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दिल्ली में आतंकी साजिश नाकाम: ISI हैंडलर के निर्देश पर काम कर रहे 4 गिरफ्तार, हथियार-ड्रोन नेटवर्क का भंडाफोड़

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दिल्ली में आतंकी साजिश नाकाम: ISI हैंडलर के निर्देश पर काम कर रहे 4 गिरफ्तार, हथियार-ड्रोन नेटवर्क का भंडाफोड़

सारांश

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने पाकिस्तानी ISI हैंडलर शहजाद भट्टी के इशारे पर दिल्ली में धार्मिक स्थलों और पुलिस ठिकानों को निशाना बनाने की साजिश रच रहे चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। ड्रोन से हथियार, विदेशी नंबरों से संपर्क — यह नेटवर्क सीमा पार आतंक के बदलते तरीकों की खतरनाक तस्वीर पेश करता है।

मुख्य बातें

दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने 2 जुलाई 2026 को अंतरराज्यीय ऑपरेशन में 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर दिल्ली-एनसीआर में आतंकी हमले की साजिश नाकाम की।
सभी आरोपी पाकिस्तान स्थित ISI हैंडलर शहजाद भट्टी के निर्देश पर काम कर रहे थे और विदेशी नंबरों से संपर्क बनाए हुए थे।
बरामदगी में 1 जिगाना पिस्तौल , 1 .30 बोर पिस्तौल , 9 कारतूस और 5 मोबाइल फोन शामिल हैं।
आरोपी ड्रोन के जरिए पाकिस्तान से हथियार और नशीले पदार्थ मँगा रहे थे; दो आरोपी पहले एनडीपीएस मामलों में गिरफ्तार हो चुके थे।
गगनप्रीत को दिल्ली के पुलिस स्टेशनों की रेकी और फायरिंग की घटना को अंजाम देने का काम सौंपा गया था।
चारों आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज; जाँच जारी है और नेटवर्क के अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है।

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने 2 जुलाई 2026 को एक बड़ी अंतरराज्यीय कार्रवाई में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर दिल्ली-एनसीआर में आतंकी हमले की योजना को नाकाम कर दिया। जाँच अधिकारियों के अनुसार, ये सभी आरोपी पाकिस्तान स्थित आईएसआई हैंडलर शहजाद भट्टी के निर्देश पर दिल्ली में धार्मिक स्थलों और पुलिस ठिकानों को निशाना बनाने की साजिश रच रहे थे।

मुख्य घटनाक्रम

स्पेशल सेल के एसीपी विवेक कुमार त्यागी की देखरेख में इंस्पेक्टर सतीश राणा और इंस्पेक्टर अशोक की संयुक्त टीम ने दिल्ली और पंजाब में एक साथ छापेमारी की। पहली गिरफ्तारी पंजाब के अमृतसर में मजीठा रोड से हुई, जहाँ आरोपी शुभदीप सिंह उर्फ विशाल (23) को हिरासत में लिया गया। उसके पास से एक सेमी-ऑटोमैटिक पिस्तौल, 5 जिंदा कारतूस और 2 मोबाइल फोन बरामद हुए।

इसके बाद जाँच के दौरान गुरजंट सिंह उर्फ ऋषि और साजन सिंह उर्फ हनी (28) को पंजाब से पकड़ा गया। इनके पास से एक जिगाना पिस्तौल, 4 जिंदा कारतूस और 2 मोबाइल फोन मिले। चौथे आरोपी गगनप्रीत (24) को 24 जून को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया। उसके मोबाइल फोन में कई अहम सबूत मिले हैं।

बरामदगी और साजिश का खुलासा

कुल बरामदगी में 1 जिगाना पिस्तौल, 1 .30 बोर पिस्तौल, 9 कारतूस और 5 मोबाइल फोन शामिल हैं। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी पाकिस्तानी हैंडलर्स से संपर्क के लिए उन्हीं द्वारा उपलब्ध कराए गए विदेशी नंबरों का इस्तेमाल कर रहे थे ताकि निगरानी से बच सकें। शुभदीप सिंह ने पूछताछ में स्वीकार किया कि वह ड्रोन के जरिए पाकिस्तान से हथियार और नशीले पदार्थ मँगाता था।

गौरतलब है कि शुभदीप सिंह तरनतारन का निवासी है, जो पाकिस्तान सीमा से मात्र 3 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। उसे इससे पहले भी पंजाब पुलिस ने एनडीपीएस अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया था। साजन सिंह उर्फ हनी भी एनडीपीएस मामले में पूर्व में गिरफ्तार हो चुका है — यह पैटर्न दर्शाता है कि आईएसआई नेटवर्क अपने ऑपरेटिव्स के रूप में पहले से आपराधिक रिकॉर्ड वाले व्यक्तियों को लक्षित कर रहा है।

