तनुश्री दत्ता की आध्यात्मिक यात्रा: बचपन में आत्माओं से हुआ था उनका संवाद
सारांश
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मुंबई, 18 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। जमशेदपुर की गलियों से निकलकर मिस इंडिया यूनिवर्स 2004 का खिताब हासिल करने वाली तनुश्री दत्ता भले ही फिल्म उद्योग से दूर हैं, लेकिन अपने विवादों के चलते वे हमेशा चर्चा में बनी रहती हैं।
अभिनेत्री ने नाना पाटेकर पर गंभीर आरोप लगाए और बॉलीवुड के अंधेरे पहलुओं के बारे में खुलकर बात की। भले ही उनकी फ़िल्मों की तुलना में विवादों में वे अधिक सुर्खियों में रहीं, लेकिन उनकी आध्यात्मिक यात्रा भी किसी फिल्म की कहानी से कम नहीं है। तनुश्री ने यह भी दावा किया कि उन्हें बचपन से ही आत्माएं दिखाई देती थीं और वे उनसे संवाद भी करती थीं।
19 मार्च को जन्मी तनुश्री दत्ता ने बॉलीवुड में 'आशिक बनाया आपने' और 'ढोल' जैसी फ़िल्मों में काम किया। उनके द्वारा निभाए गए अधिकांश किरदार बोल्ड थे, लेकिन असल ज़िंदगी में वे बहुत आध्यात्मिक रहीं। लद्दाख के मठों में साधना और आत्मनिरीक्षण का मार्ग चुनने वाली तनुश्री का बचपन रहस्यमय घटनाओं से भरा था। जहां सामान्य बच्चे अपनी उम्र की समझ विकसित नहीं कर पाते, वहीं तनुश्री को उस उम्र में आत्माएं दिखाई देती थीं। यह उनका अपना दावा है।
तनुश्री ने एक पुराने इंटरव्यू में कहा था कि एक घटना से 6 महीने पहले ही उन्हें पता चला था कि उनके पड़ोस में कुछ बुरा होने वाला है। उन्होंने बताया कि जब वे छोटी थीं, तो उन्हें एक विशेष ऊर्जा दिखाई देती थी, जो उन्हें चेतावनी देती थी। वे उस ऊर्जा से बातें करती थीं और खेलती थीं। यह ऊर्जा कभी बच्चों के रूप में तो कभी अन्य रूपों में प्रकट होती थी।
उन्होंने कहा कि एक ऊर्जा ने उन्हें पहले ही बता दिया था कि पड़ोस के घर में कुछ बुरा होने वाला है, इसलिए वहाँ नहीं जाना है। चार साल की उम्र में तनुश्री ने अपनी माँ को बताया कि वह जगह सुरक्षित नहीं है। छह महीने बाद उस घर में एक महिला की मृत्यु हो जाती है। स्कूल के दिनों में भी उन्हें बच्चों के रूप में ऊर्जा नजर आती थी और वे उनके साथ बातें करती थीं और खेला करती थीं।
यह उल्लेखनीय है कि अपने करियर के उच्चतम बिंदु पर तनुश्री ने साधना और आत्मनिरीक्षण के लिए अभिनय छोड़ने का निर्णय लिया। उन्होंने लद्दाख के मंदिरों और मठों में समय बिताया और फिर अपनी आध्यात्मिक यात्रा को अमेरिका में जारी रखा।