एनआईए का 4 राज्यों में 12 ठिकानों पर छापा, भारत-पाक सीमा पार हथियार-आईईडी तस्करी नेटवर्क निशाने पर
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (एनआईए) ने शुक्रवार, 29 मई को भारत-पाकिस्तान सीमा पार से हथियारों, गोला-बारूद और इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) की तस्करी से जुड़े एक मामले में चार राज्यों के 12 ठिकानों पर एक साथ सर्च अभियान चलाया। यह समन्वित कार्रवाई उस आतंकी साजिश की जड़ तक पहुँचने के प्रयास का हिस्सा है, जिसका मकसद पंजाब, दिल्ली और देश के अन्य हिस्सों में विस्फोट कर जानमाल को नुकसान पहुँचाना और शांति भंग करना था।
किन राज्यों में और कितनी जगहों पर चली तलाशी
एनआईए की टीमों ने उत्तर प्रदेश में 4, महाराष्ट्र में 3, राजस्थान में 2 और बिहार में 2 ठिकानों पर गहन तलाशी ली। इस अभियान के दौरान कई डिजिटल उपकरण ज़ब्त किए गए, जिनकी फोरेंसिक जाँच की जाएगी ताकि पूरे तस्करी नेटवर्क और उससे जुड़ी आतंकी साजिश का पर्दाफाश किया जा सके।
मामले की शुरुआत: अमृतसर में गिरफ्तारी से उठा पर्दा
इस मामले की नींव फरवरी 2026 में पड़ी, जब अमृतसर (पंजाब) के स्पेशल ऑपरेशंस सेल ने एक संदिग्ध को गिरफ्तार किया। उसके पास से रिमोट कंट्रोल सेट सहित धातु के डिब्बे में बंद एक आईईडी, एक मोबाइल हैंडसेट, एक विदेशी निर्मित .30 बोर पिस्तौल (मैगजीन सहित) और 20 जिंदा कारतूस बरामद हुए। स्थानीय स्तर पर बीएनएस, यूए(पी) एक्ट, आर्म्स एक्ट, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और एनडीपीएस एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया, जिसे बाद में एनआईए ने अपने हाथ में लिया।
साजिश का मकसद: विस्फोट और अस्थिरता
जाँच में सामने आया कि यह सीमा पार तस्करी महज हथियार आपूर्ति तक सीमित नहीं थी। अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी देश के विभिन्न हिस्सों में कई लोगों के संपर्क में था और उसका इरादा पंजाब, दिल्ली तथा अन्य स्थानों पर आईईडी विस्फोट कराना, आगजनी फैलाना और हिंसक गतिविधियों को अंजाम देना था। एनआईए के अनुसार, इस साजिश में शामिल भारतीय और विदेशी तत्वों की पहचान का काम अभी जारी है।
पंजाब पुलिस की पूर्व कार्रवाई से मिला संदर्भ
गौरतलब है कि इसी महीने की शुरुआत में अमृतसर की कमिश्नरेट पुलिस ने एक अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्करी मॉड्यूल का भंडाफोड़ करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया था। उनके कब्जे से 7 अत्याधुनिक पिस्तौलें बरामद हुई थीं — जिनमें 2 ग्लॉक 9एमएम (ऑस्ट्रिया निर्मित), 4 .30 बोर (चीन निर्मित) और 1 अन्य .30 बोर पिस्तौल शामिल थी। यह ऐसे समय में आया है जब सुरक्षा एजेंसियाँ उत्तर-पश्चिमी सीमा से हथियारों की आमद को लेकर विशेष रूप से सतर्क हैं। एनआईए की डिजिटल फोरेंसिक जाँच के नतीजे इस नेटवर्क की पूरी परतें उघाड़ सकते हैं।