दिल्ली-एनसीआर में भारी बारिश का कहर: 15 उड़ानें डायवर्ट, गुरुग्राम में वर्क फ्रॉम होम एडवाइजरी जारी
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली में 24 अगस्त 2026 (सोमवार) को हुई मूसलाधार बारिश ने दिल्ली-एनसीआर की रफ्तार थाम दी — सड़कें जलमग्न हो गईं, ट्रैफिक ठप हो गया और इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से 15 उड़ानें दूसरे शहरों की ओर मोड़नी पड़ीं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए गुरुग्राम जिला प्रशासन ने कार्यालयों को कर्मचारियों के लिए 'वर्क फ्रॉम होम' की सुविधा देने और स्कूलों को ऑनलाइन कक्षाएं संचालित करने की एडवाइजरी जारी की।
मुख्य घटनाक्रम
दिल्ली के तुगलकाबाद स्थित दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) के एक पार्क में करीब दो फीट पानी भर गया और आसपास की सड़कें भी जलमग्न हो गईं। नजफगढ़, बाबा खड़क सिंह मार्ग और जखिरा अंडरपास पर भी भारी जलजमाव की स्थिति बनी रही। शिवाजी स्टेडियम के आसपास की सड़कें पानी में डूब गईं, जिससे यातायात की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई।
गुरुग्राम में दोपहर 1 बजकर 30 मिनट तक 70 मिमी बारिश दर्ज की गई। राजीव चौक, इफ्को चौक, रेलवे रोड, सेक्टर 5, ओल्ड दिल्ली रोड, महरौली रोड और बसई रोड सबसे अधिक प्रभावित इलाकों में रहे। बारिश महज एक घंटे के आसपास ही हुई, फिर भी 'मिलेनियम सिटी' की सड़कें घुटनों तक पानी में डूब गईं।
उड़ानों पर असर
भारी बारिश और आंधी के कारण इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उड़ानों के आगमन और प्रस्थान में गंभीर व्यवधान उत्पन्न हुआ। कुल 15 उड़ानें — जिनमें तीन अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शामिल थीं — दूसरे हवाई अड्डों की ओर डायवर्ट की गईं। इनमें से 12 उड़ानें जयपुर, दो चंडीगढ़ और एक लखनऊ भेजी गईं।
यातायात और आम जनता पर असर
दिल्ली-जयपुर एक्सप्रेसवे पर हजारों वाहन रेंगते हुए चलने को मजबूर हुए। आने-जाने वालों ने बताया कि सिग्नेचर टॉवर से हीरो होंडा चौक तक का सामान्यतः 15 मिनट का सफर तय करने में कम से कम 50 मिनट लग गए। साइबर हब के पास और गेटवे टॉवर मेट्रो स्टेशन के सामने एक्सप्रेसवे का बड़ा हिस्सा जलमग्न था। शीतला माता रोड भी सर्वाधिक प्रभावित क्षेत्रों में शामिल रही।
सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियो और तस्वीरें व्यापक रूप से साझा की गईं, जिनमें लोग पानी से भरी सड़कों पर अपने वाहन छोड़कर जाते दिख रहे थे। स्कूल से लौट रहे छात्र ऊंची जगहों की ओर बढ़ते नजर आए, ताकि जलभराव में छिपे खुले मैनहोल से बच सकें।
सिविक इंफ्रास्ट्रक्चर पर सवाल
यह ऐसे समय में आया है जब गुरुग्राम के निवासी लंबे समय से नागरिक सुविधाओं की खस्ता हालत की शिकायत करते आ रहे हैं। गौरतलब है कि महज एक घंटे की बारिश में ही शहर का बुनियादी ढांचा चरमरा गया — यह कोई पहली बार नहीं है। निवासियों का कहना है कि जब भी शहर में लंबे समय तक बारिश होती है, तो नागरिक सुविधाएं विफल हो जाती हैं। आलोचकों का मानना है कि इस 'मिलेनियम सिटी' की जल-निकासी प्रणाली मानसून की वास्तविकताओं के अनुरूप नहीं बनाई गई है।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
गुरुग्राम जिला प्रशासन ने कार्यालयों को निर्देश दिया है कि वे अपने कर्मचारियों को घर से काम करने की अनुमति दें। साथ ही स्कूलों को ऑनलाइन मोड में कक्षाएं संचालित करने को कहा गया है। NDMC क्षेत्र में भी जल-निकासी की स्थिति सुधारने के प्रयास जारी रहे। आने वाले दिनों में मौसम विभाग के पूर्वानुमानों के आधार पर और एडवाइजरी जारी की जा सकती है।