दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल का बड़ा एक्शन: ISI-अंडरवर्ल्ड नेटवर्क के 9 गिरफ्तार, गैंगस्टर शहजाद भट्टी से जुड़े 600 संदिग्ध रडार पर
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने 30 मई 2026 को पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI और मुंबई अंडरवर्ल्ड नेटवर्क से जुड़े एक सक्रिय मॉड्यूल के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई करते हुए 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच अधिकारियों के अनुसार, देशभर में पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी के संपर्क में रहे करीब 600 संदिग्धों की पहचान की गई है और उनकी गतिविधियों की गहन जांच जारी है।
मुख्य गिरफ्तारियाँ और छापेमारी
इस मामले में मुंबई के कुर्ला इलाके से साजिद महबूब शेख उर्फ अरबाज खान और मुंब्रा क्षेत्र से तौकीर रिजवान शेख को गिरफ्तार किया गया है। दोनों आरोपियों को आगे की पूछताछ के लिए नई दिल्ली लाया गया है। स्पेशल सेल ने मुंबई के कुर्ला और मुंब्रा क्षेत्रों में भी व्यापक छापेमारी और तलाशी अभियान चलाया।
नेटवर्क की कार्यप्रणाली
जांच अधिकारियों का कहना है कि दोनों संदिग्धों को दिल्ली आने के निर्देश दिए गए थे और राजधानी पहुँचने के बाद उन्हें आगे का लक्ष्य या जिम्मेदारी सौंपी जानी थी। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों को दिल्ली यात्रा और अन्य गतिविधियों के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई थी। अधिकारियों के अनुसार यह नेटवर्क सोशल मीडिया सहित अन्य माध्यमों के ज़रिए लोगों को अपने संपर्क में ला रहा था।
600 संदिग्धों की जांच
अधिकारियों के अनुसार, देशभर में करीब 600 लोगों की पहचान की गई है जो किसी न किसी माध्यम से पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी के संपर्क में थे। एजेंसियाँ अब इन सभी लोगों की गतिविधियों, संपर्कों और उनके संभावित संबंधों की गहन जांच कर रही हैं। प्रारंभिक जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इस नेटवर्क का विस्तार किस स्तर तक था और इसके पीछे क्या उद्देश्य था।
फंडिंग के स्रोत की तलाश
सुरक्षा एजेंसियाँ अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि नेटवर्क को मिलने वाली फंडिंग का स्रोत क्या था और इसमें कौन-कौन से लोग शामिल थे। गौरतलब है कि ISI-समर्थित नेटवर्कों द्वारा भारतीय युवाओं को आर्थिक प्रलोभन देकर भर्ती करने के मामले पहले भी सामने आ चुके हैं, जो इस जांच को और अधिक संवेदनशील बनाते हैं।
आगे की कार्रवाई
अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के विरुद्ध भी कार्रवाई की जा सकती है। सुरक्षा एजेंसियाँ इस पूरे मामले को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा संवेदनशील मामला मानते हुए सभी पहलुओं की गहराई से जांच कर रही हैं।