महाराष्ट्र एटीएस की बड़ी कार्रवाई: पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी और डोगरा गिरोह के खिलाफ 9 शहरों में एक साथ छापेमारी

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महाराष्ट्र एटीएस की बड़ी कार्रवाई: पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी और डोगरा गिरोह के खिलाफ 9 शहरों में एक साथ छापेमारी

सारांश

महाराष्ट्र एटीएस ने 13 मई को पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी और डोगरा गिरोह के कथित नेटवर्क के खिलाफ एक साथ 9 शहरों में छापेमारी की। खुफिया जानकारी के आधार पर शुरू इस अभियान में डिजिटल उपकरण जब्त किए गए और हवाला लेनदेन की जांच की जा रही है — यह संकेत है कि सीमा पार गैंगस्टर सोशल मीडिया के ज़रिए युवाओं को भर्ती कर रहे थे।

मुख्य बातें

महाराष्ट्र एटीएस ने 13 मई, बुधवार सुबह 8 बजे पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी और डोगरा गिरोह के नेटवर्क के खिलाफ छापेमारी शुरू की।
छापेमारी नालासोपारा, मीरा रोड, नागपुर, पुणे, मुंबई, अकोला, नांदेड़, नासिक और जलगांव — कुल 9 स्थानों पर एक साथ की गई।
जांचकर्ताओं ने लैपटॉप, मोबाइल फोन, पेन ड्राइव और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए।
कथित तौर पर पाकिस्तान से हवाला चैनलों के ज़रिए फंडिंग की जांच की जा रही है।
अधिकारियों के अनुसार, गिरोह सोशल मीडिया के माध्यम से महाराष्ट्र के युवाओं को भर्ती कर रहे थे।
हिरासत में लिए गए व्यक्तियों की सटीक संख्या एटीएस ने अभी तक सार्वजनिक नहीं की है।

महाराष्ट्र आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) ने बुधवार, 13 मई को पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी और डोगरा गिरोह के कथित नेटवर्क के खिलाफ राज्यव्यापी अभियान शुरू किया। सुबह 8 बजे एक साथ शुरू हुई यह समन्वित छापेमारी नालासोपारा, मीरा रोड, नागपुर, पुणे, मुंबई, अकोला, नांदेड़, नासिक और जलगांव — कुल 9 स्थानों पर की गई। अधिकारियों के अनुसार, इस अभियान का मुख्य उद्देश्य पाकिस्तान-स्थित इन गिरोहों से कथित तौर पर जुड़े व्यक्तियों की पहचान करना और उन्हें पूछताछ के लिए रोकना है।

अभियान का दायरा और लक्ष्य

अधिकारियों ने बताया कि एटीएस की यह कार्रवाई मुख्य रूप से इन गिरोहों से जुड़ी कथित 'स्लीपर सेल', स्थानीय गुर्गों और संभावित सहायता प्रणालियों की पहचान पर केंद्रित है। जांच एजेंसियों के अनुसार, समय-समय पर मिली खुफिया जानकारियों से संकेत मिला था कि सीमा पार से सक्रिय ये गैंगस्टर कथित तौर पर सोशल मीडिया के माध्यम से महाराष्ट्र के युवाओं को प्रभावित कर रहे थे और उन्हें अपने आपराधिक नेटवर्क में भर्ती कर रहे थे।

अधिकारियों ने दावा किया कि इन समूहों ने कथित तौर पर स्थानीय युवाओं को शानदार जीवनशैली और आर्थिक लाभ का प्रलोभन देकर अपने नेटवर्क में खींचने की कोशिश की। इसका उद्देश्य राज्य के विभिन्न हिस्सों में अपना प्रभाव बढ़ाना बताया गया है।

