दिल्ली में ISI-अंडरवर्ल्ड से जुड़े आतंकी मॉड्यूल की साजिश नाकाम, सरकारी दफ्तर थे निशाने पर
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली पुलिस ने 29-30 मई 2026 की रात राजधानी के कई सरकारी और सुरक्षा कार्यालयों को एक साथ निशाना बनाने की बड़ी आतंकी साजिश को नाकाम कर दिया। जाँचकर्ताओं के अनुसार यह कथित मॉड्यूल पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI और मुंबई अंडरवर्ल्ड से जुड़े तत्वों के इशारे पर संचालित हो रहा था। गिरफ्तार आरोपियों से हथियार, विस्फोटक, हथगोले, एक पिस्तौल और कारतूस बरामद किए गए हैं।
साजिश का खुलासा कैसे हुआ
सूत्रों के अनुसार, आरोपी हमले को अंजाम देने के अंतिम चरण में थे और उन्हें छतरपुर इलाके में रुककर निर्देश का इंतज़ार करने को कहा गया था। जाँचकर्ताओं का मानना है कि पाकिस्तान में बैठे आकाओं ने इस पूरे ऑपरेशन को दूर से संचालित किया। यह ऐसे समय में आया है जब सीमा पार से प्रायोजित आतंकी गतिविधियों पर सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी पहले से कड़ी है।
नेटवर्क की संरचना
जाँच में सामने आया है कि इस नेटवर्क को काफी लंबे समय से तैयार किया जा रहा था। इसमें ISI, मुंबई अंडरवर्ल्ड से जुड़े गुर्गों और स्थानीय सहयोगियों के बीच तालमेल था। सूत्रों के मुताबिक, अंडरवर्ल्ड से जुड़े कुछ लोगों ने इस मॉड्यूल को साजो-सामान, रहने की जगह और आपसी समन्वय में मदद की थी। नेपाल मूल के कुछ गुर्गों की भूमिका की भी जाँच की जा रही है।
संभावित निशाने
सूत्रों के अनुसार, इस मॉड्यूल ने जिन स्थानों को कथित तौर पर हमले के लिए चुना था, उनमें सरकारी दफ्तर और सुरक्षा से जुड़े कार्यालय शामिल थे। जाँचकर्ताओं का मानना है कि अगर ये हमले सफल होते तो भारी जान-माल का नुकसान हो सकता था और देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती खड़ी हो जाती।
आगे की जाँच
फिलहाल इस कथित साजिश में शामिल अन्य गुर्गों की पहचान और फंडिंग के स्रोतों का पता लगाने के लिए जाँच जारी है। सुरक्षा एजेंसियाँ यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या इस नेटवर्क के और भी सक्रिय सदस्य राजधानी या अन्य शहरों में मौजूद हैं। गौरतलब है कि यह दिल्ली में हाल के वर्षों में नाकाम की गई सबसे बड़ी समन्वित आतंकी साजिशों में से एक बताई जा रही है।