पंजाब रेल ट्रैक ब्लास्ट: ISI समर्थित खालिस्तानी आतंकी मॉड्यूल का 12 घंटे में भंडाफोड़, चार गिरफ्तार
सारांश
Key Takeaways
- पंजाब पुलिस ने 28 अप्रैल 2026 को शंभू रेल ट्रैक ब्लास्ट के 12 घंटे के भीतर ISI समर्थित आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया।
- गिरफ्तार चार आरोपियों में मुख्य सरगना प्रदीप सिंह खालसा (मानसा), कुलविंदर सिंह उर्फ बग्गा, सतनाम सिंह उर्फ सत्ता और गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी शामिल हैं।
- बरामद सामग्री में हैंड ग्रेनेड, दो 30 बोर पिस्तौलें, गोला-बारूद, संचार उपकरण और लैपटॉप शामिल।
- मुख्य सरगना खालसा मलेशिया और पाकिस्तान स्थित आतंकी नेटवर्क से जुड़ा था और युवाओं को प्रशिक्षण के लिए मलेशिया भेजता था।
- मामले में UAPA, BNS धारा 111, विस्फोटक अधिनियम और शस्त्र अधिनियम के तहत FIR दर्ज।
- जाँच में सामने आया कि आरोपी सार्वजनिक बुनियादी ढाँचे पर और हमलों की योजना बना रहे थे।
पंजाब पुलिस ने 28 अप्रैल 2026 को शंभू रेलवे स्टेशन के पास हुए रेल ट्रैक विस्फोट के 12 घंटे के भीतर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) समर्थित एक खालिस्तान समर्थक आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ कर दिया। पुलिस ने इस मामले में चार कट्टरपंथी और आदतन अपराधियों को गिरफ्तार किया है तथा उनके कब्जे से भारी मात्रा में आतंकी उपकरण बरामद किए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार आरोपी सार्वजनिक बुनियादी ढाँचे पर और हमलों की योजना बना रहे थे।
मुख्य घटनाक्रम
पुलिस के अनुसार, शंभू रेलवे स्टेशन की मुख्य लाइन पर देर रात कम तीव्रता वाला आईईडी (IED) विस्फोट किया गया था। पटियाला रेंज के उप महानिरीक्षक कुलदीप चहल और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक वरुण शर्मा ने मीडिया को बताया कि इस आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश रिकॉर्ड 12 घंटे के अंदर किया गया। यह घटना ऐसे समय में आई है जब पंजाब में सीमा-पार आतंकी गतिविधियों पर खुफिया एजेंसियाँ पहले से सतर्क थीं।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
पुलिस ने जिन चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनकी पहचान इस प्रकार है: मानसा के प्रदीप सिंह खालसा (मुख्य सरगना), मानसा के बप्पियाना गाँव के कुलविंदर सिंह उर्फ बग्गा, तरनतारन के पंजवार के सतनाम सिंह उर्फ सत्ता और तरनतारन के गोइंदवाल बाईपास के गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी। इन सभी के खिलाफ पहले से विभिन्न जघन्य अपराधों के मामले दर्ज हैं।
मुख्य सरगना और विदेशी संपर्क
अधिकारियों के अनुसार, आरोपी प्रदीप सिंह खालसा इस मॉड्यूल का मुख्य सरगना था और वह मलेशिया स्थित खालिस्तान समर्थक आतंकवादी के साथ-साथ पाकिस्तान स्थित हथियार आपूर्तिकर्ताओं के भी करीबी संपर्क में था। पुलिस का कहना है कि खालसा कट्टरपंथी युवाओं को आतंकी प्रशिक्षण के लिए मलेशिया भेजता था और फिर उन्हें आतंकी गतिविधियाँ सौंपता था। उसने 'चलदा वहीर चक्रवर्ती, अतरिये' नाम से एक कट्टरपंथी संगठन भी बनाया हुआ है।
बरामद आतंकी सामग्री
आरोपियों के कब्जे से बरामद सामग्री में एक हैंड ग्रेनेड, दो 30 बोर पिस्तौलें, गोला-बारूद, तकनीकी संचार उपकरण और एक लैपटॉप शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि इन उपकरणों का उपयोग आरोपी अपने विदेशी संचालकों के साथ संवाद करने के लिए करते थे।
कानूनी कार्रवाई और आगे की जाँच
पटियाला में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 111, विस्फोटक अधिनियम की धारा 3, 4 और 5, शस्त्र अधिनियम की धारा 25 तथा गैरकानूनी गतिविधियाँ (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) की धारा 13, 16, 18 और 20 के तहत प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज की गई है। जाँच में यह भी सामने आया है कि आरोपी सार्वजनिक बुनियादी ढाँचे पर और हमले करने की योजना बना रहे थे। आने वाले दिनों में इस मॉड्यूल के अन्य सदस्यों और विदेशी संपर्कों की पहचान के लिए जाँच जारी रहेगी।