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यूपी एटीएस-एसटीएफ का बड़ा ऑपरेशन: पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी के स्लीपर सेल के 4 सदस्य सहारनपुर से गिरफ्तार

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यूपी एटीएस-एसटीएफ का बड़ा ऑपरेशन: पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी के स्लीपर सेल के 4 सदस्य सहारनपुर से गिरफ्तार

सारांश

यूपी एटीएस और एसटीएफ ने पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी के स्लीपर सेल के चार सदस्यों को सहारनपुर से गिरफ्तार किया। ISI के कथित निर्देश पर सोशल मीडिया के ज़रिए युवाओं को आतंकी नेटवर्क में जोड़ने और संवेदनशील स्थलों की रेकी की साजिश का आरोप है।

मुख्य बातें

यूपी एटीएस और एसटीएफ ने 27 मई 2025 को संयुक्त ऑपरेशन में पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी के स्लीपर सेल के 4 अभियुक्तों को सहारनपुर से गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार अभियुक्त हैं — महकाब (सहारनपुर), गगनदीप उर्फ गुरी सिंह (मुजफ्फरनगर), शाहरुख (सहारनपुर) और मुशर्रफ (हरिद्वार)।
जाँच में सामने आया कि अभियुक्त सोशल मीडिया और वीडियो कॉलिंग के ज़रिए पाकिस्तानी हैंडलर्स के सम्पर्क में थे।
एडीजी अमिताभ यश के अनुसार, ISI के निर्देश पर युवाओं को आर्थिक प्रलोभन देकर आतंकी गतिविधियों में शामिल किया जा रहा था।
संवेदनशील स्थलों की रेकी और आतंकवादी वारदातों की साजिश के आरोप में थाना एटीएस, लखनऊ में अभियोग पंजीकृत।

उत्तर प्रदेश एंटी-टेररिस्ट स्क्वाड (ATS) और स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने 27 मई 2025 को संयुक्त अभियान चलाते हुए पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी के स्लीपर सेल से जुड़े चार संदिग्धों को सहारनपुर से गिरफ्तार किया। जाँच के अनुसार, ये अभियुक्त सोशल मीडिया और वीडियो कॉलिंग के ज़रिए पाकिस्तानी हैंडलर्स के सम्पर्क में थे और देश में आतंकवादी एवं विध्वंसक गतिविधियों की साजिश में शामिल थे।

गिरफ्तार अभियुक्त कौन हैं

गिरफ्तार किए गए चारों अभियुक्तों की पहचान इस प्रकार है — महकाब (निवासी सहारनपुर), गगनदीप उर्फ गुरी सिंह (निवासी मुजफ्फरनगर), शाहरुख (निवासी सहारनपुर) और मुशर्रफ (निवासी हरिद्वार)। इन सभी को यूपी एटीएस ने मंगलवार को संयुक्त जाँच के उपरांत हिरासत में लिया।

साजिश का तरीका: डिजिटल प्लेटफॉर्म का दुरुपयोग

प्रारंभिक जाँच में सामने आया है कि अभियुक्त सोशल मीडिया एवं वीडियो कॉलिंग के माध्यम से पाकिस्तानी हैंडलर्स के निरंतर सम्पर्क में थे। इनके विरुद्ध संवेदनशील स्थलों की रेकी, युवाओं को नेटवर्क में जोड़ने और आतंकवादी गतिविधियों की योजना बनाने के तथ्य सामने आए हैं। इस मामले में थाना एटीएस, लखनऊ में सुसंगत धाराओं के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत कर अग्रिम विधिक कार्रवाई जारी है।

एडीजी का बयान: ISI के इशारे पर चल रही थी साजिश

एडीजी (कानून-व्यवस्था) अमिताभ यश ने इस मामले में वीडियो बयान जारी करते हुए कहा कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के निर्देश पर गैंगस्टर शहजाद भट्टी सोशल मीडिया के ज़रिए भारतीय युवाओं को भ्रमित कर रहा था। उन्होंने बताया कि आर्थिक लाभ का प्रलोभन देकर युवाओं को आतंकवादी गतिविधियों में शामिल करने की कोशिश की जा रही थी।

ऑपरेशन का दायरा: पूरे प्रदेश में खंगाले गए संदिग्ध

यूपी एटीएस और एसटीएफ ने इस ऑपरेशन के तहत प्रदेश भर से संदिग्ध व्यक्तियों को चिह्नित कर जाँच की। अधिकारियों के अनुसार, पाकिस्तानी गैंगस्टर का मुख्य उद्देश्य अधिक से अधिक युवाओं को अपने स्लीपर सेल नेटवर्क में जोड़कर देश के भीतर आतंकवादी वारदातों को अंजाम देना था। यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश में डिजिटल माध्यमों से संचालित आतंकी नेटवर्क के विरुद्ध अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक मानी जा रही है। आगे की जाँच जारी है और अन्य संदिग्धों की तलाश भी की जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

या इस नेटवर्क की डिजिटल जड़ों को काटने के लिए एक व्यापक साइबर-इंटेलिजेंस रणनीति की भी ज़रूरत है। गौरतलब है कि यूपी एटीएस पिछले कुछ वर्षों में ऐसे कई स्लीपर सेल ध्वस्त कर चुकी है, फिर भी नेटवर्क की पुनर्सक्रियता यह दर्शाती है कि भर्ती प्रक्रिया लगातार जारी है।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यूपी एटीएस ने किसे और कहाँ से गिरफ्तार किया?
यूपी एटीएस ने पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी के स्लीपर सेल से जुड़े चार अभियुक्तों — महकाब, गगनदीप उर्फ गुरी सिंह, शाहरुख और मुशर्रफ — को सहारनपुर से गिरफ्तार किया। ये अभियुक्त सहारनपुर, मुजफ्फरनगर और हरिद्वार के निवासी हैं।
इन अभियुक्तों पर क्या आरोप हैं?
प्रारंभिक जाँच के अनुसार, अभियुक्त सोशल मीडिया और वीडियो कॉलिंग के ज़रिए पाकिस्तानी हैंडलर्स के सम्पर्क में थे। इन पर संवेदनशील स्थलों की रेकी करने, युवाओं को आतंकी नेटवर्क में जोड़ने और विध्वंसक गतिविधियों की साजिश में शामिल होने के आरोप हैं।
पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी का क्या मकसद था?
एडीजी अमिताभ यश के अनुसार, ISI के निर्देश पर शहजाद भट्टी सोशल मीडिया के ज़रिए भारतीय युवाओं को आर्थिक प्रलोभन देकर आतंकी गतिविधियों के लिए भर्ती कर रहा था। उसका मकसद अधिक युवाओं को स्लीपर सेल में शामिल कर देश में आतंकवादी वारदातों को अंजाम देना था।
इस मामले में कानूनी कार्रवाई क्या हुई है?
थाना एटीएस, लखनऊ में सुसंगत धाराओं के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत किया गया है और अग्रिम विधिक कार्रवाई जारी है। अधिकारियों के अनुसार अन्य संदिग्धों की तलाश भी की जा रही है।
यूपी एटीएस और एसटीएफ ने यह ऑपरेशन कैसे चलाया?
यूपी एटीएस और एसटीएफ ने संयुक्त जाँच के बाद प्रदेश भर से संदिग्ध व्यक्तियों को चिह्नित किया और उनकी छानबीन की। इसके बाद मंगलवार को सहारनपुर में छापा मारकर चार अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया।
राष्ट्र प्रेस
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