आरोपियों की भूमिका और नेटवर्क

गगनप्रीत, जो फतेहगढ़ साहिब जिले का निवासी है, को सोशल मीडिया के माध्यम से पाकिस्तानी हैंडलर्स ने संपर्क किया था। उसे दिल्ली के पुलिस स्टेशनों और पुलिस पिकेट्स के वीडियो बनाने तथा वहाँ फायरिंग की घटना को अंजाम देने की जिम्मेदारी दी गई थी। गुरजंट सिंह और उसका चचेरा भाई साजन सिंह मिलकर ड्रोन नेटवर्क के जरिए हथियारों की आपूर्ति श्रृंखला संभाल रहे थे।

यह ऐसे समय में आया है जब सीमा पार से ड्रोन के जरिए हथियारों की तस्करी की घटनाएँ पंजाब में लगातार बढ़ रही हैं। जाँच एजेंसियों के अनुसार, शहजाद भट्टी नेटवर्क ने जानबूझकर पंजाब के उन युवाओं को भर्ती किया जो पहले से कानून के साथ उलझे हुए थे और जिन्हें धन या अन्य प्रलोभन देकर आसानी से इस्तेमाल किया जा सकता था।

कानूनी कार्रवाई

चारों आरोपियों के विरुद्ध संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर ली गई है। जाँच जारी है और अधिकारियों के अनुसार नेटवर्क के अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है। यह मामला केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वय में आगे बढ़ाया जाएगा।

आगे क्या होगा

सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह गिरफ्तारी एक व्यापक नेटवर्क की कड़ी भर हो सकती है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल अब शहजाद भट्टी के अन्य संपर्कों और संभावित स्लीपर सेल्स की पहचान करने में जुटी है। इस ऑपरेशन से स्पष्ट है कि ड्रोन-आधारित हथियार तस्करी और सोशल मीडिया के जरिए भर्ती अब सीमा पार आतंकी नेटवर्क की प्राथमिक कार्यप्रणाली बन चुकी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी वे सक्रिय ISI नेटवर्क से जुड़ने में सफल रहे — यह नशा-आतंक के गठजोड़ की निगरानी में गंभीर खामी की ओर इशारा करता है। शहजाद भट्टी नेटवर्क अभी भी पाकिस्तान में सक्रिय बताया जा रहा है, और जब तक उस स्रोत पर कार्रवाई नहीं होती, ऐसे ऑपरेटिव्स की आपूर्ति बाधित नहीं होगी।
RashtraPress
16 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली में आतंकी साजिश में किसे गिरफ्तार किया गया?
दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने चार आरोपियों — शुभदीप सिंह उर्फ विशाल (23), गुरजंट सिंह उर्फ ऋषि, साजन सिंह उर्फ हनी (28) और गगनप्रीत (24) — को गिरफ्तार किया, जो सभी पंजाब के निवासी हैं। ये सभी पाकिस्तान स्थित ISI हैंडलर शहजाद भट्टी के निर्देश पर दिल्ली में हमले की साजिश रच रहे थे।
ISI हैंडलर शहजाद भट्टी कौन है और उसकी क्या भूमिका है?
शहजाद भट्टी पाकिस्तान स्थित ISI से जुड़ा एक कथित हैंडलर है, जो अपने साथियों के साथ मिलकर दिल्ली-एनसीआर में आतंकी घटनाओं की योजना बना रहा था। जाँच के अनुसार, उसने पंजाब के युवाओं को भर्ती किया और उन्हें विदेशी नंबर तथा ड्रोन के जरिए हथियार उपलब्ध कराए।
आरोपी ड्रोन का इस्तेमाल किस लिए कर रहे थे?
आरोपी शुभदीप सिंह और उसके साथी पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए हथियार और नशीले पदार्थ भारत में मँगा रहे थे। शुभदीप तरनतारन में रहता है, जो पाकिस्तान सीमा से केवल 3 किलोमीटर दूर है, जिससे ड्रोन ऑपरेशन आसान हो जाता था।
दिल्ली में किन स्थानों को निशाना बनाने की योजना थी?
जाँच के अनुसार, आरोपी गगनप्रीत को दिल्ली में धार्मिक स्थलों, पुलिस स्टेशनों और पुलिस पिकेट्स की रेकी करने तथा वहाँ फायरिंग की घटना को अंजाम देने का काम सौंपा गया था। उसके मोबाइल फोन में इससे संबंधित अहम सबूत मिले हैं।
इस मामले में क्या कानूनी कार्रवाई हुई है?
चारों आरोपियों के विरुद्ध संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। जाँच जारी है और दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल शहजाद भट्टी नेटवर्क के अन्य सदस्यों की पहचान में केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर काम कर रही है।
राष्ट्र प्रेस
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