड़ी पहचान बनाई जा सकती है। आज जहाँ वह अपनी अदाकारी और अलग अंदाज के लिए जानी जाती हैं, वहीं उनकी शुरुआत उस दौर से हुई जब उन्हें मॉडलिंग की बुनियादी जानकारी भी नहीं थी। विज्ञापनों से शुरू होकर फिल्मों और फिर राजनीति तक — तनुश्री की यह यात्रा उतनी ही दिलचस्प है जितनी उनकी परदे पर की भूमिकाएँ।
प्रारंभिक जीवन और शिक्षा
तनुश्री चक्रवर्ती का जन्म 6 अगस्त 1984 को कोलकाता, पश्चिम बंगाल में हुआ। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा कोलकाता में ही पूरी की। इसके बाद उन्होंने कोलकाता विश्वविद्यालय से संबद्ध बसंती देवी कॉलेज से राजनीति विज्ञान में स्नातक की डिग्री हासिल की। यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि बाद में उनके राजनीतिक कदम को भी एक संदर्भ देती है।
मॉडलिंग की अनजान दुनिया में पहला कदम
पढ़ाई पूरी करने के बाद तनुश्री ने मॉडलिंग में कदम रखा, लेकिन एक इंटरव्यू में उन्होंने स्वीकार किया था कि उस वक्त उन्हें यह भी नहीं पता था कि मॉडलिंग का काम वास्तव में कैसे होता है और इस क्षेत्र की असली दुनिया कैसी है। धीरे-धीरे उन्होंने इस उद्योग को समझा और कई विज्ञापनों में नज़र आने लगीं। उनका एक बांग्लादेशी मसाला ब्रांड का विज्ञापन विशेष रूप से लोकप्रिय हुआ, जिसने उन्हें अलग पहचान दिलाई और उनके फिल्मी सफर की नींव रखी।
बंगाली सिनेमा में उदय
मॉडलिंग में पैर जमाने के बाद तनुश्री ने 2010 में बंगाली फिल्म 'बोंधु एसो तुमी' से अभिनय की दुनिया में प्रवेश किया। अगले ही वर्ष 2011 में आई 'उरो चिट्ठी' ने उन्हें दर्शकों के बीच ठोस पहचान दिलाई। 2012 में 'बेडरूम' उनके करियर की महत्त्वपूर्ण फिल्मों में शामिल रही। इसके बाद 'ओबिशोप्टो नाइटी', 'विंडो कनेक्शन्स', 'बुनो हांश' और 'खाद' जैसी फिल्मों में उन्होंने विविध किरदार निभाए, जिन्हें दर्शकों और समीक्षकों दोनों ने सराहा। गौरतलब है कि उन्होंने केवल ग्लैमरस भूमिकाओं तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि जटिल और अलग किस्म के किरदारों के ज़रिए अपनी अभिनय क्षमता का परिचय दिया।
टेलीविज़न और व्यवसाय में विस्तार
फिल्मों के साथ-साथ तनुश्री ने टेलीविज़न की दुनिया में भी सक्रिय भूमिका निभाई। वह ज़ी बांग्ला के लोकप्रिय शो 'दीदी नंबर 1' में नज़र आईं और कई अन्य टीवी परियोजनाओं से जुड़ीं। उन्होंने ब्यूटी और लाइफस्टाइल शो 'संपूर्ण' की मेज़बानी भी की। इसके अतिरिक्त उन्होंने कोलकाता में अपना रेस्टोरेंट व्यवसाय भी शुरू किया, जो उनकी उद्यमशीलता की झलक देता है।
राजनीति में कदम और वापसी
2021 में तनुश्री ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सदस्यता ली और पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में श्यामपुर सीट से चुनाव लड़ा। हालाँकि, वह इस चुनाव में जीत हासिल नहीं कर सकीं। इसके बाद उन्होंने राजनीति से दूरी बनाते हुए अपने फिल्मी करियर पर ध्यान केंद्रित करने का फैसला किया। यह ऐसे समय में आया जब कई बंगाली फिल्मी हस्तियाँ राजनीतिक क्षेत्र में उतरी थीं और मिले-जुले परिणाम पाए थे। तनुश्री का सफर बताता है कि असली पहचान अक्सर उस जगह से मिलती है जहाँ इंसान सबसे ज़्यादा सहज महसूस करता है।