15 जुलाई 2026
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दिल्ली में ISI-अंडरवर्ल्ड से जुड़े आतंकी मॉड्यूल की साजिश नाकाम, सरकारी दफ्तर थे निशाने पर

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दिल्ली में ISI-अंडरवर्ल्ड से जुड़े आतंकी मॉड्यूल की साजिश नाकाम, सरकारी दफ्तर थे निशाने पर

सारांश

दिल्ली पुलिस ने 29-30 मई की रात ISI और मुंबई अंडरवर्ल्ड से जुड़े एक आतंकी मॉड्यूल की साजिश नाकाम की, जो राजधानी के सरकारी और सुरक्षा दफ्तरों पर एक साथ हमला करने वाला था। आरोपियों से हथियार, विस्फोटक और हथगोले बरामद हुए हैं।

मुख्य बातें

दिल्ली पुलिस ने 29-30 मई 2026 की रात एक बड़ी आतंकी साजिश नाकाम की।
कथित मॉड्यूल ISI और मुंबई अंडरवर्ल्ड से जुड़े तत्वों द्वारा संचालित था।
निशाने पर सरकारी दफ्तर और सुरक्षा कार्यालय थे; आरोपी छतरपुर इलाके में रुके थे।
बरामदगी में हथियार, विस्फोटक, हथगोले, पिस्तौल और कारतूस शामिल।
नेपाल मूल के गुर्गों की भूमिका और फंडिंग के स्रोतों की जाँच जारी है।

दिल्ली पुलिस ने 29-30 मई 2026 की रात राजधानी के कई सरकारी और सुरक्षा कार्यालयों को एक साथ निशाना बनाने की बड़ी आतंकी साजिश को नाकाम कर दिया। जाँचकर्ताओं के अनुसार यह कथित मॉड्यूल पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI और मुंबई अंडरवर्ल्ड से जुड़े तत्वों के इशारे पर संचालित हो रहा था। गिरफ्तार आरोपियों से हथियार, विस्फोटक, हथगोले, एक पिस्तौल और कारतूस बरामद किए गए हैं।

साजिश का खुलासा कैसे हुआ

सूत्रों के अनुसार, आरोपी हमले को अंजाम देने के अंतिम चरण में थे और उन्हें छतरपुर इलाके में रुककर निर्देश का इंतज़ार करने को कहा गया था। जाँचकर्ताओं का मानना है कि पाकिस्तान में बैठे आकाओं ने इस पूरे ऑपरेशन को दूर से संचालित किया। यह ऐसे समय में आया है जब सीमा पार से प्रायोजित आतंकी गतिविधियों पर सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी पहले से कड़ी है।

नेटवर्क की संरचना

जाँच में सामने आया है कि इस नेटवर्क को काफी लंबे समय से तैयार किया जा रहा था। इसमें ISI, मुंबई अंडरवर्ल्ड से जुड़े गुर्गों और स्थानीय सहयोगियों के बीच तालमेल था। सूत्रों के मुताबिक, अंडरवर्ल्ड से जुड़े कुछ लोगों ने इस मॉड्यूल को साजो-सामान, रहने की जगह और आपसी समन्वय में मदद की थी। नेपाल मूल के कुछ गुर्गों की भूमिका की भी जाँच की जा रही है।

संभावित निशाने

सूत्रों के अनुसार, इस मॉड्यूल ने जिन स्थानों को कथित तौर पर हमले के लिए चुना था, उनमें सरकारी दफ्तर और सुरक्षा से जुड़े कार्यालय शामिल थे। जाँचकर्ताओं का मानना है कि अगर ये हमले सफल होते तो भारी जान-माल का नुकसान हो सकता था और देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती खड़ी हो जाती।

आगे की जाँच

फिलहाल इस कथित साजिश में शामिल अन्य गुर्गों की पहचान और फंडिंग के स्रोतों का पता लगाने के लिए जाँच जारी है। सुरक्षा एजेंसियाँ यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या इस नेटवर्क के और भी सक्रिय सदस्य राजधानी या अन्य शहरों में मौजूद हैं। गौरतलब है कि यह दिल्ली में हाल के वर्षों में नाकाम की गई सबसे बड़ी समन्वित आतंकी साजिशों में से एक बताई जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

अंडरवर्ल्ड का लॉजिस्टिक समर्थन और स्थानीय नेटवर्क का इस्तेमाल एक साथ होता है। चिंताजनक यह है कि आरोपी हमले के 'अंतिम चरण' तक पहुँच गए थे — यानी खुफिया तंत्र ने देर से नहीं, लेकिन बाल-बाल नाकाम किया। असली सवाल यह है कि इस नेटवर्क को 'काफी लंबे समय से' तैयार होने में कितनी निगरानी चूकी। फंडिंग स्रोतों और नेपाल कनेक्शन की जाँच यह तय करेगी कि यह एकाकी मॉड्यूल था या किसी बड़े ढाँचे का हिस्सा।
RashtraPress
15 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली में नाकाम हुई आतंकी साजिश क्या थी?
जाँचकर्ताओं के अनुसार, ISI और मुंबई अंडरवर्ल्ड से जुड़ा एक कथित आतंकी मॉड्यूल 29-30 मई 2026 की रात दिल्ली के सरकारी और सुरक्षा कार्यालयों पर एक साथ हमला करने की योजना बना रहा था। दिल्ली पुलिस ने इसे अंतिम चरण में नाकाम कर दिया।
गिरफ्तार आरोपियों से क्या बरामद हुआ?
आरोपियों से हथियार, विस्फोटक, हथगोले, एक पिस्तौल और कारतूस बरामद किए गए हैं। ये बरामदगी हमले की तैयारी की गंभीरता को दर्शाती है।
इस मॉड्यूल में ISI और अंडरवर्ल्ड की क्या भूमिका थी?
सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान में बैठे ISI से जुड़े आकाओं ने इस ऑपरेशन को दूर से निर्देशित किया, जबकि मुंबई अंडरवर्ल्ड से जुड़े गुर्गों ने साजो-सामान, रहने की जगह और समन्वय में मदद की। यह नेटवर्क काफी लंबे समय से तैयार किया जा रहा था।
छतरपुर इलाके का इस साजिश से क्या संबंध है?
सूत्रों के मुताबिक, आरोपियों को हमले से पहले दिल्ली के छतरपुर इलाके में रुककर पाकिस्तान स्थित आकाओं के निर्देश का इंतज़ार करने को कहा गया था। यही वह स्थान था जहाँ से उन्हें अंतिम आदेश मिलने थे।
आगे की जाँच में क्या पता लगाया जा रहा है?
जाँच एजेंसियाँ फिलहाल इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों, फंडिंग के स्रोतों और नेपाल मूल के गुर्गों की भूमिका की जाँच कर रही हैं। यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या यह मॉड्यूल किसी बड़े आतंकी ढाँचे का हिस्सा है।
राष्ट्र प्रेस
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