14 जुलाई 2026
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एनआईए का 4 राज्यों में 12 ठिकानों पर छापा, भारत-पाक सीमा पार हथियार-आईईडी तस्करी नेटवर्क निशाने पर

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एनआईए का 4 राज्यों में 12 ठिकानों पर छापा, भारत-पाक सीमा पार हथियार-आईईडी तस्करी नेटवर्क निशाने पर

सारांश

एनआईए ने एक साथ चार राज्यों में 12 ठिकानों पर छापे मारकर उस आतंकी नेटवर्क को निशाना बनाया जो भारत-पाकिस्तान सीमा पार से हथियार और आईईडी की तस्करी कर पंजाब व दिल्ली में विस्फोट की साजिश रच रहा था। फरवरी में अमृतसर गिरफ्तारी से शुरू हुई जाँच अब कई राज्यों तक फैल चुकी है।

मुख्य बातें

एनआईए ने 29 मई 2026 को उत्तर प्रदेश, राजस्थान, बिहार और महाराष्ट्र के 12 ठिकानों पर एक साथ सर्च अभियान चलाया।
मामले की जड़ फरवरी 2026 में अमृतसर में हुई गिरफ्तारी है, जिसमें आईईडी, .30 बोर पिस्तौल और 20 कारतूस बरामद हुए थे।
एनआईए के अनुसार साजिश का मकसद पंजाब और दिल्ली में आईईडी विस्फोट कर जानमाल को नुकसान पहुँचाना था।
तलाशी में ज़ब्त डिजिटल उपकरणों की फोरेंसिक जाँच जारी; भारतीय और विदेशी संदिग्धों की पहचान का काम चल रहा है।
इसी माह अमृतसर पुलिस ने अलग कार्रवाई में 4 आरोपी गिरफ्तार कर 7 अत्याधुनिक पिस्तौलें बरामद की थीं।

राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (एनआईए) ने शुक्रवार, 29 मई को भारत-पाकिस्तान सीमा पार से हथियारों, गोला-बारूद और इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) की तस्करी से जुड़े एक मामले में चार राज्यों के 12 ठिकानों पर एक साथ सर्च अभियान चलाया। यह समन्वित कार्रवाई उस आतंकी साजिश की जड़ तक पहुँचने के प्रयास का हिस्सा है, जिसका मकसद पंजाब, दिल्ली और देश के अन्य हिस्सों में विस्फोट कर जानमाल को नुकसान पहुँचाना और शांति भंग करना था।

किन राज्यों में और कितनी जगहों पर चली तलाशी

एनआईए की टीमों ने उत्तर प्रदेश में 4, महाराष्ट्र में 3, राजस्थान में 2 और बिहार में 2 ठिकानों पर गहन तलाशी ली। इस अभियान के दौरान कई डिजिटल उपकरण ज़ब्त किए गए, जिनकी फोरेंसिक जाँच की जाएगी ताकि पूरे तस्करी नेटवर्क और उससे जुड़ी आतंकी साजिश का पर्दाफाश किया जा सके।

मामले की शुरुआत: अमृतसर में गिरफ्तारी से उठा पर्दा

इस मामले की नींव फरवरी 2026 में पड़ी, जब अमृतसर (पंजाब) के स्पेशल ऑपरेशंस सेल ने एक संदिग्ध को गिरफ्तार किया। उसके पास से रिमोट कंट्रोल सेट सहित धातु के डिब्बे में बंद एक आईईडी, एक मोबाइल हैंडसेट, एक विदेशी निर्मित .30 बोर पिस्तौल (मैगजीन सहित) और 20 जिंदा कारतूस बरामद हुए। स्थानीय स्तर पर बीएनएस, यूए(पी) एक्ट, आर्म्स एक्ट, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और एनडीपीएस एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया, जिसे बाद में एनआईए ने अपने हाथ में लिया।

साजिश का मकसद: विस्फोट और अस्थिरता

जाँच में सामने आया कि यह सीमा पार तस्करी महज हथियार आपूर्ति तक सीमित नहीं थी। अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी देश के विभिन्न हिस्सों में कई लोगों के संपर्क में था और उसका इरादा पंजाब, दिल्ली तथा अन्य स्थानों पर आईईडी विस्फोट कराना, आगजनी फैलाना और हिंसक गतिविधियों को अंजाम देना था। एनआईए के अनुसार, इस साजिश में शामिल भारतीय और विदेशी तत्वों की पहचान का काम अभी जारी है।

