दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल का बड़ा खुलासा: ISI-अंडरवर्ल्ड से जुड़े आतंकी मॉड्यूल के निशाने पर थे 5 शहर, 8 गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने 30 मई 2026 को एक बड़े आतंकी षड्यंत्र का भंडाफोड़ किया, जिसमें कथित तौर पर पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI और मुंबई अंडरवर्ल्ड से जुड़े एक सक्रिय मॉड्यूल के निशाने पर पाँच भारतीय शहर थे। खुफिया एजेंसियों के समन्वय से चलाए गए इस अभियान में कुल आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और हथियार, विस्फोटक तथा हथगोले बरामद किए गए हैं।
मुख्य घटनाक्रम
जाँचकर्ताओं के अनुसार, इस नेटवर्क को कथित तौर पर पाकिस्तान स्थित चार हैंडलर — मुन्ना जिगाड़ा, यावर खान, शहजाद भट्टी और आमिर जट्ट — संचालित कर रहे थे। अधिकारियों ने बताया कि यह मॉड्यूल दिल्ली, मुंबई और अन्य प्रमुख शहरों में महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों तथा सुरक्षाकर्मियों पर हमले की योजना बना रहा था।
विशिष्ट खुफिया सूचनाओं के आधार पर जाँच शुरू हुई, जिसके तहत सबसे पहले पुणे से कथित शार्पशूटर विजय डॉन उर्फ विजय शूटर को गिरफ्तार किया गया। उसकी पूछताछ के बाद झारखंड के साहिबगंज से एक अन्य आरोपी को पकड़ा गया।
गिरफ्तारी और बरामदगी
जाँचकर्ताओं ने बताया कि विजय डॉन और साहिबगंज से गिरफ्तार आरोपी कथित तौर पर पाकिस्तान स्थित हैंडलर शहजाद भट्टी के सीधे संपर्क में थे। आगे की जाँच में मुंबई से तौकीर और अरबाज खान को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के दौरान नेटवर्क से जुड़े मुन्ना जिगाड़ा और यावर खान सहित अन्य नामों का भी खुलासा हुआ।
ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने चार हथगोले बरामद किए, जिन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) ने सुरक्षित रूप से निष्क्रिय किया। बरामदगी में पाकिस्तान ऑर्डनेंस फैक्ट्री द्वारा निर्मित 25 जिंदा कारतूस और दो ग्लॉक पिस्तौल भी शामिल हैं। जाँचकर्ताओं को संदेह है कि ये हथियार सीमा पार नेटवर्क का उपयोग कर ड्रोन के ज़रिये भारत में गिराए गए थे।
जासूसी वीडियो और निशाने
पुलिस ने आरोपियों से दिल्ली और मुंबई के कई रणनीतिक स्थानों के जासूसी वीडियो भी बरामद किए हैं। फुटेज में कथित तौर पर मुंबई का दादर रेलवे स्टेशन, प्रमुख पुल और सार्वजनिक पार्क जैसी जगहें शामिल हैं। दिल्ली में रक्षा एवं सरकारी प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने की तैयारी का संदेह है।
जाँचकर्ताओं के अनुसार, आरोपियों ने पूछताछ में स्वीकार किया कि बड़े हमले की तैयारियाँ उन्नत स्तर पर थीं। सुरक्षाकर्मी और महत्वपूर्ण प्रतिष्ठान लक्षित ठिकानों में शामिल बताए गए।
मुन्ना जिगाड़ा की भूमिका
जाँचकर्ताओं ने मुन्ना जिगाड़ा को इस नेटवर्क का प्रमुख सदस्य बताया है। सूत्रों के अनुसार, जिगाड़ा विदेश में जेल की सज़ा काटने के बाद कथित तौर पर पाकिस्तान लौट आया था और कराची से अपना काम संचालित कर रहा था। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब भारत-पाकिस्तान सीमा पर तनाव पहले से बढ़ा हुआ है और ड्रोन के ज़रिये हथियारों की तस्करी की घटनाओं में वृद्धि दर्ज की गई है।
आगे की जाँच
सुरक्षा एजेंसियाँ बरामद सामग्री की जाँच कर रही हैं और संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ा दी गई है। अतिरिक्त ऑपरेटरों की पहचान करने, फंडिंग चैनलों का पता लगाने और कथित साजिश की पूरी जानकारी जुटाने के लिए जाँच जारी है।