दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने ISI-लिंक्ड आतंकी मॉड्यूल के 5 और सदस्य दबोचे, हथियार-पोस्टर बरामद
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने 17 जून 2026 को पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI से कथित तौर पर जुड़े एक आतंकी मॉड्यूल के पाँच और सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, यह मॉड्यूल पाकिस्तान स्थित ISI हैंडलर शहजाद भट्टी के निर्देशन में सक्रिय था और इसका उद्देश्य दिल्ली तथा पड़ोसी राज्यों में पुलिसकर्मियों को निशाना बनाना, युवाओं की भर्ती करना और आतंकी गतिविधियों को विस्तार देना था।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
स्पेशल सेल के अनुसार, गिरफ्तार किए गए पाँचों आरोपी अलग-अलग राज्यों से हैं। सोहेल (26), हरियाणा के फरीदाबाद का निवासी है। सोनू मीणा (30) दिल्ली के घिटोरनी से है। सचिन कुमार मीणा (20) राजस्थान के दौसा का रहने वाला है। मोहम्मद कैफ (21) हरियाणा के नूंह से और मोहम्मद रिहान (20) उत्तर प्रदेश के मेरठ से गिरफ्तार किया गया।
पुलिस ने बताया कि आरोपियों को विभिन्न राज्यों में एक साथ समन्वित कार्रवाई के ज़रिए पकड़ा गया। स्पेशल सेल की NDR यूनिट लंबे समय से शहजाद भट्टी के नेटवर्क पर नज़र रख रही थी और तकनीकी साक्ष्यों के विश्लेषण के बाद यह ऑपरेशन अंजाम दिया गया।
बरामदगी और आरोप
पुलिस के अनुसार, आरोपियों के कब्ज़े से पाँच अवैध हथियार, 10 जिंदा कारतूस, शहजाद भट्टी नेटवर्क के सदस्य आबिद जट्ट के पोस्टर तथा पुलिसकर्मियों की रेकी और उन्हें धमकी देने से संबंधित वीडियो बरामद किए गए हैं।
स्पेशल सेल के अनुसार, सोहेल ने दिल्ली और फरीदाबाद के कई इलाकों में कथित संगठन 'तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान' के समर्थन में ग्रैफिटी बनाई और उसके वीडियो अपने हैंडलर को भेजे — इसके एवज़ में उसे ₹5,000 दिए गए। सोनू मीणा पर मॉड्यूल के लिए हथियारों की व्यवस्था और आर्थिक सहायता जुटाने का आरोप है; उसके पास से तीन पिस्तौल और कारतूस बरामद हुए। सचिन कुमार मीणा को सोनू का सहयोगी बताया गया है और उसके पास से भी दो पिस्तौल और कारतूस मिले।
मोहम्मद कैफ पर आरोप है कि वह शहजाद भट्टी नेटवर्क के संपर्क में था और उसे पुलिसकर्मियों की हत्या, थानों सहित विभिन्न संस्थानों की रेकी तथा युवाओं की भर्ती के निर्देश मिले थे। मोहम्मद रिहान पर मेरठ में आबिद जट्ट के पोस्टर लगाने और पुलिसकर्मियों पर हमले की तैयारी करने का आरोप लगाया गया है।
पंजाब हत्याकांड से कथित संबंध
स्पेशल सेल का दावा है कि हाल ही में पंजाब के अमृतसर जिले के मजीठा में एक ASI की हत्या की जिम्मेदारी भी इसी कथित संगठन 'तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान' ने ली थी। यह ऐसे समय में सामने आया है जब सुरक्षा एजेंसियाँ उत्तर भारत में ISI-प्रायोजित नेटवर्क की बढ़ती सक्रियता को लेकर पहले से सतर्क हैं।
गौरतलब है कि इस मॉड्यूल के तीन अन्य सदस्य — शोएब, अनमोल राय उर्फ अन्नू और रवि कश्यप — को इससे पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।
कानूनी कार्रवाई और आगे की जाँच
स्पेशल सेल के अधिकारियों ने बताया कि सभी आरोपियों से पूछताछ जारी है। मामले में भारतीय न्याय संहिता और आर्म्स एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। जाँच एजेंसियाँ यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस नेटवर्क के और कितने सक्रिय सदस्य देश के विभिन्न हिस्सों में मौजूद हो सकते हैं।