पंजाब पुलिस की पूर्व कार्रवाई से मिला संदर्भ

गौरतलब है कि इसी महीने की शुरुआत में अमृतसर की कमिश्नरेट पुलिस ने एक अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्करी मॉड्यूल का भंडाफोड़ करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया था। उनके कब्जे से 7 अत्याधुनिक पिस्तौलें बरामद हुई थीं — जिनमें 2 ग्लॉक 9एमएम (ऑस्ट्रिया निर्मित), 4 .30 बोर (चीन निर्मित) और 1 अन्य .30 बोर पिस्तौल शामिल थी। यह ऐसे समय में आया है जब सुरक्षा एजेंसियाँ उत्तर-पश्चिमी सीमा से हथियारों की आमद को लेकर विशेष रूप से सतर्क हैं। एनआईए की डिजिटल फोरेंसिक जाँच के नतीजे इस नेटवर्क की पूरी परतें उघाड़ सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि उस बड़े पैटर्न का संकेत है जिसमें सीमा पार तस्करी नेटवर्क भारत के भीतर गहरे तक जड़ें जमा चुके हैं — उत्तर प्रदेश से महाराष्ट्र तक। सवाल यह है कि फरवरी की गिरफ्तारी के तीन महीने बाद यह बहु-राज्यीय कार्रवाई क्यों हुई — और इस दौरान नेटवर्क के कितने सूत्र और सक्रिय रहे। डिजिटल फोरेंसिक के नतीजे बताएँगे कि यह साजिश कितनी गहरी थी, लेकिन जब तक वे सार्वजनिक नहीं होते, पूरे नेटवर्क की व्यापकता का आकलन करना कठिन है।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एनआईए ने यह सर्च अभियान किस मामले में चलाया?
एनआईए ने यह अभियान भारत-पाकिस्तान सीमा पार से हथियारों, गोला-बारूद और आईईडी की तस्करी के उस मामले में चलाया जो फरवरी 2026 में अमृतसर में एक संदिग्ध की गिरफ्तारी के बाद सामने आया था। एजेंसी ने स्थानीय पुलिस से मामला अपने हाथ में लेकर जाँच का दायरा बढ़ाया।
किन चार राज्यों में और कितनी जगहों पर तलाशी ली गई?
एनआईए ने उत्तर प्रदेश में 4, महाराष्ट्र में 3, राजस्थान में 2 और बिहार में 2 — कुल 12 ठिकानों पर एक साथ तलाशी ली। इस दौरान कई डिजिटल उपकरण ज़ब्त किए गए।
इस तस्करी नेटवर्क का मकसद क्या था?
एनआईए की जाँच के अनुसार, इस नेटवर्क का मकसद पंजाब, दिल्ली और देश के अन्य हिस्सों में आईईडी विस्फोट कराना, आगजनी फैलाना और हिंसक गतिविधियों को अंजाम देकर जानमाल को नुकसान पहुँचाना और देश की शांति व स्थिरता को भंग करना था।
अमृतसर में फरवरी में क्या बरामद हुआ था?
फरवरी 2026 में अमृतसर के स्पेशल ऑपरेशंस सेल ने एक संदिग्ध को गिरफ्तार किया था, जिसके पास रिमोट कंट्रोल सेट सहित एक आईईडी, एक मोबाइल हैंडसेट, एक विदेशी निर्मित .30 बोर पिस्तौल (मैगजीन सहित) और 20 जिंदा कारतूस मिले थे।
क्या इस मामले में अब तक कोई और गिरफ्तारी हुई है?
इसी महीने अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने एक अलग अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्करी मॉड्यूल में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर 7 अत्याधुनिक पिस्तौलें बरामद की थीं। एनआईए के मौजूदा अभियान में साजिश से जुड़े अन्य भारतीय और विदेशी तत्वों की पहचान का काम अभी जारी है।
राष्ट्र प्रेस
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