छापेमारी में क्या बरामद हुआ

छापेमारी के दौरान एटीएस अधिकारियों ने संदिग्धों से जुड़े स्थानों से लैपटॉप, मोबाइल फोन, पेन ड्राइव और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए। जांचकर्ता संदिग्धों के बैंक खातों और वित्तीय लेनदेन की भी बारीकी से जांच कर रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार, यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या पाकिस्तान या अन्य विदेशी स्थानों से कथित तौर पर अवैध हवाला चैनलों के माध्यम से धनराशि भेजी जा रही थी।

डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण

अधिकारियों ने बताया कि तलाशी के दौरान बरामद डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण किया जा रहा है। इसका मकसद कथित नेटवर्क के विस्तार का पता लगाना और उन अतिरिक्त व्यक्तियों की पहचान करना है, जो इन गैंगस्टरों या उनसे जुड़े अन्य मॉड्यूल के संपर्क में हो सकते हैं। गौरतलब है कि एटीएस ने अभी तक पूछताछ के लिए हिरासत में लिए गए या रोके गए व्यक्तियों की सटीक संख्या का खुलासा नहीं किया है।

हथियार तस्करी और बड़ी साजिश रोकने का प्रयास

अधिकारियों के अनुसार, इस अभियान का एक प्रमुख उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हथियारों की तस्करी या किसी भी बड़ी साजिश को उसके आकार लेने से पहले ही नाकाम किया जा सके। कई एटीएस टीमें वर्तमान में इस व्यापक तलाशी और सत्यापन अभियान में जुटी हुई हैं। अधिकारियों ने बताया कि संदिग्ध नेटवर्क की कथित अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय संपर्कों के संबंध में आगे की जांच जारी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

हिरासत में लिए गए लोगों की संख्या और बरामद साक्ष्यों की प्रकृति अभी सार्वजनिक नहीं की गई है, जिससे अभियान की वास्तविक सफलता का आकलन करना अभी जल्दबाज़ी होगी। असली सवाल यह है कि क्या डिजिटल और वित्तीय साक्ष्य किसी ठोस अभियोजन की नींव बन सकते हैं, या यह अभियान केवल निवारक प्रदर्शन तक सिमट जाएगा।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महाराष्ट्र एटीएस ने यह छापेमारी क्यों की?
अधिकारियों के अनुसार, खुफिया जानकारी मिली थी कि पाकिस्तान-स्थित गैंगस्टर शहजाद भट्टी और डोगरा गिरोह सोशल मीडिया के ज़रिए महाराष्ट्र के युवाओं को अपने आपराधिक नेटवर्क में भर्ती कर रहे थे। इसी के आधार पर 13 मई को 9 शहरों में एक साथ छापेमारी शुरू की गई।
छापेमारी किन-किन शहरों में हुई?
एटीएस की यह कार्रवाई नालासोपारा, मीरा रोड, नागपुर, पुणे, मुंबई, अकोला, नांदेड़, नासिक और जलगांव — कुल 9 स्थानों पर एक साथ की गई। यह अभियान बुधवार सुबह 8 बजे शुरू हुआ।
छापेमारी में क्या-क्या जब्त किया गया?
एटीएस ने संदिग्धों के ठिकानों से लैपटॉप, मोबाइल फोन, पेन ड्राइव और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए। इसके अलावा संदिग्धों के बैंक खातों और वित्तीय लेनदेन की भी जांच की जा रही है।
शहजाद भट्टी और डोगरा गिरोह पर क्या आरोप हैं?
कथित तौर पर ये गिरोह पाकिस्तान से सोशल मीडिया के ज़रिए भारतीय युवाओं को भर्ती करते थे और हवाला चैनलों से फंडिंग करते थे। अधिकारियों के अनुसार, हथियारों की तस्करी और बड़ी साजिश रचने की आशंका भी जांच के दायरे में है।
अभी तक कितने लोगों को हिरासत में लिया गया है?
एटीएस ने अभी तक पूछताछ के लिए हिरासत में लिए गए या रोके गए व्यक्तियों की सटीक संख्या सार्वजनिक नहीं की है। जांच जारी है और अतिरिक्त व्यक्तियों की पहचान की प्रक्रिया चल रही है।
राष्ट्र प्रेस