चंडीगढ़ में आतंकी साजिश नाकाम: संदिग्ध IED और हथियार के साथ तीन गिरफ्तार, सेक्टर-36 में FIR दर्ज
सारांश
मुख्य बातें
चंडीगढ़ पुलिस ने 23 अगस्त 2026 को एक संभावित आतंकी साजिश को नाकाम करने का दावा करते हुए तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों के कब्जे से एक संदिग्ध इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) और अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद की गई है। मामले में सेक्टर-36 थाने में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर जाँच शुरू कर दी गई है।
मुख्य घटनाक्रम
पुलिस के बयान के अनुसार, गिरफ्तार तीनों आरोपियों के पास से एक संदिग्ध IED और अन्य हथियार संबंधी सामग्री जब्त की गई है। शुरुआती जाँच में संकेत मिले हैं कि आरोपियों की चंडीगढ़ में किसी आतंकी वारदात को अंजाम देने की योजना हो सकती थी। हालाँकि, जाँच की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने फिलहाल मामले से जुड़े अतिरिक्त विवरण साझा नहीं किए हैं।
सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस की अपील
चंडीगढ़ पुलिस ने नागरिकों को आश्वस्त किया है कि घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है। शहर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और सभी ज़रूरी एहतियाती उपाय किए जा रहे हैं। पुलिस ने नागरिकों से किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना देने और अफवाहों से दूर रहने की अपील की है।
व्यापक संदर्भ: सीमा पार हथियार तस्करी नेटवर्क
यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब पंजाब पुलिस की काउंटर इंटेलिजेंस (CI) अमृतसर ने भारत-पाक सीमा के रास्ते ड्रोन के ज़रिए हथियारों की तस्करी करने वाले एक अलग नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। उस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था और उनके पास से 10 अत्याधुनिक पिस्तौल, मैगज़ीन और 10 कारतूस बरामद किए गए थे। जाँच में सामने आया था कि आरोपी विदेशी हैंडलर के संपर्क में थे और सीमा पार से हथियारों की खेप मंगाकर पंजाब में सप्लाई कर रहे थे।
गौरतलब है कि उत्तर-पश्चिम भारत में ड्रोन-आधारित हथियार तस्करी और स्थानीय आतंकी मॉड्यूल की सक्रियता के बीच यह दूसरी बड़ी कार्रवाई है, जो सुरक्षा एजेंसियों के बढ़ते सतर्कता अभियान को दर्शाती है।
आगे क्या होगा
जाँच एजेंसियाँ तीनों गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर उनके संभावित नेटवर्क और साजिश के पूरे खाके को उजागर करने में जुटी हैं। बरामद संदिग्ध IED की तकनीकी जाँच विस्फोटक विशेषज्ञों द्वारा की जा रही है। मामले में राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) या अन्य केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों की संलिप्तता की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।