सपनों को पूरा करने के लिए परिवार का सहयोग है जरूरी: दिव्या दत्ता
सारांश
Key Takeaways
- सपनों की पूर्ति में परिवार का समर्थन आवश्यक है।
- प्रतिभा के साथ-साथ सहयोग से सफलता संभव है।
- सोशल मीडिया एक बड़ा अवसर प्रदान करता है।
- हर व्यक्ति की अपनी लड़ाई होती है।
- हिम्मत और आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए परिवार का साथ जरूरी है।
मुंबई, 23 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। सपनों को साकार करने का सफर हमेशा कठिन होता है। यदि इस मार्ग में कोई साथ देता है, तो कठिनाइयाँ कुछ हद तक आसान हो जाती हैं। यह विचार बॉलीवुड अभिनेत्री दिव्या दत्ता ने राष्ट्र प्रेस के साथ अपनी बातचीत में साझा किए। उन्होंने कहा कि प्रतिभा के साथ-साथ अगर किसी का समर्थन मिले, तो व्यक्ति सफलता प्राप्त कर सकता है।
दिव्या ने कहा, ''हर व्यक्ति के अंदर प्रतिभा होती है, लेकिन उसे पहचानने में किसी अपने का सहयोग आवश्यक है। जब किसी को परिवार का समर्थन मिलता है तो उसका आत्मविश्वास और हिम्मत दोगुनी हो जाती है। सपनों को उड़ान देने के लिए पंख चाहिए होते हैं, और ये पंख हमारा अपना परिवार और करीबी लोग ही होते हैं।''
उन्होंने अपने अनुभव भी साझा किए। उन्होंने कहा, ''मैंने डिजिटल प्लेटफार्मों पर देखा है कि लोग किस तरह अपनी पहचान बना रहे हैं। कोई गृहिणी अपने खाना पकाने की प्रतिभा को दुनिया के सामने ला रही है, तो कोई यात्रा ब्लॉग के माध्यम से अपनी पहचान बना रहा है। सभी कहानियों में एक समानता है, और वह है अपने परिवार और करीबियों का साथ... इस समर्थन के माध्यम से वे आगे बढ़ने की हिम्मत पाते हैं।''
दिव्या ने कहा, ''मैंने देखा है कि लोग अपनी दुनिया में सिमटे रहते हैं और यह मानते हैं कि उनकी समस्याएँ और संघर्ष सबसे बड़े हैं, लेकिन जब हम दूसरों की कहानियों को देखते हैं, तो पता चलता है कि हर किसी की अपनी लड़ाई है। यदि किसी को थोड़ी भी सहायता मिल जाए, तो वह बड़ी से बड़ी कठिनाई को पार कर सकता है।''
इस चर्चा में फिल्म निर्माता सशांत शाह ने भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा, ''आज के दौर में सोशल मीडिया एक बड़ा मंच बन चुका है। यहां हर किसी के टैलेंट को अवसर मिलता है, लेकिन यह भी आवश्यक है कि प्रतिभा को सही समर्थन मिले। यदि किसी के अंदर काबिलियत है, तो उसे आगे लाने के लिए किसी का साथ मिलना बहुत जरूरी है।''