एनआईए की पंजाब-हरियाणा में 18 ठिकानों पर छापेमारी, आतंकी शहजाद भट्टी के नेटवर्क पर शिकंजा
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (एनआईए) ने मंगलवार, 9 जून 2026 को पाकिस्तान स्थित आतंकवादी शहजाद भट्टी से जुड़े तीन टेरर-गैंगस्टर नेटवर्क मामलों की जाँच के तहत पंजाब और हरियाणा के नौ जिलों में 18 ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया। इस कार्रवाई में कई डिजिटल उपकरण और दस्तावेज जब्त किए गए तथा सीमा पार से संचालित आतंकी साजिश की कड़ियाँ जोड़ने के लिए अनेक संदिग्धों से पूछताछ की गई।
तलाशी अभियान का विवरण
एनआईए की टीमों ने दोनों राज्यों में एक साथ छापेमारी करते हुए संदिग्धों की गतिविधियों, संचार नेटवर्क और वित्तीय लेन-देन से जुड़ी अहम जानकारी हासिल की। जब्त किए गए सभी डिजिटल उपकरण और दस्तावेज फॉरेंसिक व तकनीकी जाँच के लिए भेजे गए हैं। इसके अलावा कुछ व्यक्तियों को आगे की पूछताछ के लिए जाँच में शामिल होने के नोटिस भी जारी किए गए हैं।
शहजाद भट्टी से जुड़े मामले
गौरतलब है कि गैंगस्टर से आतंकवादी बने शहजाद भट्टी को अप्रैल 2026 में एनआईए ने भगोड़ा घोषित किया था। एजेंसी की जाँच में मार्च 2025 में जालंधर, पंजाब में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर रोजर संधू के घर पर हुए ग्रेनेड हमले का सीधा संबंध भट्टी से पाया गया है। उस मामले में एनआईए ने अप्रैल 2026 में भट्टी सहित एक अन्य आरोपी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी।
हरियाणा के धमाकों से कनेक्शन
जाँच में यह भी सामने आया है कि भट्टी ने नवंबर 2025 में सिरसा, हरियाणा के महिला पुलिस स्टेशन में हुए धमाके और जनवरी 2026 में अंबाला, हरियाणा के बलदेव नगर पुलिस स्टेशन में हुए कार बम धमाके की भी कथित तौर पर साजिश रची थी। सिरसा मामले में मई 2026 में एनआईए ने भट्टी और पाकिस्तान स्थित हैंडलर सोहेल अहमद उर्फ सोहेल बलोच समेत नौ लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। बलदेव नगर मामले में गिरफ्तार एक आरोपी भट्टी के सीधे संपर्क में पाया गया था।
सीमा पार साजिश की जाँच
यह ऐसे समय में आया है जब एनआईए पाकिस्तान से संचालित आतंकी-गैंगस्टर गठजोड़ की जड़ें खोदने में जुटी है। तीनों मामलों में एक साझा धागा पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स का है, जो भारत में स्थानीय गैंगस्टरों के जरिए हमलों को अंजाम देते हैं। एनआईए के अनुसार, आज की तलाशी का मुख्य उद्देश्य भट्टी के सहयोगियों और आतंकी साजिश में शामिल अन्य व्यक्तियों की पहचान करना था।
आगे क्या होगा
जब्त साक्ष्यों की फॉरेंसिक जाँच जारी है और नोटिस प्राप्त व्यक्तियों की पूछताछ के बाद नए खुलासे संभव हैं। एनआईए तीनों मामलों में सीमा पार के सभी संपर्कों और वित्तपोषण के स्रोतों का पता लगाने की कोशिश कर रही है।