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ISI-मुंबई अंडरवर्ल्ड से जुड़े 4 कथित आतंकी पटियाला हाउस कोर्ट में पेश, दिल्ली-मुंबई में हमले की साजिश का आरोप

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ISI-मुंबई अंडरवर्ल्ड से जुड़े 4 कथित आतंकी पटियाला हाउस कोर्ट में पेश, दिल्ली-मुंबई में हमले की साजिश का आरोप

सारांश

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने ISI और मुंबई अंडरवर्ल्ड से जुड़े 4 कथित आतंकियों को पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया। आरोप है कि इन्होंने दिल्ली, मुंबई और पंजाब के संवेदनशील ठिकानों की रेकी की और बड़े हमलों की योजना बनाई। पाकिस्तान निर्मित हथगोले और ग्लॉक पिस्तौल भी बरामद हुए।

मुख्य बातें

दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने 10 जून 2026 को 4 कथित आतंकियों को पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया।
आरोपियों की पहचान आंग कामी लामा (काठमांडू), हरविंदर सिंह, गगनदीप सिंह और मंजीत सिंह (सभी लुधियाना) के रूप में हुई।
जांचकर्ताओं के अनुसार, आरोपी कथित तौर पर ISI के निर्देश पर और दाऊद इब्राहिम के डी-कंपनी नेटवर्क के संपर्क में काम कर रहे थे।
बरामदगी में पाकिस्तान निर्मित हथगोले , ग्लॉक पिस्तौल और बड़ी संख्या में जिंदा कारतूस शामिल हैं।
कथित मॉड्यूल ने दिल्ली, मुंबई और पंजाब में सरकारी, सुरक्षा और धार्मिक ठिकानों की रेकी की थी।
आरोपियों को पहले 30 मई को अदालत में पेश कर 7 दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया था।

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने 10 जून 2026 को पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI और मुंबई अंडरवर्ल्ड से कथित संबंध रखने वाले 4 संदिग्ध आतंकियों को पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया। 7 दिनों की पुलिस हिरासत पूरी होने के बाद इन्हें अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया गया। जांचकर्ताओं के अनुसार, इन आरोपियों ने दिल्ली, मुंबई और पंजाब के संवेदनशील ठिकानों की रेकी की थी और बड़े पैमाने पर आतंकी हमलों की योजना बनाई थी।

कौन हैं गिरफ्तार संदिग्ध

पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किए गए चारों आरोपियों की पहचान आंग कामी लामा (काठमांडू), हरविंदर सिंह (लुधियाना), गगनदीप सिंह (लुधियाना) और मंजीत सिंह (लुधियाना) के रूप में हुई है। इनमें से कुछ विदेशी नागरिक भी बताए जा रहे हैं। इन्हें पहले 30 मई को अदालत में पेश किया गया था, जहाँ से उन्हें आगे की पूछताछ के लिए 7 दिनों की पुलिस हिरासत में भेजा गया था।

साजिश का स्वरूप और बरामदगी

जांचकर्ताओं का दावा है कि यह एक कथित पाकिस्तान-समर्थित आतंकी मॉड्यूल था, जो ISI के गुर्गों और संचालकों के निर्देश पर काम कर रहा था। पुलिस के अनुसार, आरोपियों के दाऊद इब्राहिम के डी-कंपनी नेटवर्क से भी कथित संबंध थे। दिल्ली और कई उत्तरी राज्यों में चलाए गए समन्वित अभियानों के दौरान संदिग्धों के पास से पाकिस्तान निर्मित हथगोले, ग्लॉक पिस्तौल और बड़ी संख्या में जिंदा कारतूस बरामद किए गए।

किन ठिकानों की हुई थी रेकी

अब तक की जांच के अनुसार, इस कथित मॉड्यूल ने दिल्ली, मुंबई और पंजाब में सरकारी प्रतिष्ठानों, सुरक्षा प्रतिष्ठानों और भीड़भाड़ वाले धार्मिक स्थलों सहित कई संवेदनशील स्थानों की रेकी की थी। यह ऐसे समय में सामने आया है जब भारत-पाकिस्तान सीमा पर तनाव का माहौल बना हुआ है।

आगे की कार्रवाई

गौरतलब है कि यह मामला दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल द्वारा हाल के महीनों में उजागर किए गए बड़े आतंकी नेटवर्क की कड़ी में एक और कड़ी है। अदालत में पेशी के बाद आगे की न्यायिक कार्यवाही तय की जाएगी और जांच एजेंसियाँ इस मॉड्यूल के अन्य संभावित सदस्यों की तलाश जारी रखे हुए हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो सीमापार भर्ती की गहराई को दर्शाता है। हथियारों की बरामदगी — खासकर पाकिस्तान निर्मित हथगोले — यह सवाल उठाती है कि ये हथियार भारतीय सीमा में कैसे पहुँचे और आपूर्ति श्रृंखला की जाँच कितनी आगे बढ़ी है। न्यायिक प्रक्रिया की पारदर्शिता और आरोप-पत्र की समयसीमा ही बताएगी कि यह मामला ठोस साक्ष्य पर टिका है या नहीं।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पटियाला हाउस कोर्ट में कौन से 4 कथित आतंकी पेश किए गए?
10 जून 2026 को पेश किए गए चारों आरोपी हैं — आंग कामी लामा (काठमांडू), हरविंदर सिंह, गगनदीप सिंह और मंजीत सिंह (तीनों लुधियाना से)। इन्हें दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने एक कथित ISI-समर्थित आतंकी मॉड्यूल के सिलसिले में गिरफ्तार किया था।
इन संदिग्धों पर क्या आरोप हैं?
जांचकर्ताओं के अनुसार, इन पर दिल्ली, मुंबई और पंजाब के सरकारी, सुरक्षा और धार्मिक ठिकानों पर आतंकी हमले की साजिश रचने का आरोप है। पुलिस का दावा है कि ये ISI के निर्देश पर और दाऊद इब्राहिम के डी-कंपनी नेटवर्क के संपर्क में काम कर रहे थे।
गिरफ्तारी के दौरान क्या बरामद हुआ?
दिल्ली और कई उत्तरी राज्यों में समन्वित छापों के दौरान पुलिस ने पाकिस्तान निर्मित हथगोले, ग्लॉक पिस्तौल और बड़ी संख्या में जिंदा कारतूस बरामद किए। यह बरामदगी मॉड्यूल की कथित परिचालन तैयारी को दर्शाती है।
इन आरोपियों को पहले कब गिरफ्तार और पेश किया गया था?
चारों आरोपियों को पहली बार 30 मई को पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया था, जहाँ अदालत ने उन्हें आगे की पूछताछ के लिए 7 दिनों की पुलिस हिरासत में भेजा था। हिरासत अवधि पूरी होने पर 10 जून को उन्हें फिर अदालत में पेश किया गया।
इस मामले में मुंबई अंडरवर्ल्ड का क्या कनेक्शन है?
जांचकर्ताओं का दावा है कि आरोपियों के दाऊद इब्राहिम के डी-कंपनी नेटवर्क से कथित संबंध थे। पुलिस के अनुसार, इस नेटवर्क का उपयोग ISI-समर्थित ऑपरेशन को भारत के भीतर लॉजिस्टिक और संचार सहायता देने के लिए किया जा रहा था।
राष्ट्र प्रेस
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